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दो अवैध पिस्टल और चार मैगजीन के साथ युवक गिरफ्तार, लखनऊ सप्लाई की बात सामने आई

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संत कबीर नगर, 23 अगस्त।


संत कबीर नगर में अवैध हथियारों की कथित तस्करी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने का दावा किया है। कोतवाली खलीलाबाद पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम की कार्रवाई में पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से दो 32 बोर पिस्टल और चार मैगजीन बरामद हुईं। पुलिस का कहना है कि हथियारों को लखनऊ पहुंचाने की तैयारी थी। मामले में आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।

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सारांश

पुलिस के अनुसार 22 अगस्त की देर रात मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर हनुमान मंदिर, एनएच-28 स्थित रसूलाबाद तिराहे के पास कार्रवाई की गई। पुलिस ने चन्द्रप्रकाश सिंह नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। उसके कब्जे से दो कथित अवैध 32 बोर पिस्टल और चार मैगजीन बरामद होने की बात कही गई है। पुलिस के मुताबिक बरामद हथियारों से कुल 14 राउंड फायर किए जाने की क्षमता बताई गई है।

पुलिस की सूचना पर हुई कार्रवाई

अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के अनुसार, कोतवाली खलीलाबाद पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम को अवैध हथियारों की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने रसूलाबाद तिराहे के पास घेराबंदी कर संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान चन्द्रप्रकाश सिंह, निवासी ग्राम बढ़या ठाठर, थाना मेहदावल, संत कबीर नगर के रूप में हुई है।

दो पिस्टल और चार मैगजीन बरामद करने का दावा

पुलिस का दावा है कि तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से दो 32 बोर पिस्टल और कुल चार मैगजीन बरामद की गईं। पुलिस के अनुसार इनमें दो मैगजीन पिस्टल के साथ थीं, जबकि दो अतिरिक्त मैगजीन बरामद हुईं।

पुलिस ने बरामद हथियारों की क्षमता के संबंध में 14 राउंड फायर किए जाने की बात बताई है। बरामदगी के संबंध में पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

लखनऊ में सप्लाई की बात—पुलिस के अनुसार

पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा कथित रूप से बताया गया कि दोनों पिस्टल और मैगजीन उसे उसके दो साथियों ने लखनऊ में किसी व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए दी थीं।

हालांकि, लखनऊ में हथियार किस व्यक्ति को पहुंचाए जाने थे, हथियार कहां से आए और आरोपी के बताए दोनों कथित साथियों की भूमिका क्या है—इन बिंदुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

जांच में खुल सकते हैं हथियार सप्लाई नेटवर्क के राज

पुलिस कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा हथियारों के स्रोत और संभावित नेटवर्क तक पहुंचने की दिशा में बढ़ सकता है। पुलिस आरोपी से पूछताछ के आधार पर उसके कथित साथियों और हथियारों की आपूर्ति से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

FT News Digital की टिप्पणी

अवैध हथियारों की बरामदगी से जुड़ी पुलिस कार्रवाई निश्चित रूप से गंभीर विषय है, लेकिन गिरफ्तारी या बरामदगी को अंतिम दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों और बरामदगी के दावों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होगी। इसलिए खबर में पुलिस के दावे को उसी रूप में प्रस्तुत किया गया है।

रिपोर्टर सेफ्टी नोट: इस समाचार में किसी व्यक्ति को अपराधी या दोषी घोषित नहीं किया गया है। “पुलिस के अनुसार”, “पुलिस का दावा” और “आरोपी के कथित बयान” जैसे शब्द इसलिए इस्तेमाल किए गए हैं ताकि खबर तथ्यात्मक, संतुलित और कानूनी रूप से सुरक्षित रहे।

 

टूटी प्रतिमा की जगह फिर विराजे बजरंगबली, हर्रैया बाबू में विधि-विधान से हुई प्राण प्रतिष्ठा

धर्मसिंहवा/संतकबीरनगर। धर्मसिंहवा थाना क्षेत्र के ग्राम हर्रैया बाबू स्थित समय माता मंदिर परिसर में आज श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। पिछले 2 अगस्त को अज्ञात लोगों द्वारा मंदिर में स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा तोड़े जाने के बाद ग्रामीणों में व्याप्त आक्रोश के बीच आज नई प्रतिमा की विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा की गई। पूजा-अर्चना के बाद आयोजित भंडारे में बड़ी संख्या में ग्रामवासियों ने प्रसाद ग्रहण किया।

