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“पेट्रोल पंप भूमि प्रकरण में जांच रिपोर्ट के बाद बढ़ी हलचल, प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज”

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सिद्धार्थनगर में पेट्रोल पंप भूमि प्रकरण ने पकड़ा तूल, जांच रिपोर्ट के बाद बढ़ी कार्रवाई की मांग


सिद्धार्थनगर जिले के सदर तहसील क्षेत्र में स्थित एक पेट्रोल पंप से जुड़ा भूमि प्रकरण एक बार फिर चर्चा में है। अनुसूचित जाति वर्ग की महिला की भूमि के क्रय-विक्रय और उस पर पेट्रोल पंप स्थापित किए जाने को लेकर की गई शिकायत की जांच में कुछ महत्वपूर्ण बिंदु सामने आने के बाद मामले में प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। हालांकि अंतिम निर्णय सक्षम न्यायालय और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ही लिया जाएगा।

सिद्धार्थनगर से विशेष रिपोर्ट | FT NEWS DIGITAL

सदर तहसील क्षेत्र के हयातनगर गांव स्थित भूमि से जुड़े विवाद में तहसील स्तर पर हुई जांच के बाद मामला फिर सुर्खियों में आ गया है। शिकायतकर्ता भाजपा नेता अविनाश सिंह द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर कराई गई जांच में राजस्व अभिलेखों एवं भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया से संबंधित कुछ बिंदुओं पर प्रश्न उठाए गए हैं।

जांच रिपोर्ट के अनुसार संबंधित भूमि अनुसूचित जाति वर्ग की महिला के नाम दर्ज थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि भूमि के क्रय-विक्रय के दौरान आवश्यक तथ्यों को छिपाया गया तथा भूमि हस्तांतरण से पूर्व निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भूमि खरीद के संबंध में सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से जुड़े दस्तावेजों की जांच आवश्यक है।

सूत्रों के अनुसार, तहसील स्तर पर तैयार रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है, जिसके आधार पर आगे की विधिक और प्रशासनिक प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है। शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए, जबकि अंतिम सत्यता का निर्धारण संबंधित न्यायालय और सक्षम प्रशासनिक प्राधिकारी द्वारा किया जाएगा।

उधर प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी अभिलेखों की जांच की जा रही है। यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


क्या है पूरा मामला?

✔ अनुसूचित जाति वर्ग की महिला की भूमि के क्रय-विक्रय को लेकर विवाद।

✔ शिकायत के आधार पर तहसील स्तर पर कराई गई जांच।

✔ जांच में कुछ तथ्यों और प्रक्रिया संबंधी बिंदुओं पर उठे सवाल।

✔ रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई।

✔ मामले में विधिक कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया जारी।


स्थान: हयातनगर, सदर तहसील, सिद्धार्थनगर

शिकायतकर्ता: अविनाश सिंह

विषय: भूमि क्रय-विक्रय एवं नियमों के पालन को लेकर विवाद

स्थिति: जांच रिपोर्ट प्रस्तुत, आगे की कार्रवाई प्रक्रियाधीन

FT NEWS DIGITAL सवाल

क्या भूमि हस्तांतरण की पूरी प्रक्रिया नियमानुसार पूरी हुई थी?

क्या सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त की गई थीं?

जांच रिपोर्ट के बाद प्रशासन क्या निर्णय लेगा?

न्यायालय में लंबित प्रक्रिया का अंतिम परिणाम क्या होगा?

निष्कर्ष

भूमि और पेट्रोल पंप से जुड़े इस बहुचर्चित प्रकरण में जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद मामला नए मोड़ पर पहुंच गया है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई और न्यायालय की आगामी प्रक्रिया पर टिकी हैं। अंतिम निर्णय संबंधित सक्षम प्राधिकारी एवं न्यायालय के आदेश के अधीन होगा।

(FT NEWS DIGITAL | सच और …कुछ नहीं)

“धरने से सत्ता तक पहुंची पुकार, रोजगार सेवकों ने प्रभारी मंत्री को सौंपा मांग पत्र”

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सिद्धार्थनगर में धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रभारी मंत्री अनिल राजभर को सौंपा ज्ञापन, मांगों के समाधान की उठी जोरदार मांग

