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11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन को लेकर ग्रामीणों में चिंता, हादसे की आशंका के बीच कार्रवाई की मांग

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शिकायत-पत्र में विद्युत तारों की स्थिति पर उठाए सवाल; ग्रामीणों ने सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त कराने की लगाई गुहार, विभागीय जांच और जवाब का इंतजार

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सिद्धार्थनगर। बिजली की हाईटेंशन लाइन और ट्रांसफॉर्मर से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों की चिंता सामने आई है। सिद्धार्थनगर जनपद के बढ़नी क्षेत्र से संबंधित एक गांव के ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को प्रार्थना-पत्र देकर 11,000 वोल्ट की विद्युत लाइन से जुड़े तारों की स्थिति की जांच कराने और आवश्यक सुधार करने की मांग की है। शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों और तस्वीरों ने मामले को जनसुरक्षा के नजरिये से महत्वपूर्ण बना दिया है।

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शिकायत-पत्र में ग्रामीणों का कहना है कि गांव में विद्युत लाइन और ट्रांसफॉर्मर से जुड़े तारों की मौजूदा स्थिति को लेकर आशंका बनी हुई है। उनका अनुरोध है कि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करें और यदि तारों में कोई तकनीकी कमी या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उसे तत्काल दूर कराया जाए। शिकायत में पुराने तारों को हटाने अथवा बदलने और जरूरत के अनुसार सुरक्षित व्यवस्था किए जाने की मांग भी की गई है।


ग्रामीणों की चिंता को हल्के में न लिया जाए


ग्रामीण इलाकों में बिजली की लाइनें लोगों के घरों, रास्तों, खेतों और पशुओं के आसपास से गुजरती हैं। ऐसे में हाईटेंशन लाइन से संबंधित किसी भी संभावित खतरे की शिकायत को गंभीरता से लेकर उसकी तकनीकी जांच कराना जरूरी है। ग्रामीणों की मांग है कि विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि मौके की वास्तविक स्थिति का आकलन करे और आवश्यक कदम उठाए।

इस मामले में महत्वपूर्ण सवाल यह है कि संबंधित विद्युत लाइन की वर्तमान स्थिति क्या है, क्या वहां सुरक्षा संबंधी कोई कमी मौजूद है और शिकायत मिलने के बाद विभाग की ओर से निरीक्षण या सुधार की कोई कार्रवाई की गई है? इन सवालों का जवाब संबंधित अधिकारियों की जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया से ही स्पष्ट हो सकेगा।


मृत पशु की तस्वीर भी सामने, मौत के कारण की पुष्टि जरूरी


शिकायत से संबंधित उपलब्ध तस्वीरों में एक गाय मृत अवस्था में दिखाई दे रही है। इस तस्वीर के सामने आने से घटना की परिस्थितियों की जांच की आवश्यकता और महत्वपूर्ण हो जाती है। हालांकि, उपलब्ध तस्वीर मात्र से यह प्रमाणित नहीं होता कि गाय की मौत बिजली का करंट लगने से हुई है। मौत का कारण स्पष्ट करने के लिए घटनास्थल की परिस्थितियों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और आवश्यकतानुसार पशु चिकित्सकीय या तकनीकी जांच की जरूरत होगी।

यदि जांच में पशु की मौत का संबंध विद्युत लाइन से पाया जाता है, तो उस पहलू की भी नियमानुसार जांच की जानी चाहिए। फिलहाल, किसी निश्चित कारण या व्यक्ति की जिम्मेदारी तय करना तथ्यों की पुष्टि के बिना उचित नहीं होगा।


अब विभागीय निरीक्षण और जवाब का इंतजार


ग्रामीणों की शिकायत के बाद संबंधित अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। विभाग को शिकायत की स्थिति स्पष्ट करते हुए यह बताना चाहिए कि मौके का निरीक्षण हुआ है या नहीं, विद्युत तारों की स्थिति में कोई कमी पाई गई या नहीं और आवश्यक सुधार के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

यदि मौके पर कोई खतरा पाया जाता है, तो लोगों और पशुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि शिकायत में लगाए गए आशंकाओं की पुष्टि नहीं होती है, तो निरीक्षण के निष्कर्षों से ग्रामीणों को अवगत कराना भी जरूरी है।


जनहित में उठे सवाल, जवाबदेही भी जरूरी


यह मामला किसी व्यक्ति या विभाग पर बिना जांच आरोप लगाने का नहीं, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा से जुड़े सवालों का है। शिकायत के आधार पर संबंधित विभाग से तथ्यात्मक जवाब और कार्रवाई की जानकारी मांगना जरूरी है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

अब देखना होगा कि संबंधित विद्युत विभाग इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और मौके की जांच के बाद ग्रामीणों की चिंताओं का समाधान किस प्रकार किया जाता है।


FT NEWS DIGITAL की ओर से संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त करने का प्रयास किया जाना चाहिए। आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तीमारदारों और जूनियर डॉक्टरों में विवाद, मारपीट के आरोप से मचा हड़कंप