प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का नेतृत्व सिद्धार्थ सिविल बार एसोसिएशन, सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष व विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट अखंड प्रताप सिंह और ग्राम प्रधान अरविंद सिंह ने किया। ग्रामीणों के सहयोग से हनुमान जी की नई प्रतिमा स्थापित कर विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। प्रतिमा पुनः स्थापित होने से ग्रामीणों में खुशी और उत्साह का माहौल रहा।

इस अवसर पर एडवोकेट अखंड प्रताप सिंह ने तीखे अंदाज में कहा, “आतताइयों, तोड़ो कितना तोड़ोगे? हिंदू धर्म रक्षक पुनः-पुनः बनाएंगे। सोमनाथ तोड़ा, हमने बनाया। राम मंदिर तोड़ा, हमने बनाया। काशी तोड़ी, हमने बनाया। मथुरा तोड़ी, हमने बनाया। अब हर्रैया बाबू समय माता मंदिर के हनुमान जी को तोड़ा गया, तो हिंदू धर्म रक्षकों ने फिर विधि-विधान से उनकी स्थापना कर दी।”

उन्होंने कहा कि आस्था और सनातन परंपरा को किसी भी प्रकार की बाधा से रोका नहीं जा सकता। “हम प्रशासन के दबाव में न पहले झुके हैं और न आगे झुकेंगे। हमारी आस्था अटूट है और जहां आवश्यकता होगी, समाज एकजुट होकर अपनी धार्मिक परंपराओं और आस्था की रक्षा करेगा।”धर्मसिंहवा

ग्रामीणों ने भी प्रतिमा तोड़े जाने की घटना पर नाराजगी जताते हुए आरोपितों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की। नई प्रतिमा की स्थापना के बाद ग्रामीणों ने इसे आस्था की पुनर्स्थापना और एकजुटता का प्रतीक बताया।

चेक बाउंस के 1.04 करोड़ रुपये के मामले में बड़ा फैसला, जिला जज ने आरोपी को नहीं दी राहत

संपादकीय टिप्पणी

संतकबीरनगर के चर्चित चेक बाउंस मामले में जिला न्यायालय का फैसला आर्थिक लेन-देन में पारदर्शिता और कानूनी जवाबदेही के महत्व को रेखांकित करता है। बैंकिंग व्यवस्था में चेक एक महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज है और उसके सम्मान का संबंध व्यावसायिक विश्वास से जुड़ा होता है। ऐसे मामलों में न्यायालय के निर्णय यह संदेश देते हैं कि वित्तीय लेन-देन कानून के दायरे में होने चाहिए तथा प्रत्येक पक्ष को अपने अधिकारों और दायित्वों का पालन करना चाहिए। साथ ही, न्यायिक निर्णयों का सम्मान और वैधानिक प्रक्रिया का पालन ही विधि के शासन की मूल भावना है।


स्थान : संतकबीरनगर

मामला : चर्चित चेक बाउंस प्रकरण

फैसला : जिला जज ने आरोपी की अपील खारिज की

रिपोर्ट : अर्जुन सिंह, जिला संवाददाता

इनबॉक्स

• एक वर्ष की सजा बरकरार

• 1.26 करोड़ रुपये का जुर्माना यथावत

• अपील खारिज होने के बाद आरोपी जेल भेजा गया

• फैसला चेक बाउंस मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा


संतकबीरनगर के चर्चित 1.04 करोड़ रुपये के चेक बाउंस प्रकरण में जिला एवं सत्र न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी संतोष कुमार चतुर्वेदी की अपील खारिज कर दी। न्यायालय ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) न्यायालय द्वारा सुनाई गई एक वर्ष की सजा तथा 1.26 करोड़ रुपये के जुर्माने के आदेश को बरकरार रखा। आदेश के बाद विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को जेल भेज दिया गया।