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सिद्धार्थनगर। ग्राम रोजगार सेवक (पंचायत मित्र) वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में सोमवार को जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में रोजगार सेवकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान जनपद दौरे पर आए उत्तर प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री अनिल राजभर को संगठन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपकर रोजगार सेवकों की समस्याओं और मांगों से अवगत कराया। मंत्री द्वारा ज्ञापन स्वीकार किए जाने के बाद रोजगार सेवकों ने अपनी मांगों के शीघ्र समाधान की उम्मीद जताई।

सारांश

जनपद सिद्धार्थनगर के कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप द्विवेदी, जिला अध्यक्ष सदानन्द यादव, जिला संरक्षक राजेश चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में ग्राम रोजगार सेवक मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने सेवा सुरक्षा, नियमितीकरण, मानदेय वृद्धि तथा अन्य लंबित मांगों के समाधान की मांग उठाई। कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर ज्ञापन प्राप्त किया और उनकी बात सुनी।

रोजगार सेवकों ने बुलंद की आवाज़, समस्याओं के समाधान की मांग

जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर सोमवार को उस समय रोजगार सेवकों की आवाज़ से गूंज उठा, जब ग्राम रोजगार सेवक (पंचायत मित्र) वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के बैनर तले बड़ी संख्या में रोजगार सेवक धरना-प्रदर्शन पर बैठ गए। संगठन का कहना है कि वर्षों से ग्राम पंचायतों में विकास योजनाओं और मनरेगा कार्यों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद रोजगार सेवकों की विभिन्न मांगें लंबित हैं।

धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप द्विवेदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता सदानन्द यादव (जिला अध्यक्ष) ने की। कार्यक्रम का संचालन राजेश चतुर्वेदी (जिला संरक्षक) द्वारा किया गया।

धरने के दौरान रोजगार सेवकों ने अपनी मांगों को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। इसी बीच उत्तर प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री अनिल राजभर का जनपद भ्रमण कार्यक्रम था। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम से लौटते समय संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपकर रोजगार सेवकों की समस्याओं से अवगत कराया।

प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि रोजगार सेवक ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं, लेकिन सेवा सुरक्षा, मानदेय और भविष्य को लेकर अब भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। संगठन ने सरकार से मांग की कि रोजगार सेवकों की समस्याओं का स्थायी और सम्मानजनक समाधान निकाला जाए।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से शासन स्तर पर लंबित हैं। ऐसे में रोजगार सेवकों को उम्मीद है कि सरकार उनकी समस्याओं पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए आवश्यक कदम उठाएगी।

धरना-प्रदर्शन के उपरांत संगठन के प्रतिनिधियों ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को भी ज्ञापन सौंपा तथा शासन स्तर तक उनकी मांगों को पहुंचाने की मांग की।


क्या हैं रोजगार सेवकों की प्रमुख मांगें?

सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

रोजगार सेवकों के नियमितीकरण पर निर्णय लिया जाए।

मानदेय में वृद्धि की जाए।

लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए।

रोजगार सेवकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस नीति बनाई जाए।


“हमारी मांगें किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि रोजगार सेवकों के सम्मान और भविष्य से जुड़ी हैं। सरकार हमारी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करे।” — संगठन के पदाधिकारी

FT NEWS DIGITAL | सच और… कुछ नहीं

सिद्धार्थनगर: केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे, सांसद जगदम्बिका पाल ने प्रबुद्धजनों को किया सम्मानित, बांसी में स्वास्थ्य मेले का भव्य शुभारंभ

सिद्धार्थनगर (14 जून 2026): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सिद्धार्थनगर जिले में विशेष जनसंपर्क अभियान और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की धूम है। रविवार को डुमरियागंज के सांसद जगदम्बिका पाल ने कपिलवस्तु विधानसभा के उसका बाजार क्षेत्र में प्रबुद्ध नागरिकों से घर-घर जाकर मुलाकात की और उन्हें अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इसके साथ ही, बांसी विकास खंड में तीन दिवसीय जनकल्याण शिविर एवं स्वास्थ्य मेले का भव्य शुभारंभ किया गया।