FT NEWS DIGITAL | न्यूज़ पोर्टल स्पेशल रिपोर्ट

सड़क हादसे में घायल मरीज की मौत के बाद पोस्टमार्टम को लेकर बढ़ा विवाद, तीन सदस्यीय जांच समिति गठित

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने का दावा, पुलिस हस्तक्षेप के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ी


गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल में सड़क हादसे में घायल एक मरीज की मौत के बाद पोस्टमार्टम कराने को लेकर तीमारदारों और जूनियर डॉक्टरों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। विवाद बढ़ने पर मारपीट के आरोप लगाए गए। घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की बात भी सामने आई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कॉलेज प्रशासन ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। कॉलेज प्रशासन के अनुसार सीसीटीवी फुटेज भी सुरक्षित किए गए हैं और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी


बीआरडी मेडिकल कॉलेज का नेहरू अस्पताल एक बार फिर विवाद को लेकर चर्चा में है। इस बार मामला किसी उपचार प्रक्रिया को लेकर नहीं, बल्कि एक मरीज की मौत के बाद पोस्टमार्टम कराने की मांग और तीमारदारों-जूनियर डॉक्टरों के बीच हुए विवाद से जुड़ा है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच मामला इतना बढ़ा कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।


क्या हुआ था?


मिली जानकारी के अनुसार सिद्धार्थनगर क्षेत्र के रहने वाले करीब 45 वर्षीय उमाकांत चौधरी सड़क दुर्घटना में घायल हुए थे। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर उपचार के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर किया गया।

बताया गया कि नेहरू अस्पताल के मेडिसिन इमरजेंसी वार्ड में उनका उपचार चल रहा था। मंगलवार रात करीब 12 बजे उपचार के दौरान मरीज की मौत हो गई।

मरीज की मौत के बाद परिजनों और अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों के बीच पोस्टमार्टम को लेकर मतभेद की स्थिति बनने की बात सामने आई। परिजनों की ओर से पोस्टमार्टम की मांग किए जाने की जानकारी दी गई है।

इसी दौरान विवाद बढ़ गया और तीमारदारों तथा जूनियर डॉक्टरों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट के आरोप लगाए गए। घटना का एक वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने की बात सामने आई है, जिसमें कथित तौर पर विवाद की स्थिति दिखाई दे रही है।


पुलिस के पहुंचने के बाद संभली स्थिति


विवाद की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

मामले में पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रिया संबंधित नियमों के अनुसार किए जाने की बात सामने आई है।


प्रशासन ने क्या कहा?


बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रमुख अधीक्षक डॉ. अशोक यादव के अनुसार, घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।

प्रशासन की ओर से बताया गया है कि सीसीटीवी फुटेज भी निकाला गया है और जांच शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

यानी फिलहाल किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं किया गया है और जांच पूरी होने का इंतजार है।


अब जांच पर टिकी निगाह


घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि अस्पताल परिसर में विवाद की शुरुआत किस परिस्थिति में हुई और मारपीट की स्थिति आखिर क्यों बनी। इसका जवाब अब जांच समिति की रिपोर्ट और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज से मिलने की उम्मीद है।

प्रशासन का कहना है कि जांच के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में कॉलेज प्रशासन की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।


सारांश


बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सड़क हादसे में घायल मरीज की मौत के बाद पोस्टमार्टम को लेकर तीमारदारों और जूनियर डॉक्टरों के बीच विवाद सामने आया। मारपीट के आरोप लगाए गए और घटना का वीडियो प्रसारित होने की बात कही गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। कॉलेज प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कराई है।


सवाल सिर्फ विवाद का नहीं


अस्पताल में मरीज की मौत किसी भी परिवार के लिए बेहद संवेदनशील क्षण होता है। ऐसे समय में चिकित्सकीय प्रक्रिया, परिजनों की शंकाओं और अस्पताल प्रशासन के बीच संवाद बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।

दूसरी ओर, अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर किसी भी पक्ष द्वारा कानून हाथ में लेना उचित नहीं है। इस मामले में भी आरोपों के बजाय सीसीटीवी, वीडियो और जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर तथ्य सामने आना जरूरी है। दोषी जो भी हो, कार्रवाई तथ्यों और कानून के अनुसार होनी चाहिए।

 

 

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भारत-नेपाल सीमा पर SSB की सतर्कता, नाबालिग युवती युवक के साथ मिली

रात में बजहा सीमा क्षेत्र में हुई पूछताछ, AHTU पुलिस को सौंपा गया मामला

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सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था के बीच 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल की सतर्कता से एक नाबालिग युवती को एक युवक के साथ रोके जाने का मामला सामने आया है। बजहा सीमा चौकी क्षेत्र में नियमित नाका ड्यूटी के दौरान SSB जवानों ने दोनों को नेपाल की ओर से भारत में आते देखा। युवती की उम्र कम होने की जानकारी सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों और AHTU टीम को सूचना दी गई। आवश्यक पूछताछ और औपचारिकताओं के बाद दोनों को AHTU पुलिस सिद्धार्थनगर के सुपुर्द कर दिया गया


