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*पीडीए के साथ अन्याय,भेदभाव व अपमान कर रही सरकार-नीरज मौर्य*

 

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देशानुसार पीडीए जनपंचायत का आयोजन सुपर मार्केट रायबरेली में किया गया जनपंचायत के मुख्य अतिथि के रूप में सांसद आवंला नीरज मौर्य ने उपस्थित स्वजनों को संबोधित करते हुए कहा कि बीजेपी की प्रदेश सरकार किसान,मजदूर,छात्र विरोधी है रायबरेली के किसानों को समितियों से डीएपी यूरिया खाद नहीं मिल रही सिंचाई के सरकारी नलकूप खराब होकर बंद पड़े है छात्र व युवा रोजगार की तलाश में भटक कर परेशान एवं हताश होकर आंदोलन करने के लिए बाध्य है।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में किसानों को साधन सहकारी समितियों में भरपूर खाद,बीज उपलब्ध एवं सिंचाई व खेती के उपज का समर्थन मूल्य समय पर मिलता रहता था अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल में छात्रों को आधुनिक तकनीक से युक्त शिक्षा,बड़ी संख्या में रोजगार एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की गयी थी।वर्तमान में प्रदेश का आमजन अखिलेश यादव सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियों को याद कर रहा है।

सांसद नीरज मौर्य ने कहा कि पीडीए वर्ग के साथ सरकार अन्याय भेदभाव एवं अपमान कर रही है बीजेपी के कुशासन से प्रदेश को मुक्ति दिलाने के लिए पीडीए एकजुट हो गया है।उन्होंने उपस्थित स्वजनों से कहा अपने महापुरुषों अशोक सम्राट,चंद्रगुप्त मौर्य के बताये मार्ग पर चलकर समतामूलक समाज के मार्ग को प्रशस्त करना है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला अध्यक्ष इ.वीरेंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार पीडीए के लोगों को अपमानित एवं प्रताड़ित कर परेशान कर रही है बीजेपी राज में सरकारी शोषण व अत्याचार चरम पर है।

कार्यक्रम को बछरावा विधायक श्याम सुंदर भारती ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जनपद का सर्वांगीण विकास किया था जबकि योगी सरकार ने जनपद के लोगों के साथ छलावा किया है।

विधायक हरचंदपुर राहुल लोधी ने कहा कि योगी सरकार के संरक्षण में बीजेपी के अराजकतत्व जमीनों पर कब्जा कर निर्दोष लोगों को फर्जी मुकदमे में फँसाया है।

पीडीए कार्यक्रम को प्रदेश सचिव डा.शशिकांत शर्मा,ब्लॉक प्रमुख बीएन मौर्य,जिला उपाध्यक्ष राजेश मौर्य,लालता प्रसाद मौर्य,देवतादीन कुशवाहा,शिवशंकर कुशवाहा,लवकुश मौर्य,उदयराज मौर्य,विकास मौर्य,रत्नेश मौर्य,जयचंद् मौर्य,आकाश मौर्य,दीपक मौर्य,शिवनारायण मौर्य,अजय मौर्य,संजय मौर्य,राहुल मौर्य,केडी मौर्य,जिला महासचिव मो.अरशद खान,चौ.सुरेश निर्मल,मुनेश्वर पासी,देवेंद्र भीमराज,अनिता राकेश,अखिलेश यादव,विधानसभा अध्यक्ष जगदेव यादव,ब्रजेन्द्र चौधरी,राकेश यादव,योगेश्वर पटेल,पुत्तन सिंह यादव आदि ने संबोधित कर पीडीए की एकजुटता पर बल दिया।

इस अवसर पर घनश्याम मौर्य,जेपी यादव,एमआई जावेद,सुरजीत सिंह,श्रवण आज़ाद,अजय यादव,फ़हीम अहमद,रेहान कज़ियाना,गंगासागर यादव,अखिलेश मौर्य,हनुमान प्रसाद मौर्य,आकाश बाल्मीकि,विवेक मौर्य,अवदेश मौर्य,राजकुमार लोधी,महेश मौर्य,रमेश कुमार मौर्य,जितेंद्र मौर्य,नागेश्वर कुशवाहा,श्री चंद कुशवाहा,शिवकुमार मौर्य,पंकज मौर्य,लक्ष्मी शंकर कुशवाहा,रामकिशोर पुजारी,हसनैन ख़ान,रामबरन मौर्य,राजबहादुर कुशवाहा,नरेंद्र यादव,आशुतोष यादव,कमलेश मौर्य,समरबहादुर,भानू पटेल,उदयराज मौर्य,फिरोज अहमद,शिवम अटरा,राजीव गौतम,रामचंद्र यादव,घनश्याम यादव,अनिल कुशवाहा,देवतादीन यादव आदि सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

_*बाल सेवा एवं स्पॉन्सरशिप योजना के लाभार्थी बच्चों के अभिभावक जरूरी दस्तावेज जल्द कराएं उपलब्ध

 

रायबरेली जिला प्रोबेशन अधिकारी शक्ति त्रिपाठी ने बाल सेवा एवं स्पॉन्सरशिप योजना के लाभार्थी बच्चों के अभिभावकों से आवश्यक दस्तावेज शीघ्र उपलब्ध कराने की अपील की है, ताकि सत्यापन के उपरांत बच्चों को योजनाओं का लाभ समय से मिल सके।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत जनपद में 3386 बच्चे स्वीकृत हैं, जिन्हें ₹2500 प्रतिमाह की सहायता राशि प्रदान की जानी है। इसी प्रकार स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत 2054 बच्चे स्वीकृत हैं, जिन्हें ₹4000 की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे बच्चों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।

जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि लाभार्थी बच्चों के अभिभावक अपने बच्चे का नाम, आधार कार्ड एवं बैंक खाता संख्या व्हाट्सऐप के माध्यम से उपलब्ध करा सकते हैं। इसके लिए व्हाट्सएप नंबर 7518024020 एवं 8303633583 जारी किए गए हैं।

उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि आवश्यक दस्तावेज समय से उपलब्ध कराएं, जिससे उनका सत्यापन पूर्ण कर पात्र बच्चों को योजना का लाभ शीघ्र दिलाया जा सके।

भीड़ में मोबाइल उड़ाने वाले अंतरजनपदीय गैंग का खुलासा, छह गिरफ्तार

नगर थाना पुलिस और SOG की संयुक्त कार्रवाई, सात चोरी के मोबाइल, ₹7,700 नकद और दो बाइक बरामद

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बस्ती। भीड़भाड़ वाले आयोजनों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की जेब से मोबाइल पार करने वाले कथित अंतरजनपदीय गिरोह के खिलाफ बस्ती पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नगर थाना पुलिस और SOG की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए छह संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए लोगों के कब्जे से सात चोरी के मोबाइल फोन, 7,700 रुपये नकद और दो मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं।

 पुलिस की नजर में ऐसे बनाते थे शिकार

पुलिस के मुताबिक, आरोपी भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मौका देखकर लोगों के बीच घुसते थे और धक्का-मुक्की अथवा भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल चोरी कर लेते थे। राजनीतिक कार्यक्रम, मेले और अन्य सार्वजनिक आयोजन इनके निशाने पर रहते थे। पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और इसके नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।

घटना के बाद सक्रिय हुई पुलिस टीम

पुलिस के अनुसार, 31 अगस्त को फुटहिया चौराहे पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान मोबाइल चोरी की घटना सामने आने के बाद मामले की जांच तेज की गई। पुलिस और SOG टीम ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए सुराग जुटाए। इसी क्रम में 2 सितंबर को संसारपुर शहीद स्मारक के पास घेराबंदी कर छह आरोपियों को पकड़ा गया।

बरामदगी ने खोले गिरोह के तार

तलाशी के दौरान पुलिस ने सात मोबाइल फोन, 7,700 रुपये नकद और दो बाइक बरामद करने का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में गिरोह के तार बस्ती के अलावा अन्य जिलों से भी जुड़े होने के संकेत मिले हैं। बरामद मोबाइल फोन के संबंध में पुलिस संबंधित शिकायतों और अभिलेखों से मिलान कर रही है।

सारांश

नगर थाना पुलिस और SOG की संयुक्त कार्रवाई में भीड़ में मोबाइल चोरी के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस ने सात मोबाइल, नकदी और दो बाइक बरामद की हैं। मामले की जांच जारी है और गिरोह के संभावित अन्य सदस्यों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

टिप्पणी

भीड़भाड़ वाले आयोजनों में मोबाइल चोरी की घटनाएं आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनती हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, गिरफ्तार किए गए लोगों के संबंध में अंतिम दोष सिद्धि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मानी जाएगी; रिपोर्ट में आरोप और बरामदगी संबंधी तथ्य पुलिस के बताए अनुसार प्रस्तुत किए गए हैं।

FT NEWS DIGITAL | बस्ती

स्रोत: पुलिस कार्रवाई के संबंध में उपलब्ध जानकारी

मुठभेड़ में बदमाश गिरफ्तार, साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार

पिपराइच के जंगल में चेकिंग के दौरान पुलिस और संदिग्धों के बीच हुई फायरिंग, कांस्टेबल भी घायल

गोरखपुर। पिपराइच थाना क्षेत्र के जंगल में सोमवार देर रात पुलिस चेकिंग के दौरान बाइक सवार संदिग्धों से मुठभेड़ की घटना सामने आई। पुलिस के मुताबिक, पीछा किए जाने पर बाइक सवारों ने फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। फायरिंग के दौरान एक कांस्टेबल घायल हुआ, जबकि पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक संदिग्ध के पैर में गोली लगने की बात सामने आई है। घायल संदिग्ध को गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं उसका कथित साथी अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।


पुलिस के अनुसार, घटना रात करीब 2:20 बजे की है। पिपराइच पुलिस टीम जंगल क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बाइक से आ रहे दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस का दावा है कि दोनों ने बाइक मोड़कर भागने का प्रयास किया। कुछ दूरी पर बाइक गिरने के बाद एक संदिग्ध ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसमें कांस्टेबल हनुमान घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में एक संदिग्ध के पैर में गोली लगी और उसे पकड़ लिया गया, जबकि दूसरा जंगल की ओर भाग निकला।

पुलिस का दावा—फायरिंग के बाद हुई जवाबी कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक, चेकिंग के दौरान बाइक सवार दो लोगों को रुकने का इशारा किया गया था। दोनों संदिग्ध कथित तौर पर बाइक लेकर भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा किया तो कुछ दूरी पर बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई।

पुलिस का कहना है कि इसके बाद एक व्यक्ति ने तमंचे से पुलिस टीम पर गोली चला दी। फायरिंग में कांस्टेबल हनुमान के पैर में गोली लगने की बात बताई गई है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक संदिग्ध के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

घायल पुलिसकर्मी और गिरफ्तार संदिग्ध को उपचार के लिए अस्पताल भेजे जाने की जानकारी पुलिस की ओर से दी गई है।