घर-घर पहुँचकर सांसद ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

विशेष जनसंपर्क अभियान के तहत सांसद जगदम्बिका पाल ने उसका बाजार क्षेत्र के ग्राम सुगही में बाबा हरी दास इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य मुनींद्र नाथ दुबे को सम्मानित किया। इसके अलावा उन्होंने:

ग्राम उसकी में नंदलाल गोंड

ग्राम कोल्हुआ में चंद्रभान त्रिपाठी

ग्राम बकेनिहा में सन्तोष शुक्ला को अंगवस्त्र भेंट किया।

इस दौरान सांसद ने विकसित भारत के संकल्प और आत्मनिर्भर भारत की योजनाओं पर चर्चा करते हुए कहा, “जनता का विश्वास और सहभागिता ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है।” इस मौके पर मंडल अध्यक्ष राकेश आर्य, सभासद पवन कुमार जायसवाल, दिलीप सिंह, प्रदीप जायसवाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

बांसी में जनकल्याण शिविर और स्वास्थ्य मेले का आयोजन

14 जून से 16 जून 2026 तक चलने वाले इस त्रिदिवसीय मेले का उद्घाटन सांसद जगदम्बिका पाल, बांसी विधायक जय प्रताप सिंह और जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। जिलाधिकारी ने मुख्य अतिथियों का बुके देकर स्वागत किया।

मेले की मुख्य बातें और सरकारी योजनाओं के बड़े आंकड़े:

3 करोड़ नए आवास: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देश में 3 करोड़ नए पक्के मकान दिए जाने की घोषणा की गई है।

गरीबी से मुक्ति: पिछले 12 वर्षों में देश के 32 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं।

निशुल्क राशन व स्वास्थ्य: देश के 81 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन और आयुष्मान योजना के तहत ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है।

किसान सम्मान निधि: हर पात्र किसान को सालाना ₹6000 की आर्थिक मदद सीधे बैंक खाते में भेजी जा रही है।

“भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी व्यवस्था से मिल रहा सीधे लाभ” – जय प्रताप सिंह

बांसी विधायक जय प्रताप सिंह ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2014 के बाद से देश में बिना किसी भेदभाव के जनधन खाते खोले गए और अब सभी योजनाओं का लाभ सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में पहुँच रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही महिला सुरक्षा, ‘लखपति दीदी’ योजना और हर घर जल (जल जीवन मिशन) जैसी योजनाओं की सराहना की।

प्रशासन हर समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध: जिलाधिकारी

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने सभी को आश्वस्त किया कि तीन दिनों तक चलने वाले इस शिविर में सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे और जनता की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र बांटे गए, सरकारी स्टालों का अवलोकन किया गया और जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया।

ये रहे उपस्थित:

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रजत कुमार चौरसिया, उपजिलाधिकारी बांसी निखिल चक्रवर्ती, डीडीओ राजमणि वर्मा, डीसी मनरेगा सन्दीप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी देवेन्द्र प्रताप सिंह और खण्ड विकास अधिकारी बांसी कृतिका अवस्थी सहित बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे।

मौत के बाद उठे सवाल, आरोपों और सफाई के बीच जांच पर टिकी निगाहें

ऑपरेशन के बाद बुजुर्ग की मौत से उठे सवाल, जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर
आयुष्मान कार्ड के बावजूद भुगतान लेने के आरोप, अस्पताल प्रबंधन ने कहा- सभी दावे निराधार


सिद्धार्थनगर। सड़क दुर्घटना में घायल एक बुजुर्ग की निजी अस्पताल में उपचार के दौरान हुई मौत के बाद मामला चर्चा में आ गया है। मृतक के परिजनों ने इलाज प्रक्रिया और भुगतान व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों का खंडन किया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है।


