फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
एम्स रायबरेली द्वारा गुणात्मक अनुसंधान, एनविवो 15 और एआई पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

 

 

रायबरेली — एम्स रायबरेली के कम्युनिटी मेडिसिन और पब्लिक हेल्थ विभाग द्वारा 21-22 अगस्त, 2026 को “क्वालिटेटिव रिसर्च एंड डेटा एनालिसिस यूजिंग एनविवो 15 एंड एआई” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन एम्स रायबरेली की कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) अमिता जैन द्वारा किया गया। अपने उद्घाटन भाषण में, उन्होंने स्वास्थ्य सेवा अनुसंधान में गुणात्मक पद्धतियों (क्वालिटेटिव मेथोडोलॉजी) के बढ़ते महत्व पर जोर दिया।

यह दो दिवसीय कार्यक्रम गुणात्मक अनुसंधान के पूरे प्रवाह को कवर करता था, जिसमें मूलभूत सिद्धांतों, व्यावहारिक अभ्यासों और उन्नत विश्लेषणात्मक सॉफ्टवेयर का सहज मिश्रण शामिल था। वैज्ञानिक सत्रों की शुरुआत डॉ. मुकेश शुक्ला ने गुणात्मक अध्ययनों में निहित मुख्य सिद्धांतों, सिद्धांतों, नमूनाकरण (सैंपलिंग) रणनीतियों और नैतिक विचारों का परिचय देकर की। डेटा प्रबंधन की दिशा में आगे बढ़ते हुए, डॉ. अभय सिंह ने प्रतिभागियों को साक्षात्कार गाइड से ट्रांसक्रिप्ट तक के सफर की जानकारी दी। इसके बाद डॉ. नीरज पवार ने गुणात्मक डेटा विश्लेषण, कोडिंग रणनीतियों और विषयगत व्याख्या (थिमैटिक इंटरप्रिटेशन) पर अपना सत्र प्रस्तुत किया।

अवधारणात्मक शिक्षण को मजबूत करने के लिए, प्रतिभागियों ने इंटरैक्टिव समूह गतिविधियों में भाग लिया, जहाँ उन्होंने शोध प्रश्न तैयार किए, साक्षात्कार गाइड बनाए और मॉक डेटा संग्रह सत्र आयोजित किए। प्रौद्योगिकी का एकीकरण इस कार्यशाला का एक प्रमुख आकर्षण था, जिसमें डॉ. सौरभ पॉल ने एनविवो 15 सॉफ्टवेयर पर व्यावहारिक (हैंड्स-ऑन) मॉड्यूल का संचालन किया। प्रतिभागियों ने कोडिंग संरचनाओं को समझना, एनोटेशन और सब-कोड बनाना, रिपोर्टिंग दिशानिर्देशों का पालन करना और विजुअल कॉन्सेप्ट, माइंड और प्रोसेस मैप तैयार करना सीखा। इसके अलावा, डॉ. भोला नाथ, विभागाध्यक्ष, सामुदायिक चिकित्सा विभाग ने गुणात्मक अनुसंधान में एआई के अनुप्रयोगों और नैतिकता का परिचय दिया, जिसमें प्रतिभागियों को ट्रांसक्रिप्ट से थीम और सारांश उत्पन्न करने के लिए एआई टूल्स का उपयोग करने का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया, साथ ही मानव विश्लेषण के साथ एआई आउटपुट का तुलनात्मक मूल्यांकन भी किया गया।

कार्यशाला का समापन 22 अगस्त को प्रतिभागियों के साथ इंटरैक्टिव फीडबैक सत्र और प्रमाण पत्र वितरण के साथ हुआ। इस पहल ने विभिन्न कॉलेजों के संकाय सदस्यों और रेजिडेंट डॉक्टरों को स्वास्थ्य सेवा और सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए आधुनिक पद्धतियों से सफलतापूर्वक लैस किया।

गरीब बच्चों के लिए निःशुल्क लाइब्रेरी और जरूरतमंदों के लिए विधिक परामर्श केंद्र समय की जरूरत : कर्नल कमलेश चन्द्रा

 

रायबरेली। रैदास आश्रम सामुदायिक केन्द्र/सन्त शिरोमणि गुरु रविदास मन्दिर, रफी नगर रायबरेली में आश्रम के विकास, सुचारू संचालन तथा आगामी माघ पूर्णिमा 2027 को सतगुरु रविदास जी की 650वीं जयंती भव्य रूप से मनाए जाने को लेकर आश्रम व्यवस्थापकों की कोर टीम, अम्बेडकरवादी, बहुजनवादी, संविधान पसंद, समतावादी धम्म बंधुओं एवं रविदास अनुयायियों की आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आश्रम के संचालक एवं संरक्षक श्रद्धेय कर्नल कमलेश चन्द्रा जी ने की, जबकि संचालन आश्रम के संयोजक राजेश कुरील ने किया।

बैठक में आश्रम के मुख्य व्यवस्थापक इंजी. एस.के. आर्या ने विगत दो वर्षों में आश्रम में किए गए विकास कार्यों तथा आय-व्यय से संबंधित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। वहीं आश्रम के सह-संयोजक विमल किशोर सबरा ने आगामी माघ पूर्णिमा पर सतगुरु रविदास जी की 650वीं जयंती को भव्य रूप से मनाने तथा उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से पूरे जनपद में गांव-गांव कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने श्रावण पूर्णिमा से रविदास जी की झांकियां एवं यात्राएं निकाले जाने का भी सुझाव दिया।

बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष एवं आश्रम के संचालक/संरक्षक कर्नल कमलेश चन्द्रा ने कहा कि बाबू बैजनाथ कुरील रायबरेली के प्रथम सांसद थे और उन्होंने अपने जीवन को गरीब, वंचित एवं शोषित वर्ग के उत्थान के लिए समर्पित किया। उन्होंने गरीबों, वंचितों एवं भूमिहीनों के हित में कार्य करने के साथ ही समाज के छात्रों की शिक्षा और बेरोजगारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए।