मुख्य समाचार

संतकबीरनगर जनपद में वर्ष 2021 से चर्चित चेक बाउंस प्रकरण में शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय ने अपना निर्णय सुनाया। अदालत ने आरोपी संतोष कुमार चतुर्वेदी द्वारा दायर अपील को निरस्त करते हुए निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला विभिन्न आर्थिक लेन-देन और जारी किए गए चेकों के अनादृत (बाउंस) होने से संबंधित है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि उन्हें भुगतान के लिए दिए गए चेक बैंक में प्रस्तुत किए जाने पर अनादृत हो गए, जिसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली।

अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद आरोपी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के कारावास तथा 1.26 करोड़ रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसी निर्णय को चुनौती देते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील दायर की गई थी।

जिला जज ने सुनवाई के दौरान उपलब्ध अभिलेखों और पक्षकारों की दलीलों का परीक्षण करने के बाद अपील खारिज कर दी तथा निचली अदालत के आदेश को यथावत बनाए रखा। न्यायालय के आदेश के अनुसार विभिन्न मामलों में दी गई कारावास की सजा साथ-साथ चलेगी। जुर्माने की राशि का वितरण न्यायालय के आदेशानुसार किया जाएगा तथा जुर्माना अदा न करने की स्थिति में कानून के अनुसार अतिरिक्त कारावास का प्रावधान लागू होगा।

फैसले के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। जिले में इस निर्णय को चेक बाउंस मामलों में न्यायिक प्रक्रिया के एक महत्वपूर्ण फैसले के रूप में देखा जा रहा है।

सारांश

संतकबीरनगर के चर्चित चेक बाउंस मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी की अपील खारिज करते हुए निचली अदालत की एक वर्ष की सजा और 1.26 करोड़ रुपये के जुर्माने के आदेश को बरकरार रखा। फैसले के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।


यह समाचार न्यायालय के निर्णय के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें न्यायालय के आदेश का तथ्यात्मक विवरण प्रस्तुत किया गया है। किसी भी व्यक्ति के संबंध में न्यायालय के अभिलेख और आगे उपलब्ध कानूनी उपाय प्रभावी रहेंगे।

 

चेक बाउंस के 1.04 करोड़ रुपये के मामले में बड़ा फैसला, जिला जज ने आरोपी को नहीं दी राहत

संपादकीय टिप्पणी

संतकबीरनगर के चर्चित चेक बाउंस मामले में जिला न्यायालय का फैसला आर्थिक लेन-देन में पारदर्शिता और कानूनी जवाबदेही के महत्व को रेखांकित करता है। बैंकिंग व्यवस्था में चेक एक महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज है और उसके सम्मान का संबंध व्यावसायिक विश्वास से जुड़ा होता है। ऐसे मामलों में न्यायालय के निर्णय यह संदेश देते हैं कि वित्तीय लेन-देन कानून के दायरे में होने चाहिए तथा प्रत्येक पक्ष को अपने अधिकारों और दायित्वों का पालन करना चाहिए। साथ ही, न्यायिक निर्णयों का सम्मान और वैधानिक प्रक्रिया का पालन ही विधि के शासन की मूल भावना है।


स्थान : संतकबीरनगर

मामला : चर्चित चेक बाउंस प्रकरण

फैसला : जिला जज ने आरोपी की अपील खारिज की

रिपोर्ट : अर्जुन सिंह, जिला संवाददाता

इनबॉक्स

• एक वर्ष की सजा बरकरार

• 1.26 करोड़ रुपये का जुर्माना यथावत

• अपील खारिज होने के बाद आरोपी जेल भेजा गया

• फैसला चेक बाउंस मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा


संतकबीरनगर के चर्चित 1.04 करोड़ रुपये के चेक बाउंस प्रकरण में जिला एवं सत्र न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी संतोष कुमार चतुर्वेदी की अपील खारिज कर दी। न्यायालय ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) न्यायालय द्वारा सुनाई गई एक वर्ष की सजा तथा 1.26 करोड़ रुपये के जुर्माने के आदेश को बरकरार रखा। आदेश के बाद विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को जेल भेज दिया गया।

मुख्य समाचार

संतकबीरनगर जनपद में वर्ष 2021 से चर्चित चेक बाउंस प्रकरण में शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय ने अपना निर्णय सुनाया। अदालत ने आरोपी संतोष कुमार चतुर्वेदी द्वारा दायर अपील को निरस्त करते हुए निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला विभिन्न आर्थिक लेन-देन और जारी किए गए चेकों के अनादृत (बाउंस) होने से संबंधित है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि उन्हें भुगतान के लिए दिए गए चेक बैंक में प्रस्तुत किए जाने पर अनादृत हो गए, जिसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली।

अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद आरोपी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के कारावास तथा 1.26 करोड़ रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसी निर्णय को चुनौती देते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील दायर की गई थी।

जिला जज ने सुनवाई के दौरान उपलब्ध अभिलेखों और पक्षकारों की दलीलों का परीक्षण करने के बाद अपील खारिज कर दी तथा निचली अदालत के आदेश को यथावत बनाए रखा। न्यायालय के आदेश के अनुसार विभिन्न मामलों में दी गई कारावास की सजा साथ-साथ चलेगी। जुर्माने की राशि का वितरण न्यायालय के आदेशानुसार किया जाएगा तथा जुर्माना अदा न करने की स्थिति में कानून के अनुसार अतिरिक्त कारावास का प्रावधान लागू होगा।

फैसले के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। जिले में इस निर्णय को चेक बाउंस मामलों में न्यायिक प्रक्रिया के एक महत्वपूर्ण फैसले के रूप में देखा जा रहा है।

सारांश

संतकबीरनगर के चर्चित चेक बाउंस मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी की अपील खारिज करते हुए निचली अदालत की एक वर्ष की सजा और 1.26 करोड़ रुपये के जुर्माने के आदेश को बरकरार रखा। फैसले के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।


यह समाचार न्यायालय के निर्णय के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें न्यायालय के आदेश का तथ्यात्मक विवरण प्रस्तुत किया गया है। किसी भी व्यक्ति के संबंध में न्यायालय के अभिलेख और आगे उपलब्ध कानूनी उपाय प्रभावी रहेंगे।

 

एक्स पर गुहार, पुलिस हरकत में आई: बकरा चोरी की शिकायत पर जांच के निर्देश

स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने का दावा, सोशल मीडिया पर शिकायत के बाद धनघटा पुलिस को जांच सौंपी गई

रिपोर्ट: अर्जुन सिंह


संतकबीरनगर। डिजिटल युग में सोशल मीडिया आम नागरिकों की आवाज़ बनता जा रहा है। संतकबीरनगर में कथित बकरा चोरी के एक मामले में भी ऐसा ही देखने को मिला। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने का आरोप लगाने वाले एक ग्रामीण ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर अपनी शिकायत सार्वजनिक की। शिकायत वायरल होने के बाद संतकबीरनगर पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए धनघटा थाना पुलिस को जांच एवं आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और अंतिम निष्कर्ष आना शेष है।


एक नजर में

घर से बकरा चोरी होने का दावा।

शिकायतकर्ता ने सीसीटीवी फुटेज होने की बात कही।

एक्स (पूर्व ट्विटर) पर अधिकारियों को टैग कर लगाई गुहार।

संतकबीरनगर पुलिस ने धनघटा थाना को जांच के निर्देश दिए।

अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी या चोरी की आधिकारिक पुष्टि नहीं।

सारांश

एक ग्रामीण की सोशल मीडिया शिकायत ने पुलिस महकमे का ध्यान अपनी ओर खींचा। पुलिस ने ऑनलाइन शिकायत का संज्ञान लेकर संबंधित थाना पुलिस को जांच के निर्देश दिए हैं। मामले में जांच जारी है और अभी किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया गया है।

विस्तृत समाचार

संतकबीरनगर जनपद के धनघटा थाना क्षेत्र में कथित बकरा चोरी का मामला सोशल मीडिया के जरिए प्रशासन तक पहुंच गया। शिकायतकर्ता ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट से पोस्ट कर आरोप लगाया कि देर रात उसके घर से बकरा चोरी हो गया। उसने यह भी दावा किया कि घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज मौजूद है तथा स्थानीय थाने में शिकायत देने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

जब स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं मिला तो शिकायतकर्ता ने पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों को टैग करते हुए सोशल मीडिया पर न्याय की गुहार लगाई। पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं, जिसके बाद संतकबीरनगर पुलिस के आधिकारिक एक्स हैंडल ने जवाब देते हुए लिखा कि “जांच एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु थाना धनघटा को निर्देशित किया गया है।”