आरोप बनाम जवाब, अब जांच रिपोर्ट का इंतजार
एक ओर परिजन उपचार में कथित अनियमितता और भुगतान को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीज की स्थिति पहले से गंभीर थी और उपचार निर्धारित चिकित्सकीय मानकों के अनुसार किया गया। ऐसे में पूरे मामले की सच्चाई अब जांच रिपोर्ट से सामने आने की उम्मीद है।
मुख्य समाचार
शिकायतकर्ता रामप्रकाश के अनुसार उनके पिता बसंत 10 जून को सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। दुर्घटना में कूल्हे की हड्डी में चोट आने के बाद उन्हें उपचार के लिए बढ़नी स्थित विद्या हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनका ऑपरेशन किया गया।
रामप्रकाश का आरोप है कि आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद उपचार के दौरान उनसे धनराशि जमा कराई गई। उनका यह भी कहना है कि ऑपरेशन के कुछ घंटे बाद मरीज की हालत बिगड़ गई और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचने के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रजत चौरसिया ने बताया कि प्रकरण को गंभीरता से लिया गया है। उनके अनुसार जांच के लिए टीम गठित की गई है तथा रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं विद्या हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अजय कुमार यादव ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि दुर्घटना में बसंत की फीमर (जांघ की हड्डी) में गंभीर चोट आई थी। जांच के दौरान अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी सामने आई थीं। उन्होंने कहा कि उपचार चिकित्सकीय आवश्यकता और उपलब्ध नियमों के अनुरूप किया गया तथा किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई।
डॉ. अजय कुमार यादव का यह भी कहना है कि आयुष्मान योजना के अंतर्गत सभी उपचार संभव नहीं थे और उपचार से जुड़ी प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की गई। उन्होंने किसी भी प्रकार की अनियमितता से इनकार किया है।


मामले की 5 बड़ी बातें


10 जून को सड़क दुर्घटना में घायल हुए थे बसंत।


उपचार के लिए बढ़नी स्थित विद्या हॉस्पिटल में कराया गया था भर्ती।


परिजनों ने भुगतान और उपचार प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए।


अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों को खारिज किया।


स्वास्थ्य विभाग ने जांच टीम गठित की।


सारांश
दुर्घटना में घायल बुजुर्ग की उपचार के दौरान हुई मौत के बाद परिजनों और अस्पताल प्रबंधन के दावे आमने-सामने हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


यह समाचार संबंधित पक्षों के बयानों, शिकायतों एवं उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है। किसी भी पक्ष को दोषी ठहराने का उद्देश्य नहीं है। मामले की जांच सक्षम अधिकारियों द्वारा की जा रही है और अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के अधीन होगा।

सिद्धार्थनगर में जिलाधिकारी और एसपी ने सुनीं जनसमस्याएं, थाना समाधान दिवस पर दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश

सिद्धार्थनगर (13 जून 2026): शासन की मंशानुसार प्रत्येक माह के द्वितीय एवं चतुर्थ शनिवार को आयोजित होने वाले ‘सम्पूर्ण थाना समाधान दिवस’ का आयोजन आज सिद्धार्थनगर थाने में हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने की, जबकि पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन भी इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मौके पर आए शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना और उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

जमीनी विवादों पर जिलाधिकारी का कड़ा रुख

थाना समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने सभी राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भूमि विवाद, वरासत, बंटवारा, नाली और चकमार्ग से जुड़े मामलों का मौके पर जाकर निष्पक्ष ढंग से निस्तारण करें। उन्होंने सख्त लहजे में कहा:

मौके पर हो जांच: राजस्व अधिकारी शिकायतकर्ता की उपस्थिति में जमीन बंटवारे और अवैध कब्जे/पट्टे के प्रकरणों की जांच कर निस्तारण सुनिश्चित करें।

पुलिस बल का सहयोग: यदि आवश्यकता हो, तो राजस्व टीम पुलिस बल को साथ लेकर मौके पर जाए ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

अनावश्यक उत्पीड़न न हो: किसी भी नागरिक को बिना वजह परेशान न किया जाए और मामलों को कतई लंबित न रखा जाए।

जिलाधिकारी की अपील: “सभी नागरिक आपस में मिल-जुलकर रहें और किसी भी प्रकार के लड़ाई-झगड़े से बचें। जो भी शिकायतें मिली हैं, उनका निस्तारण राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर जाकर करेगी।”

ये अधिकारी रहे उपस्थित

इस समाधान दिवस के अवसर पर प्रशासन और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:

श्री राहुल सिंह (उपजिलाधिकारी, नौगढ़)

श्री विश्वजीत सौरयान (क्षेत्राधिकारी, सदर)

श्री अजय सिंह (अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर)

थानाध्यक्ष सिद्धार्थनगर, समस्त राजस्व निरीक्षक व लेखपाल।

मोदी सरकार के 12 वर्ष: विकास, विश्वास और विरासत का नया अध्याय — जगदंबिका पाल

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सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रेस वार्ता में गिनाईं उपलब्धियां, कहा- “नए भारत की नींव को मिली अभूतपूर्व मजबूती”

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सिद्धार्थनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सिद्धार्थनगर के सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगदंबिका पाल ने अपने कैंप कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, गरीब कल्याण और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनकी चर्चा आज विश्व स्तर पर हो रही है।

प्रेस वार्ता के दौरान सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने केवल आर्थिक विकास ही नहीं किया, बल्कि करोड़ों गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य भी किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का केंद्र बिंदु अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना रहा है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेसवे, रेलवे, हवाई सेवाओं और ग्रामीण सड़कों के क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। आज देश आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रेलवे के आधुनिकीकरण, वंदे भारत ट्रेनों के संचालन और अमृत भारत स्टेशन योजना के माध्यम से परिवहन व्यवस्था को नई पहचान मिली है।

सांसद ने जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों तथा “लखपति दीदी” जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने ग्रामीण और शहरी भारत में सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन की नई तस्वीर प्रस्तुत की है।

उन्होंने कहा कि उड़ान (UDAN) योजना के माध्यम से देश के छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों को हवाई सेवाओं से जोड़ा गया है, जिससे आम नागरिकों के लिए हवाई यात्रा सुलभ हुई है। वहीं जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों परिवारों तक पेयजल पहुंचाने का कार्य सरकार की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।


मोदी सरकार के 12 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां

✔ जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों घरों तक नल से जल पहुंचाने का अभियान।✔ राष्ट्रीय राजमार्गों एवं एक्सप्रेसवे नेटवर्क का तेज विस्तार।✔ वंदे भारत ट्रेनों एवं रेलवे आधुनिकीकरण को नई गति।✔ मुद्रा योजना के माध्यम से स्वरोजगार और उद्यमिता को प्रोत्साहन।✔ महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु विभिन्न योजनाओं का संचालन।✔ उड़ान योजना के जरिए छोटे शहरों को हवाई संपर्क से जोड़ना।✔ ग्रामीण सड़कों एवं आधारभूत संरचना का व्यापक विकास।

 क्या बोले जगदंबिका पाल

“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है। सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनके लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।”

सारांश

मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री जगदंबिका पाल ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों को जनता के सामने रखा। उन्होंने आधारभूत संरचना, जलापूर्ति, रेलवे, महिला सशक्तिकरण, रोजगार और ग्रामीण विकास को सरकार की प्रमुख उपलब्धियां बताते हुए कहा कि भारत आज आत्मविश्वास और विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है।

(समाचार में उल्लिखित आंकड़े एवं दावे प्रेस वार्ता में सांसद जगदंबिका पाल द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं।)

RRB भीड़ से राहत, परीक्षा केंद्र तक आसान सफर”

जनसम्पर्क विभाग, पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर
प्रेस विज्ञप्ति

गोरखपुर, 13 जून, 2026: रेल प्रशासन द्वारा आगामी रेलवे भर्ती बोर्ड (आर.आर.बी.) एन.टी.पी.सी. परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा हेतु 05005/05006 गोरखपुर-लखनऊ जं.-गोरखपुर तथा 05031/05032 गोरखपुर-लखनऊ जं.-गोरखपुर अनारक्षित परीक्षा विशेष गाड़ियों का संचालन निम्नवत किया जा रहा है।