कर्नल कमलेश चन्द्रा ने कहा कि बाबू बैजनाथ कुरील के अथक प्रयासों से सामाजिक, धार्मिक, शैक्षिक एवं वैवाहिक कार्यक्रमों के संचालन के लिए जिला प्रशासन से वर्ष 1958 में भूमि आवंटित कराकर रैदास आश्रम सामुदायिक केन्द्र की स्थापना कराई गई थी। उनके कार्यों और सपनों को आगे बढ़ाना आज समाज की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा, “समाज के गरीब बच्चों को उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क लाइब्रेरी तथा गरीब, असहाय एवं पीड़ित पुरुषों-महिलाओं के लिए निःशुल्क विधिक परामर्श केन्द्र संचालित किया जाना आज की आवश्यकता है।” उन्होंने कहा कि आश्रम को सामाजिक, शैक्षिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र बनाने की दिशा में सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए।

उन्होंने आगामी माघ पूर्णिमा 2027 में सतगुरु रविदास जी की 650वीं जयंती को भव्य रूप से मनाने तथा उनके विचारों और निर्गुण भक्ति की शिक्षाओं को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

बैठक में वीरेन्द्र कुरील, नरेन्द्र कुरील, चन्द्र शेखर बौद्ध, रामेश्वर सिंह मौर्य, हरिप्रसाद शास्त्री, सुनीता अम्बेडकर, एडवोकेट रामेश्वर भारती, एडवोकेट श्रेयांश चंद्रा, सत्येश गौतम, एन.के. स्वामी, राम कुमार, विजय भीम, मास्टर श्रीराम वर्मा सहित दर्जनों रविदास अनुयायी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी उपस्थित सदस्यों ने आश्रम द्वारा समाजहित में संचालित किए जाने वाले शैक्षिक, सामाजिक एवं विधिक सहायता संबंधी कार्यों को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

पीडीए के साथ अन्याय कर रही सरकार-श्यामलाल पाल*

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देशानुसार विधानसभा क्षेत्र बछरावा के महाराज टाऊन में समाजवादी पीडीए कार्यकर्ता सम्मेलन विधायक श्यामसुन्दर भारती के नेतृत्व में आयोजित किया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष इ.वीरेंद्र यादव ने किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि बीजेपी सरकार पीडीए समाज के लोगों के साथ भेदभाव अन्याय एवं उत्पीड़न कर रही है किसान मजदूर छात्र नौजवान दुखी एवं हताश है।किसानों को समितियों में डीएपी यूरिया खाद नहीं मिल रही है सरकारी ट्यूबवेल खराब पड़े हैं परंतु योगी सरकार को अन्नदाताओं की चिंता नहीं है।योगी राज में पेपर लीक का रिकॉर्ड बन चुका है छात्र नौजवान भविष्य को लेकर चिंतित एवं सड़कों पर आंदोलनरत है।प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने समाज के प्रत्येक वर्ग का ध्यान दिया है उन्होंने उपस्थित हजारों लोगों का आहवान किया कि आगामी चुनाव में पीडीए एकजुट होकर समाजवादी पार्टी की सरकार बनायें।
प्रदेश महासचिव एवं विधायक अताउर्रहमान ने कहा कि बीजेपी हिंदू मुस्लिम में भेद एवं नफ़रत फैलाने का खेल करती रही है लेकिन उनके मंसूबे कामयाब नहीं होंगे प्रदेश का आमजनमानस बीजेपी सरकार को बाहर करेगी।
सम्मेलन में उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष इ.वीरेंद्र यादव ने कहा कि बछरावा विधानसभा क्षेत्र के सपा विधायक के साथ भाजपा सरकार सौतेला व्यवहार कर विकास कार्य अवरोधित रही है क्षेत्र का सर्वांगीण विकास समाजवादी पार्टी की अखिलेश यादव तत्कालीन मुख्यमंत्री की सरकार में हुआ था क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था कन्नावा,विशुनपुर,बेड़ारू,ओसाह,चंदापुर,शिवगढ़ में पॉवर हाउस,चंदापुर में 230 के.वी.सौर ऊर्जा प्लांट लगाकर अठारह घंटे आपूर्त कर आमजनों को सहूलियत प्रदान किया साथ ही शिक्षा क्षेत्र में राजकीय पॉलिटेक्निक,इंटर कॉलेज बनाने एवं अनेकों बड़े मार्गों की स्थापना करायी परंतु भाजपा सरकार में कोई जनहित की परियोजना नहीं बनायी।
क्षेत्रीय विधायक श्याम सुंदर भारती ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में बछरावाँ विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ता उत्साहित एवं सक्रिय हैं बीजेपी सरकार विकास कार्यों में अवरोध पैदा कर सकती है परंतु आगामी चुनाव में पीडीए के लोगों की एकजुटता से सपा रिकार्ड मतों से इसबार जीत हासिल करेगी।
समाजवादी पीडीए सम्मेलन को विधायक चंद्र प्रकाश लोधी,विधायक राहुल लोधी,प्रदेश सचिव गिरधारी लाल लोधी,डा.शशिकांत शर्मा,विधानसभा अध्यक्ष ब्रजेन्द्र चौधरी,जिला उपाध्यक्ष मुनेश्वर पासी,हसीन अहमद,मेहरबान सिंह,राजेश मौर्य,प्रदेश सचिव दिनेश यादव,ब्लॉक अध्यक्ष समर बहादुर यादव,भानू प्रकाश पटेल,देशराज यादव,जिला सचिव प्रमोद पटेल,वीरेंद्र बहादुर,राजेश यादव,राजकुमार लोधी ने संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी की नीतियों विचारधारा पर विचार व्यक्त किया।इस अवसर पर कार्यक्रम को छोटेलाल यादव,डा.अखिलेश पासी,जिला पंचायत सदस्य आलोक यादव जितेंद्र यादव,आशीष चौधरी,उदय सिंह यादव,अरुण प्रताप यादव,धीरेंद्र राजू,शोभनाथ वैश्य,फिरोज अहमद,शिवम यादव,अमित त्रिपाठी,आदर्श भारती,मो.मुशीर श्रवण आज़ाद,हरीश चौरसिया,कमलाकर विक्रमादित्य,राममिलन गौतम,प्रदीप बाजपेयी,अखिलेश यादव,रामसनेही यादव,मुनेश्वर रावत,आशीष पटेल,आफ़ताब आलम,बाबू यादव,प्रशांत लोहिया,वीरेंद्र यादव,ब्रजेश यादव,विनय यादव सहित अनेकों लोगों ने संबोधित किया।
समाजवादी पीडीए सम्मेलन में हज़ारों लोगों का हुजूम मौजूद रहा।