दूसरा संदिग्ध जंगल में फरार

पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान पकड़े गए संदिग्ध के साथ मौजूद दूसरा व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग गया। उसकी तलाश में पुलिस टीम ने आसपास के क्षेत्र में अभियान चलाया। फरार संदिग्ध की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दिए जाने की बात सामने आई है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान बताई गई

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान मुमताज अहमद उर्फ राजू, उम्र करीब 30 वर्ष, निवासी तिवारीपुर क्षेत्र, के रूप में बताई गई है। वहीं फरार व्यक्ति की पहचान पुलिस ने सरफराज के रूप में बताई है।

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार व्यक्ति के कब्जे से तमंचा, कारतूस, बाइक और चोरी से संबंधित बताया जा रहा सामान बरामद किया गया है। बरामदगी और घटनाक्रम की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद संबंधित साक्ष्यों के आधार पर होगी।

14 आपराधिक मामलों का पुलिस ने किया उल्लेख

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ अलग-अलग थानों में करीब 14 आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें चोरी, लूट, मारपीट, धमकी और एनडीपीएस एक्ट से संबंधित मामले शामिल बताए गए हैं।

हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ दर्ज मुकदमे अपने आप में उसके दोषी होने का अंतिम प्रमाण नहीं होते। मामलों में अंतिम स्थिति संबंधित न्यायालय की कार्यवाही और निर्णय से निर्धारित होगी।

सारांश

पिपराइच क्षेत्र में देर रात चेकिंग के दौरान पुलिस और बाइक सवार संदिग्धों के बीच फायरिंग की घटना सामने आई। पुलिस के अनुसार, एक कांस्टेबल घायल हुआ और जवाबी कार्रवाई में एक संदिग्ध के पैर में गोली लगी। उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए भेजा गया, जबकि दूसरा कथित साथी जंगल में फरार हो गया। पुलिस ने तमंचा-कारतूस समेत अन्य सामान बरामद करने का दावा किया है।

पुलिस का पक्ष

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घटना की जांच की जा रही है। बरामदगी, फायरिंग की परिस्थितियों और फरार व्यक्ति की भूमिका से जुड़े तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। आगे की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और नियमानुसार की जाएगी।

कानूनी सावधानी / संपादकीय टिप्पणी

यह समाचार उपलब्ध पुलिस/प्रकाशित विवरण के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें किसी व्यक्ति को न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध घोषित नहीं किया जा रहा है। आरोप, मुकदमे और पुलिस के दावे संबंधित जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। आरोपी को कानून के तहत निर्दोष माने जाने का अधिकार है, जब तक कि न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध न हो।

बारिश ने छीनी गरीब परिवारों की छत, मदद के लिए आगे आए डॉ. शशिकांत शर्मा

 

 

रायबरेली। 180 सदर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम भैदपुर में अधिक वर्षा के कारण दो कच्चे मकान गिरने से प्रभावित परिवारों के सामने संकट खड़ा हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव डॉ. शशिकांत शर्मा पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचे और उनका हाल जाना।

 

बारिश के कारण गिरे एक मकान में शहीदुल्ल बानो अपनी दो पुत्रियों शहनाज़ बानो और परवीन बानो के साथ रहती थीं। वहीं दूसरे मकान के गिरने से संगीता रैदास पत्नी सुरेश कुमार रैदास का परिवार प्रभावित हुआ। अचानक छत छिन जाने से दोनों परिवारों के सामने रहने और जरूरी सामान की व्यवस्था को लेकर कठिन परिस्थितियां उत्पन्न हो गईं।

 

डॉ. शशिकांत शर्मा ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी पीड़ा सुनी और मौके पर ही राहत सामग्री एवं आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने परिवारों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और जरूरत पड़ने पर आगे भी हरसंभव सहयोग किया जाएगा।

 

डॉ. शर्मा ने कहा कि “किसी गरीब परिवार के सिर से जब उसकी छत छिन जाती है, तो उसका दर्द केवल शब्दों से नहीं समझा जा सकता। ऐसे समय में उनके बीच पहुंचकर यथासंभव मदद करना हमारा मानवीय दायित्व है।”

 

उन्होंने कहा कि जनसेवा का उद्देश्य केवल समस्याओं को सुनना नहीं, बल्कि जरूरत के समय लोगों के साथ खड़ा होकर उनकी परेशानी को कम करने का प्रयास करना है। क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा या किसी भी विपरीत परिस्थिति से प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद के लिए वह लगातार प्रयासरत रहेंगे।

 

उन्होंने प्रशासन से भी अपील की कि बारिश से प्रभावित परिवारों की स्थिति का संज्ञान लेते हुए उन्हें नियमानुसार सरकारी राहत एवं आवास संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि परिवारों को जल्द राहत मिल सके।

 

डॉ. शशिकांत शर्मा ने कहा कि सुख-दुख में जनता के साथ खड़ा रहना ही सच्ची राजनीति और जनसेवा का मूल उद्देश्य है। भैदपुर के प्रभावित परिवारों के साथ आज भी खड़े हैं और आगे भी हरसंभव सहयोग जारी रहेगा।

गोंडा से नेपालगंज रोड तक दौड़ेंगी दो नई डेमू ट्रेनें

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Gonda–Nepalganj Rail: नई रफ्तार

सीमा तक पहुंची रेल की नई रफ्तार, गोंडा से नेपालगंज रोड के लिए अब दौड़ेंगी दो डेमू ट्रेनें