 

भारत-नेपाल सीमा पर रात के अंधेरे में SSB की निगाह से एक युवक और युवती गुजर नहीं सके। बजहा सीमा चौकी क्षेत्र में नियमित नाका ड्यूटी के दौरान जवानों ने दोनों को रोककर पूछताछ की। युवती के नाबालिग होने की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को संवेदनशील मानते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।


SSB के अनुसार, घटना रात करीब 10:15 बजे की है। प्रारंभिक पूछताछ में युवक ने अपना नाम अब्दुल हलीम और उम्र 27 वर्ष बताई। साथ मौजूद युवती की उम्र कम होने की जानकारी मिलने पर नाका पार्टी के कमांडर ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी।

इसके बाद उपनिरीक्षक किशन लाल के साथ महिला कर्मियों को मौके पर भेजा गया। महिला कर्मियों द्वारा युवती से अलग से पूछताछ की गई। SSB के मुताबिक युवती ने बताया कि वह अपने माता-पिता को बताए बिना घर से निकली थी और युवक के साथ विवाह के उद्देश्य से मुंबई जाने की बात कह रही थी।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए AHTU पुलिस सिद्धार्थनगर तथा संबंधित SSB टीम को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीमों ने दोनों से पूछताछ की और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद मामले को AHTU पुलिस के सुपुर्द कर दिया।


सीमा पर SSB की पैनी नजर


भारत-नेपाल सीमा पर नियमित नाका, गश्त और अन्य निगरानी गतिविधियों के जरिए SSB लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखती है। बल की ओर से मानव तस्करी, नशीले पदार्थों, अवैध मुद्रा और अन्य प्रतिबंधित गतिविधियों की रोकथाम के लिए अभियान चलाए जाने की जानकारी दी गई है।


क्यों गंभीर है मामला?


नाबालिग की सुरक्षा बनी प्राथमिकता

नाबालिग से जुड़े मामलों में उसकी सुरक्षा और पहचान की गोपनीयता महत्वपूर्ण होती है। इस मामले में भी युवती को सार्वजनिक रूप से पहचान योग्य बनाने वाली कोई जानकारी प्रकाशित नहीं की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और तथ्यों की पुष्टि संबंधित पुलिस जांच के आधार पर होगी।


सारांश


बजहा सीमा चौकी क्षेत्र में SSB ने नेपाल की ओर से भारत में प्रवेश कर रहे एक युवक और नाबालिग युवती को रोका। पूछताछ के दौरान युवती के नाबालिग होने की जानकारी सामने आई। SSB ने संबंधित अधिकारियों को सूचना दी और आवश्यक प्रक्रिया के बाद दोनों को AHTU पुलिस सिद्धार्थनगर के सुपुर्द कर दिया। मामले की आगे जांच संबंधित पुलिस इकाई कर रही है।


टिप्पणी


भारत-नेपाल जैसी खुली और संवेदनशील सीमा पर सुरक्षा बलों की सतर्कता कई बार ऐसी परिस्थितियों को समय रहते सामने ला सकती है, जिनकी वास्तविक प्रकृति जांच के बाद ही स्पष्ट होती है। इस मामले में भी सबसे महत्वपूर्ण पहलू नाबालिग की सुरक्षा है। साथ ही, किसी व्यक्ति को जांच पूरी होने से पहले दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। इसलिए पूरे प्रकरण में तथ्यों की पुष्टि और पुलिस जांच के निष्कर्ष का इंतजार किया जाना चाहिए।

 

 

 

भारत-नेपाल सीमा पर SSB की सतर्कता, नाबालिग युवती युवक के साथ मिली

रात में बजहा सीमा क्षेत्र में हुई पूछताछ, AHTU पुलिस को सौंपा गया मामला

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सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था के बीच 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल की सतर्कता से एक नाबालिग युवती को एक युवक के साथ रोके जाने का मामला सामने आया है। बजहा सीमा चौकी क्षेत्र में नियमित नाका ड्यूटी के दौरान SSB जवानों ने दोनों को नेपाल की ओर से भारत में आते देखा। युवती की उम्र कम होने की जानकारी सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों और AHTU टीम को सूचना दी गई। आवश्यक पूछताछ और औपचारिकताओं के बाद दोनों को AHTU पुलिस सिद्धार्थनगर के सुपुर्द कर दिया गया


 

भारत-नेपाल सीमा पर रात के अंधेरे में SSB की निगाह से एक युवक और युवती गुजर नहीं सके। बजहा सीमा चौकी क्षेत्र में नियमित नाका ड्यूटी के दौरान जवानों ने दोनों को रोककर पूछताछ की। युवती के नाबालिग होने की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को संवेदनशील मानते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।