दो अवैध पिस्टल और चार मैगजीन के साथ युवक गिरफ्तार, लखनऊ सप्लाई की बात सामने आई

Screenshot 20260823 191438

संत कबीर नगर, 23 अगस्त।


संत कबीर नगर में अवैध हथियारों की कथित तस्करी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने का दावा किया है। कोतवाली खलीलाबाद पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम की कार्रवाई में पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से दो 32 बोर पिस्टल और चार मैगजीन बरामद हुईं। पुलिस का कहना है कि हथियारों को लखनऊ पहुंचाने की तैयारी थी। मामले में आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।

Screenshot 20260823 191438 1

सारांश

पुलिस के अनुसार 22 अगस्त की देर रात मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर हनुमान मंदिर, एनएच-28 स्थित रसूलाबाद तिराहे के पास कार्रवाई की गई। पुलिस ने चन्द्रप्रकाश सिंह नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। उसके कब्जे से दो कथित अवैध 32 बोर पिस्टल और चार मैगजीन बरामद होने की बात कही गई है। पुलिस के मुताबिक बरामद हथियारों से कुल 14 राउंड फायर किए जाने की क्षमता बताई गई है।

पुलिस की सूचना पर हुई कार्रवाई

अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के अनुसार, कोतवाली खलीलाबाद पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम को अवैध हथियारों की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने रसूलाबाद तिराहे के पास घेराबंदी कर संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान चन्द्रप्रकाश सिंह, निवासी ग्राम बढ़या ठाठर, थाना मेहदावल, संत कबीर नगर के रूप में हुई है।

दो पिस्टल और चार मैगजीन बरामद करने का दावा

पुलिस का दावा है कि तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से दो 32 बोर पिस्टल और कुल चार मैगजीन बरामद की गईं। पुलिस के अनुसार इनमें दो मैगजीन पिस्टल के साथ थीं, जबकि दो अतिरिक्त मैगजीन बरामद हुईं।

पुलिस ने बरामद हथियारों की क्षमता के संबंध में 14 राउंड फायर किए जाने की बात बताई है। बरामदगी के संबंध में पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

लखनऊ में सप्लाई की बात—पुलिस के अनुसार

पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा कथित रूप से बताया गया कि दोनों पिस्टल और मैगजीन उसे उसके दो साथियों ने लखनऊ में किसी व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए दी थीं।

हालांकि, लखनऊ में हथियार किस व्यक्ति को पहुंचाए जाने थे, हथियार कहां से आए और आरोपी के बताए दोनों कथित साथियों की भूमिका क्या है—इन बिंदुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

जांच में खुल सकते हैं हथियार सप्लाई नेटवर्क के राज

पुलिस कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा हथियारों के स्रोत और संभावित नेटवर्क तक पहुंचने की दिशा में बढ़ सकता है। पुलिस आरोपी से पूछताछ के आधार पर उसके कथित साथियों और हथियारों की आपूर्ति से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

FT News Digital की टिप्पणी

अवैध हथियारों की बरामदगी से जुड़ी पुलिस कार्रवाई निश्चित रूप से गंभीर विषय है, लेकिन गिरफ्तारी या बरामदगी को अंतिम दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों और बरामदगी के दावों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होगी। इसलिए खबर में पुलिस के दावे को उसी रूप में प्रस्तुत किया गया है।

रिपोर्टर सेफ्टी नोट: इस समाचार में किसी व्यक्ति को अपराधी या दोषी घोषित नहीं किया गया है। “पुलिस के अनुसार”, “पुलिस का दावा” और “आरोपी के कथित बयान” जैसे शब्द इसलिए इस्तेमाल किए गए हैं ताकि खबर तथ्यात्मक, संतुलित और कानूनी रूप से सुरक्षित रहे।

 

“तुम मेरी नहीं तो किसी की नहीं…” — वाराणसी में इकलौती बेटी की दर्दनाक

 

18 अगस्त को कॉलेज के लिए निकली श्रेया… दो दिन बाद बंद कमरे के बाथरूम में मिली लाश; कथित प्रेमी पर परिजनों का आरोप, पुलिस की चार टीमें त

एक नजर में पूरा मामला

मृतका: श्रेया उपाध्याय

उम्र: करीब 21–22 वर्ष

पढ़ाई: M.Sc. प्रथम वर्ष

इलाका: मरुई-जमुनी, राजातालाब, वाराणसी

घटना स्थल: बच्छांव-पश्चिमपुरा, रोहनिया

लापता: 18 अगस्त 2026

शव बरामद: 20 अगस्त 2026

पुलिस जांच: हत्या का मुकदमा और फोरेंसिक जांच

मुख्य संदिग्ध: विवेक चौबे

पुलिस कार्रवाई: तलाश के लिए चार टीमें गठित


दो दिन की तलाश का खौफनाक अंत

जिस बेटी को परिवार 18 अगस्त से तलाश रहा था, उसकी तलाश 20 अगस्त को ऐसे कमरे में जाकर खत्म हुई, जिसकी कल्पना शायद किसी ने नहीं की थी। पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार श्रेया का शव बच्छांव-पश्चिमपुरा स्थित किराये के कमरे के बाथरूम से मिला।