1 सितंबर से रोजाना मिलेगी सेवा, सुबह 8 बजे और दोपहर 3 बजे नेपालगंज रोड पहुंचेंगी ट्रेनें; गोंडा-बहराइच-नानपारा-बाबागंज के यात्रियों को बड़ी राहत

गोंडा/बहराइच। भारत-नेपाल सीमा से जुड़े यात्रियों के लिए रेलवे ने कनेक्टिविटी के मोर्चे पर एक महत्वपूर्ण सुविधा शुरू कर दी है। गोंडा-बहराइच रेल सेवा का विस्तार अब नेपालगंज रोड तक कर दिया गया है। इसके तहत 1 सितंबर 2026 से 75109/75110 और 75111/75112 गोंडा-नेपालगंज रोड-गोंडा डेमू ट्रेनें प्रतिदिन संचालित होंगी।

रेलवे के इस फैसले से केवल नेपालगंज रोड तक पहुंचने का रास्ता ही आसान नहीं होगा, बल्कि गोंडा से लेकर बहराइच, रिसिया, मटेरा, नानपारा और बाबागंज तक के यात्रियों को भी आवागमन के नए विकल्प मिलेंगे। खास तौर पर रोजमर्रा के काम, कारोबार, शिक्षा, रोजगार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए इस रेलखंड पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह विस्तार महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रेल प्रशासन के अनुसार दोनों ट्रेनों में 8-8 डेमू कोच लगाए जाएंगे और सेवाएं प्रतिदिन उपलब्ध रहेंगी।

लीड | सुबह शुरू होगा सफर, आठ बजे नेपालगंज रोड

नई व्यवस्था में 75109 गोंडा-नेपालगंज रोड डेमू सुबह 5 बजे गोंडा से रवाना होगी। निर्धारित स्टेशनों पर रुकते हुए यह ट्रेन सुबह 8 बजे नेपालगंज रोड पहुंचेगी।

वहीं वापसी में 75110 नेपालगंज रोड-गोंडा डेमू सुबह 8:20 बजे नेपालगंज रोड से चलेगी और निर्धारित स्टेशनों से होकर 11:15 बजे गोंडा पहुंचेगी।

यानी सुबह के समय यात्रा करने वाले यात्रियों को अब इस रूट पर नेपालगंज रोड तक सीधी डेमू सेवा का लाभ मिलेगा।


पहली ट्रेन का पूरा टाइमटेबल

75109 गोंडा–नेपालगंज रोड डेमू

स्टेशन

पहुंचने/छूटने का समय

गोंडा

05:00 बजे

गंगाधाम

05:10 बजे

बनगाँई

05:20 बजे

बिशेश्वरगंज

05:31 बजे

पयागपुर

05:41 बजे

योगेन्द्र धाम हाल्ट

05:50 बजे

चिलवरिया

05:59 बजे

बहराइच

06:11 बजे

रिसिया

06:30 बजे

मटेरा

06:48 बजे

नानपारा

07:04 बजे

बाबागंज

07:18 बजे

नेपालगंज रोड

08:00 बजे

वापसी: 75110 नेपालगंज रोड–गोंडा

नेपालगंज रोड से सुबह 8:20 बजे चलकर ट्रेन गोंडा सुबह 11:15 बजे पहुंचेगी।

इनबॉक्स | दोपहर में भी मिलेगी नेपालगंज रोड की सीधी ट्रेन

यात्रियों के लिए रेलवे ने केवल सुबह की सेवा ही नहीं बढ़ाई है, बल्कि दोपहर में भी दूसरी डेमू सेवा उपलब्ध कराई है।

75111 गोंडा–नेपालगंज रोड डेमू दोपहर 12:15 बजे गोंडा से रवाना होगी और बहराइच, रिसिया, मटेरा, नानपारा तथा बाबागंज होते हुए दोपहर 3 बजे नेपालगंज रोड पहुंचेगी।

इसकी वापसी यात्रा में 75112 नेपालगंज रोड–गोंडा डेमू दोपहर 3:30 बजे नेपालगंज रोड से रवाना होकर शाम 6:15 बजे गोंडा पहुंचेगी।

दूसरी ट्रेन का भी जानिए पूरा समय

75111 गोंडा–नेपालगंज रोड डेमू

गोंडा — 12:15 बजे

गंगाधाम — 12:25 बजे

बनगाँई — 12:35 बजे

बिशेश्वरगंज — 12:46 बजे

पयागपुर — 12:56 बजे

योगेन्द्र धाम हाल्ट — 1:06 बजे

चिलवरिया — 1:14 बजे

बहराइच — 1:26 बजे

रिसिया — 1:45 बजे

मटेरा — 2:03 बजे

नानपारा — 2:19 बजे

बाबागंज — 2:34 बजे

नेपालगंज रोड — 3:00 बजे

वापसी में 75112 नेपालगंज रोड से 3:30 बजे रवाना होगी और 6:15 बजे गोंडा पहुंचेगी।


यात्रियों के लिए दो समय का विकल्प

रेलवे द्वारा शुरू की गई दोनों सेवाओं को देखें तो यात्रियों के सामने अब नेपालगंज रोड के लिए सुबह और दोपहर—दो अलग-अलग विकल्प उपलब्ध होंगे।

सुबह की ट्रेन से जल्दी पहुंचने वाले यात्रियों के लिए पहली सेवा उपयोगी होगी, जबकि दोपहर की ट्रेन उन यात्रियों को विकल्प देगी जिन्हें दिन में बाद में यात्रा करनी है।