SSB के अनुसार, घटना रात करीब 10:15 बजे की है। प्रारंभिक पूछताछ में युवक ने अपना नाम अब्दुल हलीम और उम्र 27 वर्ष बताई। साथ मौजूद युवती की उम्र कम होने की जानकारी मिलने पर नाका पार्टी के कमांडर ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी।

इसके बाद उपनिरीक्षक किशन लाल के साथ महिला कर्मियों को मौके पर भेजा गया। महिला कर्मियों द्वारा युवती से अलग से पूछताछ की गई। SSB के मुताबिक युवती ने बताया कि वह अपने माता-पिता को बताए बिना घर से निकली थी और युवक के साथ विवाह के उद्देश्य से मुंबई जाने की बात कह रही थी।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए AHTU पुलिस सिद्धार्थनगर तथा संबंधित SSB टीम को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीमों ने दोनों से पूछताछ की और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद मामले को AHTU पुलिस के सुपुर्द कर दिया।


सीमा पर SSB की पैनी नजर


भारत-नेपाल सीमा पर नियमित नाका, गश्त और अन्य निगरानी गतिविधियों के जरिए SSB लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखती है। बल की ओर से मानव तस्करी, नशीले पदार्थों, अवैध मुद्रा और अन्य प्रतिबंधित गतिविधियों की रोकथाम के लिए अभियान चलाए जाने की जानकारी दी गई है।


क्यों गंभीर है मामला?


नाबालिग की सुरक्षा बनी प्राथमिकता

नाबालिग से जुड़े मामलों में उसकी सुरक्षा और पहचान की गोपनीयता महत्वपूर्ण होती है। इस मामले में भी युवती को सार्वजनिक रूप से पहचान योग्य बनाने वाली कोई जानकारी प्रकाशित नहीं की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और तथ्यों की पुष्टि संबंधित पुलिस जांच के आधार पर होगी।


सारांश


बजहा सीमा चौकी क्षेत्र में SSB ने नेपाल की ओर से भारत में प्रवेश कर रहे एक युवक और नाबालिग युवती को रोका। पूछताछ के दौरान युवती के नाबालिग होने की जानकारी सामने आई। SSB ने संबंधित अधिकारियों को सूचना दी और आवश्यक प्रक्रिया के बाद दोनों को AHTU पुलिस सिद्धार्थनगर के सुपुर्द कर दिया। मामले की आगे जांच संबंधित पुलिस इकाई कर रही है।


टिप्पणी


भारत-नेपाल जैसी खुली और संवेदनशील सीमा पर सुरक्षा बलों की सतर्कता कई बार ऐसी परिस्थितियों को समय रहते सामने ला सकती है, जिनकी वास्तविक प्रकृति जांच के बाद ही स्पष्ट होती है। इस मामले में भी सबसे महत्वपूर्ण पहलू नाबालिग की सुरक्षा है। साथ ही, किसी व्यक्ति को जांच पूरी होने से पहले दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। इसलिए पूरे प्रकरण में तथ्यों की पुष्टि और पुलिस जांच के निष्कर्ष का इंतजार किया जाना चाहिए।

 

 

 

सेवा ज्योति कलश यात्रा ने दिया सेवा और विकसित भारत का संदेश

 

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सिद्धार्थनगर। सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को भारत माता चौक पर सेवा ज्योति कलश यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने सहभागिता की। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी देखा गया। वक्ताओं ने सेवा, सुशासन और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।


सिद्धार्थनगर में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित सेवा ज्योति कलश यात्रा में कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। भारत माता चौक से आयोजित कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सेवा एवं राष्ट्र निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाने की बात कही। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के संबोधन का लाइव प्रसारण भी देखा गया।

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कार्यक्रम में जिला प्रभारी प्रवीण गुप्ता, विधायक जय प्रताप सिंह, विधायक श्यामधनी राही, पूर्व विधायक डॉ. सतीश द्विवेदी सहित पार्टी के पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने की।

कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्षों के राजनीतिक सफर और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही।

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कार्यक्रम में क्या रहा खास?


– भारत माता चौक पर सेवा ज्योति कलश यात्रा का आयोजन

– बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने लिया हिस्सा

– प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण

– सेवा और सुशासन के संकल्प को दोहराया गया

– वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का संदेश दिया गया

– जिला व मंडल स्तर के पदाधिकारी रहे मौजूद

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वक्ताओं ने क्या कहा?