परिजनों के मुताबिक उन्हें एक युवक विवेक चौबे पर संदेह हुआ। उसके ननिहाल से मिले बैग में कमरे की चाबी मिलने की बात सामने आई। चाबी से कमरा खोला गया तो अंदर श्रेया का शव मिला।


वाराणसी। जिस घर में 22 साल की बेटी के लौटने का इंतजार हो रहा था, वहां अब मातम है। श्रेया उपाध्याय 18 अगस्त को रोज की तरह कॉलेज के लिए निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। परिवार ने तलाश शुरू की, पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई गई और मोबाइल लोकेशन के आधार पर खोजबीन आगे बढ़ी।

लेकिन 20 अगस्त को बच्छांव-पश्चिमपुरा के एक किराये के कमरे का दरवाजा खुला तो सामने आया ऐसा सच, जिसने पूरे परिवार को तोड़ दिया। कमरे के बाथरूम से श्रेया का शव बरामद हुआ।

📰 पूरी खबर

वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र में सामने आया यह मामला सिर्फ एक हत्या की जांच नहीं, बल्कि एक परिवार के उस दर्द की कहानी है जिसने अपनी इकलौती बेटी को खो दिया।

श्रेया उपाध्याय M.Sc. प्रथम वर्ष की छात्रा थीं। रिपोर्टों के मुताबिक 18 अगस्त को वह कॉलेज जाने के लिए घर से निकलीं, लेकिन शाम तक घर नहीं लौटीं। परिवार ने कॉलेज में जानकारी की तो उनके वहां नहीं पहुंचने की बात सामने आई। इसके बाद राजातालाब थाने में गुमशुदगी की सूचना दी गई।

मोबाइल लोकेशन ने जांच को बच्छांव तक पहुंचाया

जांच के दौरान श्रेया के मोबाइल की लोकेशन बच्छांव क्षेत्र के आसपास मिलने की जानकारी सामने आई। इसी बीच विवेक चौबे का नाम जांच के दायरे में आया। रिपोर्टों के मुताबिक विवेक ने बच्छांव-पश्चिमपुरा में कमरा किराये पर लिया था।

परिजन उसकी तलाश में उसके ननिहाल तक पहुंचे। वहां बाइक और बैग मिलने तथा बैग से कमरे की चाबी मिलने की बात सामने आई। इसके बाद परिजन बच्छांव स्थित कमरे तक पहुंचे।

दरवाजा खुला तो बाथरूम में श्रेया का शव मिला। पुलिस को सूचना दी गई और मौके पर फोरेंसिक टीम समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने पहुंचकर जांच की।

गला और सिर पर चोट के निशान

मीडिया रिपोर्टों में पुलिस की प्रारंभिक जांच के हवाले से श्रेया के गले पर धारदार हथियार से चोट और सिर पर भारी वस्तु से चोट के निशान मिलने की जानकारी दी गई है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट मामले की जांच में अहम भूमिका निभाएगी।

विवेक पर आरोप, तलाश में चार टीमें

परिजनों ने विवेक चौबे पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की है। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है और उसकी तलाश के लिए चार पुलिस टीमें लगाई गई हैं।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी व्यक्ति पर लगाया गया आरोप अदालत में दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं होता। अंतिम सत्य पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही सामने आएगा।

शादी का एंगल… लेकिन सच अभी जांच में

मामले में श्रेया की शादी से जुड़ा पहलू भी सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार परिवार ने श्रेया की शादी दूसरी जगह तय की थी और नवंबर में सगाई तथा अगले वर्ष शादी की तैयारी थी।

परिजनों का आरोप है कि विवेक इस रिश्ते से नाराज था। यही बात जांच के संभावित कारणों में शामिल बताई जा रही है। हालांकि शादी तय होना हत्या का कारण था, यह अभी जांच से अंतिम रूप से साबित नहीं हुआ है।

जमीन का मामला भी जांच के घेरे में

परिजनों की ओर से संपत्ति को लेकर भी आरोप सामने आए हैं। परिवार का दावा है कि उनकी जमीन को लेकर विवाद था और इसी वजह से शादी के लिए दबाव बनाया जा रहा था।

लेकिन यह भी फिलहाल परिजनों का आरोप और जांच का एक संभावित एंगल है। इसे हत्या की प्रमाणित वजह बताना अभी उचित नहीं होगा।

सबसे बड़ा सवाल—श्रेया उस कमरे तक कैसे पहुंचीं?

अब पुलिस जांच के सामने कई अहम सवाल हैं—

18 अगस्त को श्रेया घर से निकलने के बाद बच्छांव कैसे पहुंचीं?

कमरे तक उन्हें कौन लेकर गया?

घटना के समय कमरे में कौन मौजूद था?

हत्या में इस्तेमाल हथियार कहां है?

विवेक घटना के बाद कहां गया?

मोबाइल और दूसरे तकनीकी साक्ष्य क्या बताते हैं?

शादी और संपत्ति से जुड़े आरोपों की वास्तविकता क्या है?

घटना की पूरी कड़ी फोरेंसिक साक्ष्यों से कैसे जुड़ती है?

इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

पुलिस की कार्रवाई

मामले में पुलिस ने गुमशुदगी की जांच को हत्या के मामले की दिशा में आगे बढ़ाया है। घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। संदिग्ध युवक की तलाश के लिए चार टीमें लगाए जाने की जानकारी सामने आई है।

सारांश

वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र में 21–22 वर्षीय M.Sc. छात्रा श्रेया उपाध्याय की हत्या का मामला सामने आया है। वह 18 अगस्त को कॉलेज के लिए निकली थीं और वापस नहीं लौटीं। 20 अगस्त को बच्छांव-पश्चिमपुरा के एक किराये के कमरे के बाथरूम से उनका शव बरामद हुआ। परिजनों ने विवेक चौबे पर आरोप लगाया है। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश के लिए चार टीमें लगाई हैं। शादी और संपत्ति से जुड़े आरोप भी जांच के दायरे में हैं। मामले का अंतिम सच पुलिस जांच, फोरेंसिक साक्ष्य और न्यायिक प्रक्रिया से सामने आएगा।

संपादकीय टिप्पणी

एक परिवार की इकलौती बेटी का इस तरह चले जाना सिर्फ एक अपराध की खबर नहीं, बल्कि उस परिवार की जिंदगी में आया ऐसा खालीपन है जिसे कोई शब्द भर नहीं सकते।

लेकिन पत्रकारिता का धर्म भावनाओं के साथ-साथ तथ्यों की मर्यादा बनाए रखना भी है। इसलिए इस मामले में किसी भी व्यक्ति को अदालत के फैसले से पहले दोषी घोषित करना उचित नहीं होगा। परिजनों के आरोप अपनी जगह हैं, पुलिस की जांच अपनी जगह और अदालत में साबित होने वाले तथ्य अपनी जगह।

श्रेया को न्याय तभी मिलेगा जब भावनाओं से नहीं, बल्कि हर साक्ष्य को जोड़कर सच सामने लाया जाए।

 

गोमतीनगर में तीन मौतों के बाद खुलती परतें: बैंक के बाहर गोली से लेकर घर के अंदर मौत तक, आखिर पूरी कहानी क्या है?

उत्तर प्रदेश लखनऊ

प्रज्ञा मिश्रा की बहन दिव्या की मौत से शुरू हुआ घटनाक्रम अब कई सवालों के घेरे में—तीन हथियार, CCTV, कथित WhatsApp Status, तलाक से जुड़े दस्तावेज और परिवार के आरोपों की जांच जारी


एक नजर में

स्थान: गोमतीनगर, लखनऊ

घटना: पत्नी और बहन की मौत के बाद पति की भी मौत

कुल मौतें: 3

महत्वपूर्ण जांच बिंदु: तीन पिस्टल, CCTV, फोरेंसिक साक्ष्य, मोबाइल/डिजिटल गतिविधियां

पारिवारिक पृष्ठभूमि: पति-पत्नी के बीच वैवाहिक विवाद और तलाक की कार्यवाही की जानकारी

नया पक्ष: दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा की सोशल मीडिया पोस्ट और सवाल

स्थिति: पुलिस जांच जारी; अंतिम कारण पर निष्कर्ष बाकी


लखनऊ। गोमतीनगर की वह वारदात, जिसने 20 अगस्त को राजधानी को हिला दिया था, अब सिर्फ एक सनसनीखेज अपराध की कहानी नहीं रह गई है। बैंक के बाहर दिव्या मिश्रा की गोली लगने से मौत, इसके बाद उनके पति मानस वाजपेयी के घर में उनकी बहन की मौत और फिर मानस की आत्महत्या—इन तीन मौतों के बीच की पूरी कड़ी अब पुलिस जांच का केंद्र है।

मामले में एक तरफ कथित WhatsApp Status में लगाए गए आरोप सामने आए हैं, तो दूसरी तरफ दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने भी सार्वजनिक रूप से कई सवाल उठाए हैं। पुलिस अब CCTV, तीन बरामद हथियार, फोरेंसिक साक्ष्य, मोबाइल डेटा और वैवाहिक विवाद से जुड़े दस्तावेजों को जोड़कर घटनाक्रम की तस्वीर साफ करने में जुटी है।

बैंक के बाहर हुई पहली गोलीबारी

20 अगस्त को गोमतीनगर के विवेकखंड स्थित ICICI Bank के बाहर दिव्या मिश्रा को गोली मारे जाने की घटना सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार दिव्या बैंक में कार्यरत थीं और उनके पति मानस वाजपेयी पर गोली चलाने का आरोप है।

घायल दिव्या को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। बैंक के बाहर हुई इस घटना के बाद पुलिस ने घटनास्थल को कब्जे में लेकर साक्ष्य जुटाने शुरू किए। CCTV फुटेज भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।

फिर घर में मिली दूसरी मौत

बैंक के बाहर हुई घटना के बाद जांच उस मकान तक पहुंची जहां मानस रहता था। रिपोर्टों के मुताबिक वहां उसकी बहन की भी गोली लगने से मौत हुई और इसके बाद मानस ने खुद को गोली मार ली।

इस तरह पूरे घटनाक्रम में तीन लोगों की मौत हुई—दिव्या, मानस की बहन और मानस।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बैंक के बाहर हुई घटना और घर के अंदर हुई घटनाओं के बीच वास्तविक समय-क्रम क्या था।

तीन पिस्टल ने बढ़ाया सबसे बड़ा सवाल

इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा तीन पिस्टल बरामद होने को लेकर है।

पुलिस के मुताबिक घटनास्थलों से तीन हथियार बरामद हुए हैं। अब फोरेंसिक और बैलिस्टिक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इनमें से किन हथियारों का इस्तेमाल हुआ, हथियार किसके नाम पर थे और वे मानस तक कैसे पहुंचे।

यही जांच इस सवाल का जवाब भी दे सकती है कि घटनाक्रम में हथियारों की भूमिका वास्तव में क्या रही।

कथित WhatsApp Status ने बदला जांच का एंगल

घटना के बाद मानस के नाम से एक कथित WhatsApp Status सामने आया, जिसमें पत्नी पर धोखा देने का आरोप लगाने की बात रिपोर्टों में सामने आई।