इससे गोंडा, बहराइच और सीमावर्ती क्षेत्र के बीच नियमित आवागमन करने वाले यात्रियों को समय के अनुसार ट्रेन चुनने की सुविधा मिल सकेगी।

नानपारा और बाबागंज के यात्रियों को भी सीधा फायदा

नेपालगंज रोड तक रेल सेवा के विस्तार का सबसे सीधा असर बहराइच-नानपारा-बाबागंज बेल्ट पर पड़ने की उम्मीद है। इन क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अलग-अलग जरूरतों के लिए गोंडा और आगे के शहरों की ओर आवागमन करते हैं।

नई डेमू सेवाओं से स्थानीय यात्रियों को नियमित रेल विकल्प मिलेगा। कारोबार से जुड़े लोगों के लिए बाजारों तक पहुंच आसान हो सकती है, जबकि विद्यार्थी और नौकरीपेशा लोगों को भी समय के अनुसार यात्रा की सुविधा मिल सकेगी।


8 कोच की होंगी दोनों सेवाएं

रेलवे के अनुसार दोनों डेमू सेवाओं में 08-08 कोच लगाए जाएंगे।

इससे एक साथ बड़ी संख्या में यात्रियों को यात्रा की सुविधा मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि दोनों सेवाएं प्रतिदिन चलेंगी, जिससे यात्रियों को सप्ताह के चुनिंदा दिनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

नेपालगंज रोड तक पहुंची कनेक्टिविटी, सीमा क्षेत्र को नई उम्मीद

नेपालगंज रोड भारत-नेपाल सीमा के महत्वपूर्ण इलाकों में शामिल है। ऐसे में रेल कनेक्टिविटी का विस्तार केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं है। बेहतर परिवहन व्यवस्था से सीमावर्ती क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना रहती है।

व्यापार, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक गतिविधियों के लिए लोगों की आवाजाही जितनी सुगम होगी, क्षेत्रीय संपर्क उतना ही मजबूत होगा।

पहले से चल रहे गोंडा-बहराइच रेल संपर्क को नेपालगंज रोड तक बढ़ाने से इस पूरे क्षेत्र को एक विस्तृत रेल कॉरिडोर से जुड़ने का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

सारांश

1 सितंबर 2026 से गोंडा-बहराइच रेल सेवा का विस्तार नेपालगंज रोड तक किया गया है। 75109/75110 और 75111/75112 डेमू ट्रेनें प्रतिदिन चलेंगी। पहली ट्रेन सुबह 5 बजे गोंडा से चलकर 8 बजे नेपालगंज रोड पहुंचेगी, जबकि दूसरी ट्रेन दोपहर 12:15 बजे गोंडा से रवाना होकर 3 बजे नेपालगंज रोड पहुंचेगी। दोनों ट्रेनों में 8-8 डेमू कोच होंगे।

टिप्पणी | सिर्फ ट्रेन नहीं, सीमावर्ती इलाके के लिए बढ़ा संपर्क का दायरा

रेलवे का यह कदम कागज पर एक सामान्य मार्ग विस्तार दिखाई दे सकता है, लेकिन सीमावर्ती क्षेत्र के यात्रियों के लिए इसका महत्व कहीं बड़ा है। किसी क्षेत्र के विकास में सड़क और रेल कनेक्टिविटी की भूमिका बुनियादी होती है।

नेपालगंज रोड तक नियमित डेमू सेवा पहुंचने से अब यात्रियों के पास पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित रेल विकल्प होगा। सुबह और दोपहर की दो सेवाएं शुरू होना इस सुविधा को और उपयोगी बनाता है।

हालांकि किसी भी नई रेल सेवा की वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि ट्रेनें समय पर चलें, यात्रियों को नियमित सुविधा मिले और आने वाले समय में यात्री संख्या तथा जरूरत के अनुसार सेवाओं को और मजबूत किया जाए।

यदि संचालन सुचारु रहता है तो यह विस्तार गोंडा-बहराइच-नानपारा-बाबागंज-नेपालगंज रोड क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

एक नजर में बड़ी खबर

सेवा शुरू — 1 सितंबर 2026 से

रूट — गोंडा–नेपालगंज रोड–गोंडा

ट्रेन — 75109/75110

दूसरी सेवा — 75111/75112

पहली नेपालगंज रोड आगमन — सुबह 8:00 बजे

दूसरी नेपालगंज रोड आगमन — दोपहर 3:00 बजे

वापसी — 8:20 बजे और 3:30 बजे

कोच — 8 डेमू कोच प्रति ट्रेन

सेवा — प्रतिदिन

 

सीमा पर रेल कनेक्टिविटी की नई इबारत, नेपालगंज रोड तक पहुंचीं चार ट्रेनें

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सीमा पर रेल कनेक्टिविटी की नई इबारत, नेपालगंज रोड तक पहुंचीं चार ट्रेनें

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योगी आदित्यनाथ और अश्विनी वैष्णव ने 56.15 किमी रेलखंड के गेज कन्वर्जन व विद्युतीकरण का किया शुभारंभ

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गोरखपुर, 31 अगस्त।

उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र के लिए सोमवार का दिन रेल कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेलखंड के गेज कन्वर्जन और विद्युतीकरण का शुभारंभ किया। करीब 730 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 56.15 किलोमीटर लंबा यह रेलखंड अब ब्रॉडगेज नेटवर्क का हिस्सा बन गया है।

इस अवसर पर चार ट्रेन सेवाओं को नेपालगंज रोड तक विस्तारित करने की शुरुआत भी की गई। इससे बहराइच, नानपारा, मटेरा, रिसिया, बाबागंज और नेपालगंज रोड समेत सीमावर्ती इलाकों के यात्रियों को गोंडा, गोरखपुर, वाराणसी और अन्य प्रमुख शहरों से बेहतर रेल संपर्क मिलने की उम्मीद है।


730 करोड़ की परियोजना में क्या बदला?