05005 गोरखपुर-लखनऊ जं. अनारक्षित परीक्षा विशेष गाड़ी 14 जून, 2026 से 22 जून, 2026 तक गोरखपुर से 12.45 बजे प्रस्थान कर खलीलाबाद से 13.17 बजे, बस्ती से 13.48 बजे, बभनान से 14.15 बजे, मनकापुर से 14.45 बजे, गोण्डा से 15.20 बजे, करनैलगंज से 15.55 बजे, बाराबंकी से 16.32 बजे तथा बादशाहनगर से 17.12 बजे छूटकर लखनऊ जं. 17.45 बजे पहुँचेगी।
05006 लखनऊ जं.-गोरखपुर अनारक्षित परीक्षा विशेष गाड़ी 13 जून, 2026 से 21 जून, 2026 तक लखनऊ जं. से 18.15 बजे प्रस्थान कर बादशाहनगर से 18.48 बजे, बाराबंकी से 19.32 बजे, करनैलगंज से 20.30 बजे, गोण्डा से 21.00 बजे, मनकापुर से 21.26 बजे, बभनान से 22.02 बजे, बस्ती से 22.33 बजे तथा खलीलाबाद से 23.00 बजे छूटकर गोरखपुर 23.55 बजे पहुँचेगी।

05031 गोरखपुर-लखनऊ जं. अनारक्षित परीक्षा विशेष गाड़ी 13 जून, 2026 से 21 जून, 2026 तक गोरखपुर से 19.00 बजे प्रस्थान कर खलीलाबाद से 19.42 बजे, बस्ती से 20.10 बजे, बभनान से 20.40 बजे, मनकापुर से 21.10 बजे, गोण्डा से 21.45 बजे, करनैलगंज से 22.16 बजे, बाराबंकी से 23.37 बजे तथा दूसरे दिन बादशाहनगर से 00.20 बजे छूटकर लखनऊ जं. 00.55 बजे पहुँचेगी।
05032 लखनऊ जं.-गोरखपुर अनारक्षित परीक्षा विशेष गाड़ी 14 जून, 2026 से 22 जून, 2026 तक लखनऊ जं. से 12.45 बजे प्रस्थान कर बादशाहनगर से 13.17 बजे, बाराबंकी से 14.02 बजे, करनैलगंज से 14.50 बजे, गोण्डा से 15.27 बजे, मनकापुर से 16.03 बजे, बभनान से 16.42 बजे, बस्ती से 17.22 बजे तथा खलीलाबाद से 17.44 बजे छूटकर गोरखपुर 18.20 बजे पहुँचेगी।

इन गाड़ियों में सामान्य द्वितीय श्रेणी/जी.एस.सी.एन. के 10 तथा एस.एल.आर.डी. के 02 कोचों सहित कुल 12 कोच लगाये जायेंगे। सभी कोच अनारक्षित श्रेणी के होंगे। आवश्यकतानुसार अनारक्षित कोचों की संख्या बढ़ायी जा सकती है तथा गाड़ियों को आवश्यकतानुसार पुनर्निर्धारित (रि-शिड्यूल) किया जा सकता है।

(सुमित कुमार)
मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी
सम्पादक/ब्यूरो प्रमुख, गोरखपुर।

