बदायूं में 50 हजार के इनामी जितेंद्र उर्फ ढालू की मुठभेड़ में मौत, दरोगा-सिपाही घायल
बदायूं में 1 जुलाई 2026 की रात पुलिस और 50 हजार रुपये के इनामी जितेंद्र उर्फ ढालू के बीच मुठभेड़ का मामला सामने आया। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस के अनुसार दोनों ओर से फायरिंग हुई। गोली लगने से उपनिरीक्षक नीरज कुमार और सिपाही अविनाश चौधरी घायल हुए, जबकि जितेंद्र उर्फ ढालू भी गोली लगने से घायल हुआ। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
चेकिंग के दौरान शुरू हुआ घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार घटना के समय टीम क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बाइक सवार एक संदिग्ध को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस का कहना है कि इसके बाद फायरिंग हुई और जवाबी कार्रवाई में जितेंद्र घायल हुआ।
मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
जितेंद्र पर था 50 हजार का इनाम
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जितेंद्र उर्फ ढालू पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ अलग-अलग मामलों में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस की ओर से दी गई थी।
पुलिस ने उसे मई 2026 में इस्लामनगर थाना क्षेत्र में हुई डकैती के मामले में वांछित बताया था। इस मामले में उसके कुछ साथियों की गिरफ्तारी पहले किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
महत्वपूर्ण: किसी व्यक्ति के खिलाफ दर्ज मुकदमे या पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप को न्यायालय से दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता।
मुठभेड़ के बाद बरामदगी
पुलिस के अनुसार घटनास्थल से बाइक, हथियार और कारतूस बरामद किए गए। बरामद सामान को पुलिस ने जांच का हिस्सा बनाया।
डकैती से संबंधित बताए गए सामान की पहचान और उसके मामले से संबंध की पुष्टि भी जांच प्रक्रिया के तहत की जानी है।
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ
मुठभेड़ के बाद प्रशासन की ओर से मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए। जांच में घटना की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों को देखा जाना था।
इसके बाद बैलिस्टिक जांच की रिपोर्ट भी सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार घटनास्थल से मिले खोखों का पुलिस के हथियारों तथा जितेंद्र से बरामद बताए गए हथियारों से मिलान किया गया और दोनों पक्षों के हथियारों से फायरिंग होने की पुष्टि की बात सामने आई।
पूरी कहानी एक नजर में
1 जुलाई 2026
➡ सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में पुलिस चेकिंग
➡ संदिग्ध बाइक सवार को रोकने का प्रयास
➡पुलिस के अनुसार फायरिंग शुरू हुई
➡ दरोगा और सिपाही घायल
➡जितेंद्र उर्फ ढालू को गोली लगी
➡ अस्पताल में चिकित्सकों ने मृत घोषित किया
इसके बाद
➡ मजिस्ट्रियल जांच शुरू
➡ हथियार और खोखों की फोरेंसिक जांच
➡ बैलिस्टिक रिपोर्ट में दोनों पक्षों के हथियारों से फायरिंग की पुष्टि की बात सामने आई
FT NEWS DIGITAL की विशेष टिप्पणी
बदायूं की यह मुठभेड़ इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ जांच की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी। पुलिस ने जितेंद्र उर्फ ढालू को 50 हजार रुपये का इनामी और वांछित बताया था। मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात सामने आई।
वहीं, घटना की परिस्थितियों को लेकर मजिस्ट्रियल जांच और फोरेंसिक साक्ष्य भी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए इस खबर में पुलिस के दावे, जांच से सामने आए तथ्य और उपलब्ध रिकॉर्ड को अलग-अलग रखते हुए ही पूरी घटना प्रस्तुत की जा रही है।
FT NEWS DIGITAL किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं करता। अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही माना जाएगा।
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अब नजर रहेगी—मजिस्ट्रियल जांच के अंतिम निष्कर्ष, फोरेंसिक साक्ष्यों, डकैती मामले की आगे की कार्रवाई और संबंधित पुलिसकर्मियों की स्थिति पर।