लेकिन FT NEWS DIGITAL यहां एक बात साफ करना जरूरी समझता है—

सोशल मीडिया पर लिखा गया कोई आरोप अपने आप में अपराध का अंतिम प्रमाण नहीं होता।

पुलिस को यह सत्यापित करना होगा कि Status वास्तव में किसने लगाया, कब लगाया गया और उसमें लिखी बातों का घटनाक्रम से क्या संबंध है। पुलिस इस डिजिटल सामग्री को जांच के एक हिस्से के रूप में देख रही है।

दिव्या ने तलाक की अर्जी दी थी—जांच में दस्तावेज भी अहम

पुलिस की शुरुआती जानकारी के अनुसार पति-पत्नी के बीच लंबे समय से वैवाहिक विवाद चल रहा था।

रिपोर्टों के मुताबिक दिव्या ने तलाक के लिए अदालत का रुख किया था और मुआवजे तथा शादी में दिए गए सामान की वापसी से जुड़े दावे भी किए थे। दोनों के अलग रहने की बात भी सामने आई है।

यही दस्तावेज अब जांच में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

लेकिन यहां भी फर्क समझना जरूरी है—

वैवाहिक विवाद का होना अपने आप में हत्या का कारण साबित नहीं करता।

घटना की वास्तविक वजह पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही तय हो सकती है।

प्रज्ञा मिश्रा के सवालों ने जोड़ा नया अध्याय

दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने घटना के बाद सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा व्यक्त की और घटनाक्रम को लेकर कई सवाल उठाए।

उनकी ओर से मानस के व्यवहार, दिव्या के वैवाहिक जीवन और घटना के दौरान की परिस्थितियों को लेकर दावे किए गए हैं। कुछ रिपोर्टों में उनके द्वारा मानस के कथित पीछा करने और घटना से पहले की गतिविधियों को लेकर भी आरोप लगाए जाने का उल्लेख है।

हालांकि, ये परिवार की ओर से लगाए गए आरोप हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच से होना बाकी है।

यही वजह है कि इन दावों को अंतिम तथ्य के बजाय संबंधित परिवार का पक्ष मानना पत्रकारिता की दृष्टि से जरूरी है।

सबसे दर्दनाक पहलू—परिवार को सच बताने की मुश्किल

घटना के बाद प्रज्ञा मिश्रा ने एक और भावुक स्थिति का जिक्र किया।

रिपोर्ट के अनुसार दिव्या की मां को तत्काल पूरी घटना की जानकारी नहीं दी गई थी और परिवार ने उन्हें बेटी की हालत गंभीर होने की बात बताई। तीन मौतों के बाद परिवार के सामने जो मानसिक और भावनात्मक संकट खड़ा हुआ, वह इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू बनकर सामने आया है।

अब जांच के सामने पांच बड़े सवाल

1. बैंक से घर तक पूरा घटनाक्रम क्या था?

CCTV और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से इसकी टाइमलाइन तैयार की जा रही है।

2. तीन पिस्टल क्यों मिलीं?

किस हथियार का इस्तेमाल किस घटना में हुआ, इसका जवाब फोरेंसिक जांच से मिलने की उम्मीद है।

3. कथित WhatsApp Status की वास्तविकता क्या है?

उसका समय, स्रोत और प्रामाणिकता जांच का विषय है।

4. वैवाहिक विवाद की वास्तविक भूमिका क्या थी?

तलाक और अन्य कानूनी दस्तावेजों की जांच से इस पहलू को समझने की कोशिश की जा रही है।

5. परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है?

इसका जवाब सिर्फ स्वतंत्र जांच और साक्ष्यों से मिल सकता है।


21 AUGUST 2026

अब तक सामने आई विश्वसनीय जानकारी के अनुसार पुलिस ने—

घटनास्थलों से तीन हथियार बरामद किए हैं।

CCTV फुटेज की जांच शुरू की है।

फोरेंसिक टीम ने घटनास्थलों से साक्ष्य जुटाए हैं।

कथित WhatsApp Status को जांच में शामिल किया है।

पति-पत्नी के तलाक और वैवाहिक विवाद से जुड़े दस्तावेज देखे जा रहे हैं।

परिवार के बयानों और सोशल मीडिया पर सामने आए दावों को भी जांच के संदर्भ में देखा जा रहा है।

अभी तक हत्या के पीछे की अंतिम और आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है।

सनसनी के पीछे छिपे सवालों का जवाब जांच ही देगी

गोमतीनगर की यह घटना जितनी भयावह है, उतनी ही कई सवालों से घिरी हुई भी है।

एक ओर पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद की जानकारी सामने आती है। दूसरी ओर कथित डिजिटल संदेश है। फिर तीन हथियारों की बरामदगी है। और अब परिवार की ओर से सामने रखे गए कई सवाल हैं।

लेकिन पत्रकारिता का दायित्व केवल सनसनी दिखाना नहीं, बल्कि आरोप और प्रमाण के बीच अंतर बनाए रखना भी है।

इसलिए अभी किसी एक वजह को अंतिम कारण बताना जल्दबाजी होगी।

तीन जिंदगियां चली गईं—अब असली सवाल यह है कि जांच इन मौतों के पीछे छिपी पूरी सच्चाई को कितनी स्पष्टता से सामने लाती है।

FT NEWS DIGITAL

सच और… कुछ नहीं।

 

11 कैटेगरी, 121 सम्मान: अयोध्या में होगा श्रीराम ग्लोबल अवॉर्ड का भव्य आयोजन

IMG 20260820 WA12691

परमशक्ति धाम में प्रस्तावित पांचवें संस्करण को लेकर आयोजकों ने जारी किया खाका, शिक्षा से न्याय तक विशिष्ट योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित करने की तैयार