विधि विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों तथा सचिव श्री शैलेंद्र नाथ के तत्वावधान में विधि विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को सिद्धार्थ लॉ कॉलेज के 31 विधि छात्रों ने जिला कारागार सिद्धार्थनगर का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को न्याय व्यवस्था, कारागार प्रशासन, बंदियों के अधिकारों तथा सुधारात्मक गतिविधियों के संबंध में व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम के दौरान जिला कारागार प्रशासन द्वारा उन्हें कारागार की कार्यप्रणाली से विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। भ्रमण के प्रारम्भ में छात्रों को कारागार के इतिहास, उद्देश्य तथा वर्तमान समय में जेलों की बदलती भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। अधीक्षक श्री सचिन वर्मा ने बताया कि आधुनिक कारागार केवल दंड देने का केंद्र नहीं है, बल्कि यह बंदियों के सुधार, पुनर्वास एवं समाज की मुख्यधारा में पुनः स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। छात्रों ने कारागार परिसर के विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण किया, जिसमें प्रवेश व्यवस्था, सुरक्षा प्रणाली, बैरकें, चिकित्सालय, रसोईघर, पुस्तकालय, मुलाकात कक्ष, प्रशिक्षण केंद्र तथा अन्य व्यवस्थाएं शामिल रहीं। इस दौरान उन्हें बताया गया कि कारागार में बंदियों को संविधान एवं कानून द्वारा प्रदत्त अधिकारों के अनुरूप सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं तथा उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और मानसिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने बंदियों के लिए संचालित विभिन्न सुधारात्मक एवं पुनर्वास कार्यक्रमों का भी अवलोकन किया गया। साथ में यह भी जानकारी दी गई कि कारागार में बंदियों को शिक्षा, योग, ध्यान, खेलकूद, पुस्तक अध्ययन, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ा जाता है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें। छात्रों ने इन गतिविधियों को निकट से देखा और उनकी उपयोगिता को समझा।
चीफ श्री अश्वनी मिश्रा ने विद्यार्थियों को विधिक सहायता प्रणाली के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नियमित रूप से कार्य किया जाता है। इसके माध्यम से बंदियों को न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है। विद्यार्थियों ने विधिक सहायता की प्रक्रिया तथा उसके व्यावहारिक पक्षों के संबंध में अनेक प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों द्वारा विस्तारपूर्वक उत्तर दिया गया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को न्यायिक प्रक्रिया, विचाराधीन बंदियों और सजायाफ्ता बंदियों के मध्य अंतर, जेल नियमावली, मानवाधिकारों की सुरक्षा तथा सुधारात्मक न्याय व्यवस्था की अवधारणा के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई। अधिकारियों ने कहा कि कानून के विद्यार्थी भविष्य में न्याय व्यवस्था के महत्वपूर्ण अंग बनेंगे, इसलिए उनके लिए ऐसे शैक्षणिक भ्रमण अत्यंत उपयोगी हैं। इससे उन्हें पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक परिस्थितियों को समझने का अवसर प्राप्त होता है।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने कारागार प्रशासन द्वारा संचालित विभिन्न नवाचारों और व्यवस्थाओं के संबंध में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया , जो उनकी विधि शिक्षा को और अधिक समृद्ध बनाएगा। छात्रों ने विशेष रूप से बंदियों के सुधार और पुनर्वास हेतु संचालित कार्यक्रमों में रुचि दिखाई तथा उनके सामाजिक महत्व को समझा।
जिला कारागार प्रशासन ने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि कारागार में अनुशासन, सुरक्षा तथा मानवाधिकारों के मध्य संतुलन बनाए रखते हुए कार्य किया जाता है। बंदियों को सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने तथा उनमें नैतिक एवं सामाजिक मूल्यों के विकास के लिए समय-समय पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाते हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य बंदियों में आत्मविश्वास का विकास करना तथा उन्हें समाजोपयोगी नागरिक के रूप में तैयार करना है।

“हर घर नल” से नहीं होगी पूरी जल सुरक्षा, पारंपरिक जल स्रोत बचाना होगा जरूरी : श्रीधर पाण्डेय

भीषण गर्मी और गिरते भूजल स्तर पर सामाजिक कार्यकर्ता ने जताई चिंता, कुएं-तालाबों के संरक्षण की उठाई मांग

सिद्धार्थनगर। भीषण गर्मी और लगातार गिरते भूजल स्तर के बीच जनपद सिद्धार्थनगर समेत प्रदेश के कई क्षेत्रों में संभावित पेयजल संकट को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं गौतम बुद्ध जागृति सोसाइटी के सचिव श्रीधर पाण्डेय ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सरकार की “हर घर नल, हर घर जल” योजना सराहनीय है, लेकिन केवल पाइपलाइन आधारित जलापूर्ति व्यवस्था पर निर्भर रहना भविष्य के लिए जोखिमपूर्ण साबित हो सकता है।

श्रीधर पाण्डेय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक जल स्रोत तेजी से समाप्त हो रहे हैं। गांवों के पुराने कुएं पाटे जा चुके हैं, छोटे देसी नल गायब हो गए हैं और बड़ी संख्या में इंडिया मार्क हैंडपंप भी अनुपयोगी पड़े हैं। ऐसे में ग्रामीण आबादी पूरी तरह केंद्रीकृत पेयजल व्यवस्था पर निर्भर होती जा रही है।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी कारणवश बिजली आपूर्ति बाधित होती है, तकनीकी खराबी आती है या जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित होती है, तो लोगों के सामने पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।


जल सुरक्षा के लिए क्या जरूरी है?