पुलिस के इस जवाब के बाद मामला चर्चा में आ गया। हालांकि समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने चोरी की घटना की पुष्टि नहीं की है और न ही किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी जारी की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना एक बार फिर यह संकेत देती है कि सोशल मीडिया शिकायत दर्ज कराने का एक प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। हालांकि किसी भी मामले की सच्चाई केवल जांच पूरी होने के बाद ही सामने आती है।

पुलिस का पक्ष

संतकबीरनगर पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया उत्तर में स्पष्ट किया कि शिकायत का संज्ञान लेकर धनघटा थाना पुलिस को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

कानूनी रूप से सुरक्षित नोट

यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए दावे तथा संतकबीरनगर पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया उत्तर के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में उल्लिखित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया गया है। मामले का अंतिम सत्य पुलिस जांच और विधिक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

रिपोर्ट: अर्जुन सिंह

FT News Digital | Friend Times

खलीलाबाद कोतवाली में बड़ा खेल! मालखाने से 427 ग्राम सोना गायब, कोर्ट के आदेश ने खोली परतें

कोर्ट के आदेश से खुला मालखाने का राज: 427 ग्राम सोना गायब, तत्कालीन हेड मुहर्रिर पर मुकदमा दर्ज

अर्जुन सिंह की एक रिपोर्ट


संतकबीरनगर। जिले की खलीलाबाद कोतवाली के मालखाने से वर्ष 2018 के एक मुकदमे में बरामद 427 ग्राम सोना, 49,518 रुपये नकद और 14 नेपाली नोट रिकॉर्ड में दर्ज होने के बावजूद उपलब्ध न मिलने का मामला सामने आया है। न्यायालय में माल सुपुर्दगी के लिए दाखिल आवेदन के बाद अभिलेखों की जांच में यह तथ्य उजागर हुआ। विभागीय जांच के उपरांत तत्कालीन हेड मुहर्रिर के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है।


न्यायालय में अर्जी बनी जांच की वजह

वर्ष 2018 के एक मुकदमे में बरामद माल की सुपुर्दगी के लिए न्यायालय में आवेदन दाखिल होने पर मालखाना रजिस्टर, चार्ज सूची और अन्य अभिलेखों का मिलान कराया गया। इसी प्रक्रिया के दौरान रिकॉर्ड और वास्तविक माल में अंतर मिलने पर मामला सामने आया।


मामले की प्रमुख बातें

वर्ष 2018 के मुकदमे से जुड़ा है पूरा मामला।

रिकॉर्ड में दर्ज 427 ग्राम सोना, 49,518 रुपये नकद और 14 नेपाली नोट मालखाने में नहीं मिले।

विभागीय जांच के बाद तत्कालीन हेड मुहर्रिर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज।

पुलिस उपलब्ध अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।

यह भी जांच का विषय है कि बरामद माल कब और किन परिस्थितियों में गायब हुआ।

विस्तृत समाचार

संतकबीरनगर जिले की खलीलाबाद कोतवाली से जुड़ा यह मामला पुलिस विभाग के मालखाने में रखे गए जब्त माल के रखरखाव को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2018 में दर्ज एक मुकदमे में बरामद सोना, नकदी और नेपाली मुद्रा की सुपुर्दगी के लिए न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया था।

न्यायालय के निर्देश पर संबंधित अभिलेखों की जांच की गई। मालखाना रजिस्टर, चार्ज सूची और अन्य रिकॉर्ड के मिलान में संबंधित बरामद माल का उल्लेख तो मिला, लेकिन वह मालखाने में उपलब्ध नहीं पाया गया। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विभागीय जांच कराई गई।

जांच के दौरान वर्ष 2018 से अब तक कोतवाली में तैनात रहे संबंधित कर्मियों से पूछताछ की गई तथा अभिलेखों का परीक्षण किया गया। जांच रिपोर्ट और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर वर्तमान हेड मुहर्रिर की तहरीर पर तत्कालीन हेड मुहर्रिर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि बरामद माल कब, कैसे और किन परिस्थितियों में मालखाने से गायब हुआ तथा क्या इस पूरे प्रकरण में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका रही है।

कोतवाली प्रभारी ने बताया कि उपलब्ध साक्ष्यों और अभिलेखों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