56.15 किमी लंबे रेलखंड का गेज कन्वर्जन

पूरे सेक्शन का विद्युतीकरण

नेपालगंज रोड तक चार ट्रेन सेवाओं का विस्तार

बहराइच-नानपारा-रुपईडीहा क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूती

व्यापार, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन को संभावित बढ़ावा

इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन से डीजल पर निर्भरता घटने की उम्मीद

चार ट्रेन सेवाओं से सीधे जुड़ेंगे बड़े शहर

रेल मंत्रालय की स्वीकृति के अनुसार निम्न सेवाओं का विस्तार नेपालगंज रोड तक किया गया है—

14213/14214 वाराणसी-बहराइच एक्सप्रेस

15132/15131 वाराणसी सिटी-गोरखपुर एक्सप्रेस

75109/75110 गोंडा-बहराइच सेवा

75111/75112 गोंडा-बहराइच सेवा

इन सेवाओं के विस्तार से सीमावर्ती क्षेत्र के यात्रियों के लिए लंबी दूरी की यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है। खासकर नौकरी, शिक्षा, इलाज, कारोबार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों को इसका लाभ मिल सकता है।

1886 के मीटरगेज से आधुनिक ब्रॉडगेज तक

नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेलखंड का इतिहास पुराना है। यह मीटरगेज लाइन मूल रूप से 1886 में बनाई गई थी। अब गेज कन्वर्जन और विद्युतीकरण पूरा होने के बाद यह आधुनिक ब्रॉडगेज नेटवर्क से जुड़ गई है।

रेलखंड के आधुनिक स्वरूप में आने से सीमावर्ती क्षेत्र को बड़े रेल नेटवर्क से जोड़ने का रास्ता मजबूत हुआ है। स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने, यात्रियों की आवाजाही बढ़ाने और आर्थिक गतिविधियों को गति देने की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।


| सीमा क्षेत्र के लिए क्यों अहम है यह रेलखंड?

रेल सिर्फ यातायात का साधन नहीं, बल्कि विकास की कड़ी भी है।

नेपालगंज रोड तक ब्रॉडगेज रेल पहुंचने से भारत-नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है। व्यापारिक गतिविधियों, रोजगार, पर्यटन और सामाजिक-सांस्कृतिक संपर्क को भी इससे मजबूती मिल सकती है।

नेपाल की बाढ़ पर जताई संवेदना

कार्यक्रम की शुरुआत नेपाल में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा के पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के साथ हुई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत और नेपाल के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए आपदा से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि भारत सरकार प्रभावित लोगों की सहायता के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि नेपाल से प्रभावित होकर भारत लाए जा रहे यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए रेलवे आवश्यक व्यवस्थाएं कर रहा है। रेलवे बोर्ड, रेलवे जोन, जिला एवं राज्य प्रशासन तथा विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।

योगी बोले—दशकों पुराना सपना हुआ साकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रेल परियोजना को क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस रेल कनेक्टिविटी से बहराइच, रुपईडीहा और नेपालगंज के बीच संपर्क और मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री ने नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा पर भी दुख जताया और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

सारांश

नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेलखंड का ब्रॉडगेज कन्वर्जन और विद्युतीकरण पूरा होने के बाद सीमावर्ती क्षेत्र को आधुनिक रेल नेटवर्क से नई कड़ी मिली है। करीब 730 करोड़ रुपये की परियोजना और चार ट्रेन सेवाओं के विस्तार से बहराइच व आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।


| पटरी बदली तो बदल सकता है सीमावर्ती क्षेत्र का भविष्य

किसी भी सीमावर्ती इलाके के विकास में बेहतर कनेक्टिविटी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेलखंड का ब्रॉडगेज और विद्युतीकरण सिर्फ रेलवे की तकनीकी उपलब्धि भर नहीं है, बल्कि यह आवागमन और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की संभावित नई नींव है।

अब असली परीक्षा इस बात की होगी कि नई रेल सुविधा का लाभ आम यात्री, व्यापारी, विद्यार्थी, मरीज और स्थानीय उत्पादक कितनी तेजी से उठा पाते हैं। यदि बेहतर ट्रेन संचालन, समयबद्धता और आगे की कनेक्टिविटी भी मजबूत होती है, तो बहराइच और सीमावर्ती क्षेत्र के विकास को निश्चित रूप से नई गति मिल सकती है।

FT News Digital की नज़र में यह परियोजना सीमावर्ती क्षेत्र के लिए विकास और कनेक्टिविटी के नए अध्याय की शुरुआत है।

 

 

विधानसभा 183 ऊंचाहार के ग्राम पंचायत अलावलपुर में बड़े भाई समाजसेवी अखिलेश यादव द्वारा आयोजित समाजवादी पार्टी के PDA_सम्मेलन में 

 

 

 

शामिल होकर सामाजिक न्याय, बराबरी और लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज को मजबूत किया।

माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी के नेतृत्व में PDA समाज के सम्मान, हिस्सेदारी और अधिकारों की लड़ाई को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।

यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और पीडीए की एकजुटता का संदेश है।