प्रवीण गुप्ता

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जिला प्रभारी प्रवीण गुप्ता ने कहा कि भारतीय राजनीति में 7 अक्टूबर का दिन महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लंबे सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के कार्यों का उल्लेख करते हुए कार्यकर्ताओं से सेवा भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।


दीपक मौर्य


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भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने कहा कि सेवा ज्योति कलश यात्रा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का अवसर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के संकल्प से प्रेरणा लेकर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही गई।


जय प्रताप सिंह


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विधायक जय प्रताप सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा यात्रा को तपस्या और राष्ट्र प्रथम की भावना का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि सेवा और राष्ट्रहित की भावना को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जाना चाहिए।


श्यामधनी राही


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विधायक श्यामधनी राही ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश और प्रदेश के आगे बढ़ने की बात कही।


सारांश


सिद्धार्थनगर में सेवा ज्योति कलश यात्रा के जरिए भाजपा कार्यकर्ताओं ने सेवा, सुशासन और विकसित भारत के संकल्प को दोहराया। कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

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टिप्पणी


सेवा ज्योति कलश यात्रा जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य संगठनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ कार्यकर्ताओं को सेवा और सामाजिक सरोकारों से जोड़ना भी बताया गया। सिद्धार्थनगर में आयोजित कार्यक्रम में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य और जनसेवा की भावना पर जोर दिया गया।

 

 

शोहरतगढ़ में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ मार्च’, बाबा साहब की प्रतिमा के सामने लिया वोट बचाने का संकल्प

सिद्धार्थनगर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश का हवाला देते हुए मंगलवार को शोहरतगढ़ तहसील मुख्यालय पर ‘वोट बचाओ-देश बचाओ मार्च’ निकाला गया। समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में गड़ाकुल तिराहे से शुरू हुआ पैदल मार्च बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा तक पहुंचा। यहां प्रतिमा पर माल्यार्पण कर राष्ट्रगान का गायन किया गया और लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा मताधिकार की रक्षा के लिए संकल्प लिया गया।


शोहरतगढ़ में समाजवादी पार्टी की ओर से ‘वोट बचाओ-देश बचाओ मार्च’ का आयोजन किया गया। गड़ाकुल तिराहे से बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा तक निकाले गए मार्च में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र एवं मताधिकार को लेकर अपनी बात रखी। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न नारे लगाए गए और संविधान में दिए गए सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार का उल्लेख किया गया।


मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं की ओर से “लोकतंत्र बचाना है, वोट बचाना है” जैसे नारे लगाए गए। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, इस दौरान “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो” का नारा भी लगाया गया। यह नारा कार्यक्रम में शामिल लोगों की राजनीतिक मांग के रूप में सामने आया।

कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मणेन्द्र मिश्रा ने कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने के किसी भी प्रयास को विफल किया जाएगा। उन्होंने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता को लेकर समाजवादी पार्टी के आंदोलनरत होने की बात कही।


संविधान और मताधिकार पर जोर


कार्यक्रम के दौरान संविधान के अनुच्छेद 326 का सार्वजनिक पाठ किए जाने की बात प्रेस विज्ञप्ति में कही गई। नेताओं ने सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मताधिकार नागरिकों का महत्वपूर्ण अधिकार है।


प्रतिमा के सामने संकल्प


मार्च के समापन पर बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद राष्ट्रगान का गायन हुआ और उपस्थित लोगों ने वोट की रक्षा तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संकल्प लिया।


कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद


मार्च की अगुवाई समाजवादी पार्टी शोहरतगढ़ विधानसभा अध्यक्ष हरिनारायण यादव, जिला अध्यक्ष अल्पसंख्यक सभा शकील शाह, सपा छात्र सभा के राष्ट्रीय सचिव अजय चौरसिया, जिला अध्यक्ष सैनिक प्रकोष्ठ एवं शोहरतगढ़ नगर पंचायत के पूर्व प्रत्याशी गोपाल फौजी, जोनल प्रभारी राकेश दूबे, घनश्याम यादव और संजय यादव सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने की।


सारांश


शोहरतगढ़ में आयोजित मार्च के जरिए समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मताधिकार, संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर अपनी राजनीतिक बात रखी। कार्यक्रम का समापन बाबा साहब की प्रतिमा के सामने माल्यार्पण, राष्ट्रगान और वोट बचाने के संकल्प के साथ हुआ।


टिप्पणी | FT News Digital


यह खबर उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति और उपलब्ध कार्यक्रम संबंधी विवरण के आधार पर तैयार की गई है। इसमें किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ स्वतंत्र रूप से कोई आरोप प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। कार्यक्रम में लगाए गए नारों और नेताओं के वक्तव्यों को उनके राजनीतिक बयान/कार्यक्रम के दावे के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है। संबंधित पक्षों की अतिरिक्त प्रतिक्रिया उपलब्ध होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।

 

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शोहरतगढ़ में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ मार्च’ के दौरान बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के सामने मौजूद सपा नेता और कार्यकर्ता।

 

 

सिद्धार्थनगर में लोधी समाज की विशाल जनसभा को लेकर जनसंपर्क तेज

25 अक्टूबर को बीएसए ग्राउंड में प्रस्तावित कार्यक्रम, गांव-गांव पहुंचकर लोगों से संपर्क कर रही आयोजन टीम