खास बातें

आयोजन: 5वां श्रीराम ग्लोबल अवॉर्ड 2026-27

स्थान: परमशक्ति धाम, गोरसरा शुक्ल, अयोध्या विकास क्षेत्र

सम्मान श्रेणियां: 11

प्रस्तावित सम्मान: 121

आयोजक परिवार: PWS शिक्षालय परिवार

चयन का आधार: वित्तीय वर्ष 2026-27 के कार्यों के आधार पर विशिष्ट योगदान


अयोध्या। सेवा, समाज और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करने की तैयारी तेज हो गई है। PWS शिक्षालय परिवार की ओर से परमशक्ति धाम, गोरसरा शुक्ल, अयोध्या विकास क्षेत्र में पांचवें श्रीराम ग्लोबल अवॉर्ड 2026-27 के आयोजन की घोषणा की गई है। आयोजकों के मुताबिक इस बार कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए 11 श्रेणियों में कुल 121 विशिष्ट सम्मान प्रस्तावित किए गए हैं।

सेवा के अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान पर नजर

PWS प्रमुख आर.के. पाण्डेय एडवोकेट के अनुसार, सम्मान के लिए ऐसे व्यक्तित्वों के योगदान को आधार बनाया जाएगा जिन्होंने शिक्षा, संस्कृति, सुरक्षा, चिकित्सा, कला, विज्ञान, कृषि और समाजसेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया हो।

प्रेस नोट के अनुसार मानवाधिकार संरक्षण, भ्रष्टाचार नियंत्रण और न्याय के क्षेत्र में निःस्वार्थ सेवा करने वाले व्यक्तित्वों को भी चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

आयोजकों का कहना है कि सम्मान का आधार संबंधित व्यक्तित्वों के वित्तीय वर्ष 2026-27 के कार्यों और योगदान को बनाया जाएगा।

सम्मान के साथ स्थायी स्मृति की योजना

इस आयोजन को अन्य सामान्य सम्मान समारोहों से अलग बनाने का दावा करते हुए PWS परिवार की ओर से कहा गया है कि सम्मानित व्यक्तित्वों के नाम से PWS शिक्षालय परिसर में स्थायी विशिष्ट निर्माण से जुड़ी पहल की जाएगी।

इसके साथ सम्मानित व्यक्तियों को स्मृति चिन्ह, सम्मान प्रमाणपत्र और अंगवस्त्र प्रदान किए जाने की योजना बताई गई है।

आयोजकों के अनुसार, राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं भ्रष्टाचार नियंत्रण ब्यूरो तथा PWS शिक्षालय की ओर से सम्मानित व्यक्तित्वों को आजीवन विशिष्ट पहचान और कुछ विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना भी प्रस्तावित है। इन सुविधाओं का वास्तविक स्वरूप और पात्रता आयोजन की आधिकारिक शर्तों के अनुसार ही स्पष्ट होगा।

अवॉर्ड का पुराना सफर भी रहा है

श्रीराम ग्लोबल अवॉर्ड का आयोजन इससे पहले भी PWS परिवार की ओर से किया जा चुका है। 2023 में अयोध्या क्षेत्र में हुए एक आयोजन की प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न राज्यों और नेपाल से जुड़े समाजसेवियों को उनके सामाजिक योगदान के लिए श्रीराम ग्लोबल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।

एक अन्य प्रकाशित रिपोर्ट में 2023 के अयोध्या सम्मेलन के दौरान श्रीराम जन्मभूमि दर्शन, अवॉर्ड कार्यक्रम और अन्य गतिविधियों की योजना का उल्लेख किया गया था।

यानी 2026-27 का प्रस्तावित आयोजन इसी क्रम की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

किसे मिलेगा सम्मान?

आयोजकों के मुताबिक चयन का केंद्र केवल किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। शिक्षा से लेकर चिकित्सा, विज्ञान से कृषि और समाजसेवा से लेकर मानवाधिकार एवं न्याय तक विभिन्न क्षेत्रों में वास्तविक योगदान देने वाले लोगों को चयन प्रक्रिया में शामिल किए जाने की बात कही गई है।

हालांकि, 121 सम्मानित व्यक्तित्वों की अंतिम सूची और चयन के विस्तृत मानदंड आयोजकों की ओर से आधिकारिक रूप से जारी होने के बाद ही निश्चित माने जाएंगे।

संक्षेप में

PWS शिक्षालय परिवार के प्रस्तावित पांचवें श्रीराम ग्लोबल अवॉर्ड 2026-27 को लेकर तैयारियां सामने आई हैं। आयोजकों के अनुसार 11 श्रेणियों में 121 विशिष्ट सम्मान दिए जाएंगे। सम्मान समारोह के साथ सम्मानित व्यक्तित्वों के नाम से स्थायी निर्माण की योजना भी बताई गई है। अब कार्यक्रम की अंतिम तिथि, चयनित नामों और विस्तृत कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा का इंतजार रहेगा।

FT NEWS DIGITAL टिप्पणी

सम्मान तभी सार्थक, जब चयन में पारदर्शिता सर्वोपरि हो

किसी भी सम्मान की असली प्रतिष्ठा उसके मंच की भव्यता से ज्यादा चयन की निष्पक्षता और सम्मान पाने वाले व्यक्तित्व के वास्तविक योगदान से तय होती है।

श्रीराम ग्लोबल अवॉर्ड 2026-27 को लेकर आयोजकों ने 11 श्रेणियों में 121 सम्मान का बड़ा खाका सामने रखा है। यदि चयन प्रक्रिया पारदर्शी, स्पष्ट और योगदान आधारित रहती है तो यह आयोजन विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे समाजसेवियों और कर्मठ व्यक्तित्वों को प्रोत्साहित करने का प्रभावी मंच बन सकता है।