आइए, मिलकर ऐसी राजनीति को मजबूत करें जिसमें हर वर्ग की भागीदारी और हर व्यक्ति का सम्मान सुनिश्चित उपाध्यक्ष राजेन्द्र यादव जी,विधानसभा अध्यक्ष जगदेव यादवजी,ऊँचाहार ब्लाक अध्यक्ष बिन्देश्वरी पासीजी,जगततपुर ब्लॉक का अध्यक्ष हसनैन जी,गौरा ब्लॉक अध्यक्ष सुरेश पासी जी,,ग्राम प्रधान राजू यादव जी

सेक्टर अध्यक्ष महेन्द्र सोनकर जी,पूर्व उप प्रमुख जगतपुर शिवेन्द्र यादव जी,आचार्य सुंदरलाल यादव जी,राजनाद पटेल छिछोरा,शिवम रॉय,बाल किशोर पटेल,,मोती पटेलगुलशन पटेल,,नरेन्द्र यादव,कमलेश मौर्या,छोट

राष्ट्रीय मधुकर समारोह में रायबरेली के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रसिक किशोर सिंह नीरज सम्मानित साहित्य, कला और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मिला ‘कवि मधुप सम्मान’

 

 

रायबरेली। मध्य प्रदेश के दतिया में आयोजित 16वें राष्ट्रीय मधुकर समारोह में रायबरेली के वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवि डॉ. रसिक किशोर सिंह नीरज को साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘कवि मधुप सम्मान’ से सम्मानित किया गया। इस सम्मान से रायबरेली के साहित्यिक जगत में हर्ष का माहौल है।

 

दतिया के प्रसिद्ध साहित्यकार एवं पुरातत्वविद् पं. महेश कुमार मिश्र ‘मधुकर’ की 16वीं पुण्य स्मृति के अवसर पर श्रीवृंदावन धाम सभागार, सीतासागर में राष्ट्रीय स्तर का भव्य साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समारोह आयोजित किया गया। समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए साहित्यकारों, कलाकारों, विद्वानों एवं संस्कृति-पुरातत्व से जुड़े व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया।

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय सांस्कृतिक निधि (INTACH) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं चेयरमैन अशोक सिंह ठाकुर रहे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया तथा पं. महेश कुमार मिश्र ‘मधुकर’ के चित्र पर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी श्रीमती रामलली शर्मा ने की।

 

समारोह के विभिन्न सत्रों में साहित्य, लोक संस्कृति, संगीत और काव्य पर विमर्श हुआ। ‘लोक साहित्य में श्रीराम’ विषय पर आयोजित सत्र में विद्वानों ने लोक साहित्य में भगवान श्रीराम की उपस्थिति और उनके सांस्कृतिक प्रभाव पर विचार व्यक्त किए।

 

डॉ. रसिक किशोर सिंह नीरज को ‘कवि मधुप सम्मान’

 

समारोह में साहित्य के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए रायबरेली निवासी वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रसिक किशोर सिंह नीरज को ‘कवि मधुप सम्मान’ प्रदान किया गया। साहित्य सृजन, कविता और साहित्यिक गतिविधियों में उनके निरंतर योगदान को देखते हुए उन्हें यह सम्मान मिलना रायबरेली के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है।

 

समारोह में राष्ट्रीय मधुकर सम्मान डॉ. राजेश श्रीवास्तव को, दतिया रत्न सम्मान नमः शिवाय अरजरिया को तथा अन्य विशिष्ट सम्मानों के साथ डॉ. अजय कुमार गुप्ता, मैथिली शरण श्रीवास्तव, डॉ. यशोधरा भटनागर, डॉ. वीना अब्राहम, डॉ. रमा शर्मा, डॉ. आरती कुमारी, डॉ. बृजेश कुमार श्रीवास्तव सहित अनेक साहित्यकारों एवं विद्वानों को सम्मानित किया गया।

 

कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। ‘मधुकर वाणी सत्यम शिवम सुंदरम’ सहित विभिन्न साहित्यिक कृतियों का लोकार्पण हुआ। साथ ही दतिया की युवा प्रतिभाओं को ‘मधुकर पदक’ प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।

 

आयोजकों के अनुसार राष्ट्रीय मधुकर समारोह पिछले 15 वर्षों से साहित्य, कला, संस्कृति और पुरातत्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करता आ रहा है। इस वर्ष भी चार सत्रों में आयोजित समारोह में साहित्यिक विमर्श, संगीत प्रस्तुतियां, सम्मान समारोह और अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आकर्षण का केंद्र रहे।

 

डॉ. रसिक किशोर सिंह नीरज को मिले इस सम्मान पर रायबरेली के साहित्यकारों, पत्रकारों एवं साहित्यप्रेमियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।

ड्यूटी पर गेटमैन पर जानलेवा हमला, खून से लथपथ मिला—आउटर पर रुकी गरीब रथ!