पुलिस विभाग के मालखाने से जब्त बहुमूल्य संपत्ति के गायब होने की यह घटना सुरक्षा व्यवस्था, अभिलेख प्रबंधन और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष पुलिस विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

सारांश

खलीलाबाद कोतवाली के मालखाने से वर्ष 2018 के मुकदमे में दर्ज 427 ग्राम सोना, नकदी और नेपाली नोट गायब मिलने के मामले में विभागीय जांच के बाद तत्कालीन हेड मुहर्रिर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रही है। मामले में अंतिम जिम्मेदारी का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा


कानूनी सुरक्षा: इस खबर में किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं किया गया है। सभी तथ्य पुलिस जांच, उपलब्ध अभिलेखों और दर्ज मुकदमे के संदर्भ में प्रस्तुत किए गए हैं। अंतिम निष्कर्ष न्यायिक एवं विवेचनात्मक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

बभनी चौराहा हत्याकांड में बड़ा खुलासा: पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा, इलाके में बनी हुई थी जबरदस्त चर्चा

युवक की हत्या के मामले में बखिरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कई दिनों से चल रही थी आरोपियों की तलाश

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• बभनी चौराहे पर युवक की हत्या से मचा था हड़कंप

• पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने का किया दावा

• हत्या, मारपीट और एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज है मुकदमा

• एडीजी, डीआईजी, डीएम और एसपी ने किया था घटनास्थल का निरीक्षण


मामला : चर्चित बभनी चौराहा हत्याकांड

स्थान : बखिरा थाना क्षेत्र, संतकबीरनगर

कार्रवाई : तीन आरोपियों की गिरफ्तारी

पुलिस दावा : घटना में संलिप्तता के आरोप में कार्रवाई

स्थिति : न्यायिक प्रक्रिया जारी

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सारांश

संतकबीरनगर के बखिरा थाना क्षेत्र स्थित बभनी चौराहे पर हुए चर्चित युवक हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी सफलता का दावा किया है। पुलिस के अनुसार घटना में वांछित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी और मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया था।

संतकबीरनगर से अर्जुन सिंह की रिपोर्ट

संतकबीरनगर जनपद का चर्चित बभनी चौराहा हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। युवक की हत्या के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और चर्चा का माहौल बना हुआ था। इसी बीच बखिरा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले में वांछित तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है।

पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 19 जून 2026 को बभनी चौराहे पर एक युवक की हत्या की घटना सामने आई थी। मृतक के परिजनों की तहरीर पर बखिरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि युवक के साथ मारपीट और जातिसूचक टिप्पणी करने के बाद धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी गई।

घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए गोरखपुर जोन के एडीजी, बस्ती परिक्षेत्र के डीआईजी, जिलाधिकारी संतकबीरनगर और पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था तथा पुलिस को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नासिर, निरहू उर्फ साकिर अली और जैगम उर्फ अजमल हुसैन के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी और विवेचना के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर मुकदमे में अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष उमाशंकर त्रिपाठी सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।

इलाके में चर्चा का केंद्र बना हत्याकांड

बभनी चौराहे पर हुई इस हत्या ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया था। घटना के बाद सोशल मीडिया से लेकर गांव-गांव तक इस मामले की चर्चा होती रही। परिजनों द्वारा न्याय की मांग उठाई जा रही थी, वहीं पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।

कानूनी स्थिति

पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी और आरोप आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति तथा दर्ज मुकदमे पर आधारित हैं। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है। आरोपियों का दोषी अथवा निर्दोष होना न्यायालय के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।

 

सेमरियावा ब्लॉक में दस्तावेज बनवाने वालों की भीड़, मौके पर ही निस्तारण से मिली राहत

संतकबीरनगर। सेमरियावा ब्लॉक में इन दिनों परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। विभिन्न गांवों से आए फरियादी सुबह से ही ब्लॉक कार्यालय पहुंचकर अपने जरूरी दस्तावेज बनवाने के लिए लाइन में लगे नजर आ रहे हैं। लगातार बढ़ती भीड़ के बीच प्रशासनिक व्यवस्था भी सक्रिय दिखाई दे रही है।