फिलहाल यह आयोजकों द्वारा घोषित प्रस्तावित कार्यक्रम है। इसलिए सम्मानित होने वाले व्यक्तित्वों, स्थायी निर्माण और विशेष सुविधाओं से संबंधित अंतिम जानकारी को आधिकारिक घोषणा के बाद ही अंतिम तथ्य माना जाना उचित होगा।

FT NEWS DIGITAL

सच और… कुछ नहीं

 

*अखिलेश सिंह की सातवीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा एवं जनकल्याण शिविर*_   _*मा० विधायक अदिति सिंह की पहल पर अमावां ब्लॉक परिसर में जनकल्याण शिविर, ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान*_   _*150 साइकिल, 20 सिलाई मशीन, ट्राईसाइकिल और चश्मों का वितरण*_ 

 

रायबरेली पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ जननेता अखिलेश सिंह की सातवीं पुण्यतिथि के अवसर पर गुरुवार को अमावां ब्लॉक कार्यालय, तकिया चौराहा, रायबरेली में श्रद्धांजलि सभा एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उनके सामाजिक व राजनीतिक जीवन तथा रायबरेली सदर विधानसभा क्षेत्र के विकास में उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इस दौरान रायबरेली सदर की मा० विधायक अदिति सिंह की पहल पर अमावां ब्लॉक परिसर में जनकल्याण शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य केंद्र एवं प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाना और ग्रामीणों की समस्याओं का संबंधित विभागों के माध्यम से मौके पर समाधान कराना रहा।

शिविर में समाज कल्याण, दिव्यांगजन कल्याण, स्वास्थ्य, खाद्य एवं रसद, कृषि, विद्युत, पशुपालन, जल निगम, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, बाल विकास, शिक्षा, अल्प सिंचाई एवं श्रम विभाग सहित विभिन्न विभागों ने योजनाओं की जानकारी, आवेदन व शिकायत निस्तारण की सुविधा उपलब्ध कराई।

वृद्धावस्था एवं दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आवास, मनरेगा, राशन कार्ड, विद्युत एवं पेयजल संबंधी समस्याओं सहित अन्य योजनाओं के लिए लोगों की सहायता की गई। जरुरतमंद लाभार्थियों को 150 साइकिल, 20 सिलाई मशीन, ट्राईसाइकिल और चश्मों का वितरण किया गया।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह, अवध क्षेत्र मंत्री दिलीप यादव, सलोन विधायक अशोक कोरी, प्रयागराज (शहर उत्तरी) विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी, फूलपुर (प्रयागराज) विधायक दीपक पटेल, पूर्व सांसद रितेश पाण्डेय, पूर्व विधान परिषद सदस्य राजा राकेश प्रताप सिंह, पूर्व विधायक रामलाल अकेला, पूर्व विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह, पूर्व विधायक राजाराम त्यागी, पूर्व जिलाध्यक्ष सुशील शर्मा, बीबीडी ग्रुप के अध्यक्ष विराज सागर दास, कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन विवेक विक्रम सिंह, अशोक रामपुरी, प्रभात साहू और डॉ. चम्पा श्रीवास्तव सहित जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

सदर विधानसभा से पूर्व विधायक स्वर्गीय अखिलेश सिंह की सातवीं पुण्यतिथि एवं श्रद्धांजलि

 

 

 

कमला फाउंडेशन की अध्यक्ष पूनम सिंह ने अपने बड़े भाई सदर विधायक स्वर्गीय अखिलेश सिंह की सातवीं पुण्यतिथि 20 अगस्त को होने वाले कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी उन्होंने बताया कि सुपर मार्केट में स्व विधायक जी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए जाएंगे साथ ही धुन्नी सिंह नगर आवास पर एक श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन तथा प्रसाद वितरण किया जायेगा

 

 

कमला फाउंडेशन अध्यक्ष पूनम सिंह

अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल द्वारा मंडल के मीडिया प्रभारी विक्की सिंह को रुपए तीस हजार का सहयोग प्रदान किया_______

 

प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल प्रदेश अध्यक्ष कुमार गुप्ता युवा प्रदेश मंत्री सोनू वर्मा जिला संरक्षक महेंद्र अग्रवाल कोषाध्यक्ष चंद्रप्रकाश गुप्ता द्वारा अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के मीडिया प्रभारी सरदार विक्की सिंह को₹तीस हजार की सहायता पदाधिकारी के सहयोग से दी, कुछ माह पहले विक्की सिंह का एक दुर्घटना में एक पैर कट गया था, कृत्रिम पैर लगवाने के लिए तीस हजार रूपए की जरूरत विक्की सिंह को थी, मंडल के संज्ञान में आते ही 15 अगस्त को ध्वजारोहण के पश्चात युवा प्रदेश अध्यक्ष ने पदाधिकारियों से सहयोग का अनुरोध किया, महिला प्रकोष्ठ से गीता सिंह, राजकुमारी सिंह, विमलेश मिश्रा,रेखा सिंह, शिवानी सोनी, डॉ सरोज प्रियंका अवस्थी,आयुषी अग्रवाल,युवा प्रकोष्ठ से पंकज प्रजापति, दिलदार राईनी एवं मंडल के अतुल कुमार गुप्ता,सोनू वर्मा, प्रभाकर गुप्ता, संदीप शुक्ला के के गुप्ता चंद्रप्रकाश गुप्ता, राजेश अग्रवाल मोहम्मद शकील, वी के रावत, मोहम्मद इश्तियाक, आशीष जैन,अब्दुल वाहिद, गुरजीत सिंह तनेजा, शिखर श्रीवास्तव, आलोक सिंह , संदीप जैन सभी पदाधिकारी ने अपना अपना सहयोग प्रदान किया जिसे आज विक्की सिंह को दे दिया गया, साथी साथ घर के राशन की व्यवस्था भी मंडल द्वारा उपलब्ध कराने की घोषणा की गई, युवा प्रदेश अध्यक्ष अतुल कुमार गुप्ता ने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया!

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।