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सिद्धार्थनगर। लोधी समाज की ओर से 25 अक्टूबर को प्रस्तावित विशाल जनसभा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। आयोजन को लेकर समाज के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की ओर से गांव-गांव जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों से कार्यक्रम में पहुंचने की अपील की जा रही है। आयोजकों के मुताबिक, जनसभा का उद्देश्य समाज के लोगों को एक मंच पर एकत्रित करना और सामाजिक विषयों पर संवाद करना है।


जनसंपर्क अभियान में जुटी टीम


आयोजकों के अनुसार, जनसभा की तैयारियों का नेतृत्व लोधी समाज के जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह लोधी कर रहे हैं। उनके साथ जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश लोधी, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष डॉ. चंद्रिका प्रसाद लोधी, जिला महामंत्री राम उचित प्रताप लोधी, जिला महामंत्री रामवृक्ष लोधी, सदस्य धर्मराज निषाद, जिला महामंत्री श्यामानंद लोधी, सदस्य राम मिलन लोधी, उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र लोधी, युवा जिला अध्यक्ष सोनू लोधी और उपाध्यक्ष शुक्र लोधी समेत अन्य कार्यकर्ता जनसंपर्क में जुटे बताए जा रहे हैं।

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25 अक्टूबर को प्रस्तावित है जनसभा


आयोजकों से मिली जानकारी के मुताबिक, कार्यक्रम 25 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे बीएसए ग्राउंड, जिला जेल के सामने, सिद्धार्थनगर में प्रस्तावित है। कार्यक्रम में स्वामी साक्षी महाराज के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की जानकारी आयोजकों की ओर से दी गई है।


गांव-गांव पहुंच रही आयोजन टीम


जनसभा को लेकर पदाधिकारियों की टीम अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर समाज के लोगों से संवाद कर रही है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लगातार संपर्क अभियान चलाया जा रहा है।


आयोजन को लेकर बढ़ी सक्रियता


25 अक्टूबर की प्रस्तावित जनसभा को लेकर लोधी समाज के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में सक्रियता दिखाई दे रही है। जनसंपर्क अभियान के जरिए लोगों को कार्यक्रम की जानकारी दी जा रही है। आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम को लेकर तैयारियां निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ रही हैं।


25 अक्टूबर को सिद्धार्थनगर के बीएसए ग्राउंड में प्रस्तावित लोधी समाज की विशाल जनसभा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह लोधी के नेतृत्व में पदाधिकारी और कार्यकर्ता गांव-गांव जनसंपर्क कर रहे हैं। आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम में स्वामी साक्षी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।


सारांश


सिद्धार्थनगर में 25 अक्टूबर को लोधी समाज की प्रस्तावित विशाल जनसभा को लेकर जनसंपर्क अभियान तेज है। आयोजन टीम गांव-गांव पहुंचकर लोगों से संपर्क कर रही है। कार्यक्रम बीएसए ग्राउंड में सुबह 11 बजे प्रस्तावित है।


टिप्पणी


सिद्धार्थनगर में प्रस्तावित इस जनसभा को लेकर जिस तरह से स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है, उससे आयोजन को लेकर पदाधिकारियों की सक्रियता सामने आ रही है। अब निगाहें 25 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रम और उसमें लोगों की भागीदारी पर रहेंगी।

सिद्धार्थनगर में लोधी समाज की विशाल जनसभा को लेकर जनसंपर्क तेज

25 अक्टूबर को बीएसए ग्राउंड में प्रस्तावित कार्यक्रम, गांव-गांव पहुंचकर लोगों से संपर्क कर रही आयोजन टीम

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सिद्धार्थनगर। लोधी समाज की ओर से 25 अक्टूबर को प्रस्तावित विशाल जनसभा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। आयोजन को लेकर समाज के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की ओर से गांव-गांव जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों से कार्यक्रम में पहुंचने की अपील की जा रही है। आयोजकों के मुताबिक, जनसभा का उद्देश्य समाज के लोगों को एक मंच पर एकत्रित करना और सामाजिक विषयों पर संवाद करना है।


जनसंपर्क अभियान में जुटी टीम


आयोजकों के अनुसार, जनसभा की तैयारियों का नेतृत्व लोधी समाज के जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह लोधी कर रहे हैं। उनके साथ जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश लोधी, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष डॉ. चंद्रिका प्रसाद लोधी, जिला महामंत्री राम उचित प्रताप लोधी, जिला महामंत्री रामवृक्ष लोधी, सदस्य धर्मराज निषाद, जिला महामंत्री श्यामानंद लोधी, सदस्य राम मिलन लोधी, उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र लोधी, युवा जिला अध्यक्ष सोनू लोधी और उपाध्यक्ष शुक्र लोधी समेत अन्य कार्यकर्ता जनसंपर्क में जुटे बताए जा रहे हैं।

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25 अक्टूबर को प्रस्तावित है जनसभा