ग्राम पंचायत अधिकारी योगेंद्र गौड़ ने मौके पर मौजूद रहकर फरियादियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना और कई आवेदनों का तत्काल निस्तारण किया। उनकी सक्रियता के चलते लोगों को राहत मिली और उन्हें बार-बार चक्कर लगाने की परेशानी से बचाव हुआ। मौके पर ही कार्य होने से आमजन में संतोष देखने को मिला।

हालांकि, कुछ लोग अधूरे प्रपत्र और आवश्यक दस्तावेजों के बिना ही पहुंच रहे हैं, जिसके कारण उनका कार्य लंबित हो रहा है। इस पर अधिकारी ने स्पष्ट अपील की कि सभी आवेदक पूर्ण प्रपत्र और जरूरी कागजात के साथ ही कार्यालय आएं, ताकि उनके कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो।

ब्लॉक में पारदर्शिता और तेजी से कार्य निष्पादन को लेकर स्थानीय लोगों ने संतुष्टि जताई है। उनका कहना है कि यदि इसी तरह समयबद्ध तरीके से काम होता रहा तो आमजन को बड़ी राहत मिलेगी।

सेमरियावा ब्लॉक में इस तरह की सक्रिय व्यवस्था और अधिकारियों की तत्परता से प्रशासन के प्रति लोगों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।

मुमताज अहमद के दरवाजे पर मंत्री राजभर की दस्तक से बढ़ी चर्चाएं

संतकबीरनगर– जिले के सेमरियावां ब्लॉक अंतर्गत सुकरौली गांव में हाल ही में हुई एक मुलाकात ने इलाके की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख मुमताज अहमद के आवास पर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर का भव्य स्वागत हुआ, जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात को सिर्फ शिष्टाचार भेंट मानना जल्दबाजी होगी।

स्थानीय स्तर पर इसे आने वाले समय में बड़े सियासी बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि मुमताज अहमद की पत्नी समीउन्निशा भी जल्द ही सक्रिय राजनीति में कदम रख सकती हैं।

गांव से लेकर जिले तक इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं। कुछ लोग इसे आगामी चुनावी समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ इसे नए राजनीतिक समीकरणों की शुरुआत मान रहे हैं।

हालांकि, आधिकारिक तौर पर इस बारे में कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है, लेकिन जिस तरह से मंत्री राजभर का स्वागत हुआ और बंद कमरे में बातचीत हुई, उसने सियासी पारा जरूर बढ़ा दिया है।

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह मुलाकात कौन सा नया मोड़ लेती है—क्या यह सिर्फ एक मुलाकात थी या फिर किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की आहट?

बड़ी कार्रवाई: विदेशी फंडिंग और संदिग्ध गतिविधियों के आरोपी मौलाना के मदरसे पर चला बुलडोजर

संतकबीरनगर | जिला संवाददाता: अर्जुन सिंह


संतकबीरनगर जिले में प्रशासन ने आज एक बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए विदेशी फंडिंग और कथित देशविरोधी गतिविधियों के आरोपों से जुड़े एक मदरसे पर बुलडोजर चला दिया। यह कार्रवाई कमिश्नर कोर्ट के आदेश के अनुपालन में की गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी मौलाना शमशुल होदा, जो मूल रूप से जिले के दुधारा थाना क्षेत्र के देवरिया लाल गांव का निवासी है, पर अवैध विदेशी फंडिंग प्राप्त करने और संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप लगे थे। बताया जा रहा है कि वह पूर्व में आजमगढ़ स्थित एक मदरसे में शिक्षक रह चुका है और वर्ष 2007 में ब्रिटेन की नागरिकता भी ग्रहण कर चुका है।

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जांच एजेंसियों द्वारा मामले की पड़ताल के बाद स्थानीय कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। एटीएस और अन्य संबंधित एजेंसियों की जांच में करोड़ों रुपये की विदेशी फंडिंग के संकेत सामने आने की बात कही गई है। इसके साथ ही, मदरसे के निर्माण में मानक नियमों और नक्शा पास कराने की प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था।
इसी आधार पर प्रशासन ने आज खलीलाबाद के मोती नगर मोहल्ले में स्थित मदरसे को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे, जिससे कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित बनी रही

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करीब पांच जेसीबी मशीनों की मदद से ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह वैधानिक प्रक्रिया के तहत की गई है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं।


प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण और कानून के उल्लंघन के मामलों में इसी तरह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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