गेटमैन पर हमला, खून से लथपथ मिला; गरीब रथ आउटर पर रुकी

बोदरवार रेलवे स्टेशन के गेट संख्या 13-सी पर ड्यूटी के दौरान वारदात, गंभीर हालत में गोरखपुर रेफर; अज्ञात हमलावरों की तलाश में जुटी पुलिस

कुशीनगर। बोदरवार रेलवे स्टेशन के गेट संख्या 13-सी पर ड्यूटी कर रहे गेटमैन सुधीर मिश्रा पर कथित हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद गेटमैन के केबिन में खून से लथपथ हालत में मिलने से रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया। घटना का असर रेल संचालन पर भी पड़ा और सिग्नल नहीं मिलने के कारण गरीब रथ एक्सप्रेस को आउटर पर रोकना पड़ा।

गंभीर रूप से घायल गेटमैन को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

🔴 LEAD | फोन नहीं उठा तो खुला हमले का राज

बताया गया कि शुक्रवार रात ट्रेन के गुजरने का समय होने पर रेलवे कर्मचारियों ने गेटमैन सुधीर मिश्रा से संपर्क करने का प्रयास किया। कई बार फोन करने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला और ट्रेन को सिग्नल भी नहीं मिला तो रेलवे अधिकारियों को संदेह हुआ।

इसके बाद पास में ड्यूटी कर रहे कर्मचारी को गेट संख्या 13-सी के केबिन की ओर भेजा गया। वहां पहुंचने पर गेटमैन गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले। उनके शरीर पर चोट के निशान और खून देखकर तत्काल अधिकारियों को सूचना दी गई।

INSET | घटनाक्रम एक नजर में

● गेट संख्या 13-सी पर ड्यूटी — गेटमैन सुधीर मिश्रा ड्यूटी पर तैनात थे।

● संपर्क हुआ बंद — ट्रेन आने के समय फोन पर संपर्क नहीं हो सका।

● केबिन में मिले घायल — कर्मचारी ने उन्हें गंभीर हालत में पाया।

● ट्रेन प्रभावित — सिग्नल नहीं मिलने से गरीब रथ एक्सप्रेस को आउटर पर रोकना पड़ा।

● अस्पताल में भर्ती — घायल को पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

● गोरखपुर रेफर — हालत गंभीर होने पर बेहतर उपचार के लिए रेफर किया गया।

● जांच शुरू — पुलिस ने अज्ञात हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।

INBOX | ड्यूटी के दौरान आखिर क्या हुआ?

प्राप्त जानकारी के अनुसार गेटमैन रेलवे क्रॉसिंग की ड्यूटी संभाल रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा उनके साथ मारपीट किए जाने की आशंका जताई गई है। हालांकि हमले की वास्तविक वजह, हमलावरों की संख्या और वारदात की पूरी परिस्थितियां अभी पुलिस जांच का विषय हैं।

घटना के बाद गेटमैन के संपर्क में नहीं आने से रेलवे कर्मचारियों को स्थिति की जानकारी नहीं हो सकी। ट्रेन को सिग्नल नहीं मिलने पर जब कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो केबिन में गेटमैन घायल मिले।

गरीब रथ को भी रोकना पड़ा

घटना का सीधा असर रेल यातायात पर पड़ा। गेटमैन से संपर्क नहीं होने और गेट की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण ट्रेन को आगे बढ़ाने से पहले सुरक्षा संबंधी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी। इसी दौरान गरीब रथ एक्सप्रेस को आउटर पर रोकना पड़ा।

बाद में रेलवे कर्मचारियों द्वारा आवश्यक प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद ट्रेन को आगे रवाना किए जाने की जानकारी सामने आई।

सिर में गंभीर चोट, इलाज जारी

घायल गेटमैन को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनके सिर में गंभीर चोट लगी है और कंधे में भी चोट/फ्रैक्चर की बात सामने आई है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें गोरखपुर के लिए रेफर किया गया।

उनकी स्वास्थ्य स्थिति के कारण घटना के संबंध में उनका विस्तृत बयान जांच में महत्वपूर्ण हो सकता है।

KEY LIST | जांच के केंद्र में ये सवाल

गेटमैन पर हमला किसने और क्यों किया?

वारदात के समय मौके पर कितने लोग मौजूद थे?

हमलावर किस वाहन से आए थे?

आसपास के सीसीटीवी में क्या रिकॉर्ड हुआ?

घटना से पहले गेटमैन से किसी का विवाद हुआ था या नहीं?

वारदात का रेल संचालन पर कितना असर पड़ा?

आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी कब तक होती है?

पुलिस इन सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।

पुलिस जांच में जुटी

घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित पुलिस एवं रेलवे सुरक्षा अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। जांच टीम आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके।

आरोपियों की पहचान, हमले की वजह और घटना की पूरी सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

सारांश

बोदरवार रेलवे स्टेशन के गेट संख्या 13-सी पर ड्यूटी कर रहे गेटमैन सुधीर मिश्रा गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले। उनसे संपर्क नहीं होने और सिग्नल नहीं मिलने के कारण गरीब रथ एक्सप्रेस को आउटर पर रोकना पड़ा। घायल गेटमैन को उपचार के लिए गोरखपुर रेफर किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर सीसीटीवी फुटेज के जरिए संदिग्धों की पहचान का प्रयास शुरू किया है।

टिप्पणी | सवाल सिर्फ एक कर्मचारी की सुरक्षा का नहीं

रेलवे क्रॉसिंग पर तैनात कर्मचारी की जिम्मेदारी सीधे यात्रियों और रेल संचालन की सुरक्षा से जुड़ी होती है। ऐसे कर्मचारी पर ड्यूटी के दौरान कथित हमला होना गंभीर चिंता का विषय है। घटना की निष्पक्ष जांच के साथ यह भी जरूरी है कि रेलवे के संवेदनशील क्रॉसिंग और ड्यूटी प्वाइंट पर तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए।

साथ ही, जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को हमले का दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। कौन जिम्मेदार है, यह पुलिस जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और आगे की कानूनी प्रक्रिया से ही तय होगा।

 

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