✔ बंद पड़े कुओं का पुनर्जीवन

✔ इंडिया मार्क हैंडपंपों का संरक्षण

✔ तालाबों का जीर्णोद्धार

✔ वर्षा जल संचयन को बढ़ावा

✔ भूजल पुनर्भरण की प्रभावी व्यवस्था

✔ जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना

जलवायु परिवर्तन बढ़ा रहा खतरा

श्री पाण्डेय ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा और बढ़ती गर्मी के कारण आने वाले वर्षों में जल संकट और गहरा सकता है। ऐसे में आधुनिक जलापूर्ति योजनाओं के साथ-साथ वैकल्पिक एवं पारंपरिक जल स्रोतों को जीवित रखना बेहद आवश्यक है।

उन्होंने जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, ग्राम पंचायतों और आम नागरिकों से अपील की कि जल संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम न समझा जाए, बल्कि इसे जनभागीदारी के साथ जनांदोलन का स्वरूप दिया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और टिकाऊ जल प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।


गांवों से गायब होते कुएं, सूखते तालाब और बढ़ती गर्मी के बीच सामाजिक कार्यकर्ता श्रीधर पाण्डेय ने चेतावनी दी है कि केवल “हर घर नल” योजना से जल सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी। पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के बिना भविष्य में बड़ा जल संकट खड़ा हो सकता है।

सारांश

सिद्धार्थनगर में सामाजिक कार्यकर्ता श्रीधर पाण्डेय ने कहा कि आधुनिक पेयजल योजनाओं के साथ-साथ कुएं, तालाब, हैंडपंप और वर्षा जल संचयन जैसी पारंपरिक व्यवस्थाओं को भी संरक्षित करना जरूरी है। उन्होंने जल संरक्षण को जनांदोलन बनाने और भूजल पुनर्भरण पर विशेष ध्यान देने की अपील की।

विशेष कथन

“नल का जल सुविधा है, लेकिन जल सुरक्षा का विकल्प नहीं।” — श्रीधर पाण्डेय, सचिव, गौतम बुद्ध जागृति सोसाइटी

 

मिशन शक्ति अभियान के तहत बड़ी सफलता: 4 दिन से लापता युवती सकुशल बरामद, परिवार ने सिद्धार्थनगर पुलिस का जताया आभार

सिद्धार्थनगर। मिशन शक्ति फेज-5.0 (द्वितीय चरण) अभियान के तहत सिद्धार्थनगर पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। चार दिनों से लापता 20 वर्षीय युवती को पुलिस ने सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया। बेटी के सुरक्षित मिलने पर परिवारजनों ने पुलिस टीम का धन्यवाद करते हुए उनकी सराहना की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण एवं गुमशुदाओं की बरामदगी को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद एवं क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौरयान के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक मिथिलेश कुमार राय के नेतृत्व में थाना सिद्धार्थनगर पुलिस ने कार्रवाई की।

जानकारी के अनुसार, कोडरा ग्रांट टोला सिहोरवा निवासी रघुवर पुत्र भीखी ने 8 जून 2026 को अपनी पुत्री संगीता निषाद (20 वर्ष) के घर से बिना बताए चले जाने की सूचना थाना सिद्धार्थनगर में दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई और संभावित स्थानों पर पूछताछ के साथ-साथ विभिन्न स्थानों के सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की गई।

लगातार प्रयासों और मिशन शक्ति टीम की सक्रियता के चलते 12 जून 2026 को युवती को सकुशल बरामद कर लिया गया। आवश्यक कार्रवाई के बाद युवती को उसके परिजनों को थाने बुलाकर सुपुर्द कर दिया गया।

बेटी के सुरक्षित घर लौटने पर परिवारजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने सिद्धार्थनगर पुलिस की तत्परता और संवेदनशील कार्यशैली की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया।

बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में शामिल रहे— ▪️ उपनिरीक्षक विजय कुमार

▪️ आरक्षी शुभम रावत

▪️ रिक्रूट महिला आरक्षी स्नेहा मिश्रा

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