आयोजकों से मिली जानकारी के मुताबिक, कार्यक्रम 25 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे बीएसए ग्राउंड, जिला जेल के सामने, सिद्धार्थनगर में प्रस्तावित है। कार्यक्रम में स्वामी साक्षी महाराज के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की जानकारी आयोजकों की ओर से दी गई है।


गांव-गांव पहुंच रही आयोजन टीम


जनसभा को लेकर पदाधिकारियों की टीम अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर समाज के लोगों से संवाद कर रही है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लगातार संपर्क अभियान चलाया जा रहा है।


आयोजन को लेकर बढ़ी सक्रियता


25 अक्टूबर की प्रस्तावित जनसभा को लेकर लोधी समाज के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में सक्रियता दिखाई दे रही है। जनसंपर्क अभियान के जरिए लोगों को कार्यक्रम की जानकारी दी जा रही है। आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम को लेकर तैयारियां निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ रही हैं।


25 अक्टूबर को सिद्धार्थनगर के बीएसए ग्राउंड में प्रस्तावित लोधी समाज की विशाल जनसभा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह लोधी के नेतृत्व में पदाधिकारी और कार्यकर्ता गांव-गांव जनसंपर्क कर रहे हैं। आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम में स्वामी साक्षी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।


सारांश


सिद्धार्थनगर में 25 अक्टूबर को लोधी समाज की प्रस्तावित विशाल जनसभा को लेकर जनसंपर्क अभियान तेज है। आयोजन टीम गांव-गांव पहुंचकर लोगों से संपर्क कर रही है। कार्यक्रम बीएसए ग्राउंड में सुबह 11 बजे प्रस्तावित है।


टिप्पणी


सिद्धार्थनगर में प्रस्तावित इस जनसभा को लेकर जिस तरह से स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है, उससे आयोजन को लेकर पदाधिकारियों की सक्रियता सामने आ रही है। अब निगाहें 25 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रम और उसमें लोगों की भागीदारी पर रहेंगी।

सिद्धार्थनगर में कांग्रेस का ‘वोट बचाओ–देश बचाओ मार्च’, मतदाता सूची की पारदर्शिता का उठाया मुद्दा

 

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सिद्धार्थनगर। लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के तहत जिला कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को सिद्धार्थनगर में ‘वोट बचाओ–देश बचाओ मार्च’ निकाला। जिलाध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता जिला कांग्रेस कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची की पारदर्शिता, निष्पक्ष चुनाव और पात्र मतदाताओं के मताधिकार की सुरक्षा का मुद्दा उठाया।


मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे और ‘वोट बचाओ–देश बचाओ मार्च’ लिखे पोस्टर लेकर चल रहे थे। कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया। इसके बाद भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 का सार्वजनिक वाचन कर मताधिकार की रक्षा का संकल्प लिया गया।

कांग्रेस की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग भी उठाई गई। पार्टी नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।


कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने क्या कहा?


जिला कांग्रेस अध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का मत है। उन्होंने SIR प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए दावा किया कि देश के 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से करीब 13.37 करोड़ नाम बाहर हुए हैं।

उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या को लेकर मतदाता सूची की पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। कांग्रेस का कहना है कि पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रहें और किसी भी नागरिक को उसके मताधिकार से वंचित न किया जाए।


मार्च में ये प्रमुख मांगें रहीं


मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग

पात्र मतदाताओं के नाम सूची से नहीं हटाने की मांग

निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग

संविधान और मताधिकार की रक्षा का संकल्प


्सिद्धार्थनगर में कांग्रेस ने लोकतंत्र और मताधिकार के मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद के नेतृत्व में निकाले गए ‘वोट बचाओ–देश बचाओ मार्च’ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची की पारदर्शिता और निष्पक्ष चुनाव की मांग उठाई।


सारांश


जिला कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुआ मार्च कलेक्ट्रेट तक पहुंचा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पोस्टर और पार्टी के झंडे लेकर प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट गेट पर राष्ट्रगान के बाद संविधान के अनुच्छेद 326 का वाचन किया गया। कांग्रेस ने मतदाता अधिकारों की सुरक्षा को लेकर अपना आंदोलन जारी रखने की बात कही।


टिप्पणी


मतदाता सूची चुनावी लोकतंत्र की बुनियादी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में बने रहना और सूची तैयार करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता रहना महत्वपूर्ण है। हालांकि SIR से जुड़े 13.37 करोड़ नामों के आंकड़े सहित सभी राजनीतिक दावों को संबंधित आधिकारिक आंकड़ों और चुनाव आयोग के पक्ष के साथ देखा जाना चाहिए। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अपनी आपत्ति और मांग लोकतांत्रिक तरीके से सामने रखी है।


सिद्धार्थनगर में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन—‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ मार्च के जरिए मतदाता सूची की पारदर्शिता और निष्पक्ष चुनाव का मुद्दा उठाया गया। क़ाज़ी सुहेल अहमद के नेतृत्व में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रगान के साथ संविधान के अनुच्छेद 326 का वाचन कर मताधिकार की रक्षा का संकल्प लिया। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाया

बाढ़ प्रभावित किसानों के मुआवजे की मांग, सपा नेता मणेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

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सौ एकड़ से अधिक फसल नुकसान का दावा, पशुओं के चारे, मेडिकल कैंप और बिजली आपूर्ति की भी उठी मांग

शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर।
बाढ़ से प्रभावित किसानों की फसलों के नुकसान और राहत-मुआवजे की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में किसानों और स्थानीय लोगों ने शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गेंगटी गांव में तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन कार्यवाहक उप जिलाधिकारी शोहरतगढ़/तहसीलदार माधवेंद्र प्रताप सिंह को दिया गया।

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ज्ञापन के माध्यम से किसानों की ओर से सौ एकड़ से अधिक फसल प्रभावित होने का दावा करते हुए नियमानुसार सरकारी राहत एवं मुआवजा दिलाने की मांग की गई। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए सूखा चारा, बिजली आपूर्ति, मेडिकल कैंप और प्रभावित गांवों के आवागमन मार्ग को दुरुस्त कराने की मांग भी रखी गई।


बाढ़ के बाद खेतों में हुए नुकसान को लेकर किसानों की चिंता अब प्रशासन तक पहुंच गई है। शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गेंगटी गांव में किसानों ने फसल क्षति के मुआवजे समेत विभिन्न राहत उपायों की मांग को लेकर तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। सपा नेता मणेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर पात्र किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की मांग की गई।


प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, किसानों ने बताया कि बाढ़ की वजह से क्षेत्र में फसलों को नुकसान पहुंचा है। ज्ञापन में सौ एकड़ से अधिक फसल प्रभावित होने का दावा किया गया है। किसानों की मांग है कि संबंधित विभाग द्वारा मौके पर क्षति का आकलन कर नियमानुसार रिपोर्ट तैयार की जाए और पात्र प्रभावित किसानों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए।

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मणेन्द्र मिश्रा ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में किसानों के साथ-साथ पशुपालकों और आम लोगों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से पशुओं के लिए सूखा चारा उपलब्ध कराने, बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मेडिकल कैंप लगाए जाने की मांग रखी।


 तीन साल पुरानी बाढ़ का भी हवाला


ज्ञापन में तीन वर्ष पूर्व आई बाढ़ का भी उल्लेख किया गया है। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, उस समय प्रभावित किसानों को सरकारी राहत मिलने की बात कही गई है। इसी आधार पर इस बार भी प्रभावित किसानों के नुकसान का आकलन कर नियमानुसार राहत एवं मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की गई।


में प्रमुख मांगें


  • बाढ़ प्रभावित किसानों की फसल क्षति का सर्वे
  • पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा/राहत
  • पशुओं के लिए सूखा चारा
  • प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप
  • बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग
  • प्रभावित गांवों के आवागमन मार्ग को दुरुस्त कराने की मांग

फसल नुकसान के सर्वे और मुआवजे की मांग को लेकर किसान तहसील पहुंचे। शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गेंगटी गांव में बाढ़ प्रभावित किसानों ने सपा नेता मणेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर राहत की मांग उठाई। प्रशासन की ओर से कार्यवाहक एसडीएम/तहसीलदार माधवेंद्र प्रताप सिंह ने मामले में जल्द मदद किए जाने का आश्वासन दिया।

सारांश

बाढ़ प्रभावित किसानों की समस्याओं को लेकर शोहरतगढ़ तहसील में ज्ञापन दिया गया। किसानों ने फसल क्षति का सर्वे कराकर नियमानुसार मुआवजा दिलाने के साथ पशुओं के लिए चारा, मेडिकल कैंप, बिजली और आवागमन व्यवस्था बेहतर कराने की मांग रखी। प्रशासन की ओर से आवश्यक मदद का आश्वासन दिए जाने की बात प्रेस विज्ञप्ति में कही गई है।

टिप्पणी

बाढ़ के बाद किसानों की फसल क्षति का वास्तविक आकलन और पात्रता के आधार पर राहत उपलब्ध कराना प्रशासनिक प्रक्रिया का विषय है। ऐसे में किसानों की मांग के बाद अब महत्वपूर्ण यह होगा कि संबंधित विभाग द्वारा क्षति का कितना आकलन किया जाता है और पात्र प्रभावित लोगों तक सरकारी सहायता किस स्तर तक पहुंचती है। फिलहाल ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखी हैं।

प्रमुख रूप से रहे मौजूद

ज्ञापन देने वालों में पूर्व नगर पंचायत प्रत्याशी गोपाल फौजी, जिला अध्यक्ष अल्पसंख्यक शकील शाह, प्रदेश सचिव मो. जावेद खान, जोनल प्रभारी राकेश दूबे, जिला सचिव लवकुश सैनी, मझवन बूथ प्रभारी शफीक, रहमत अली, शहाबुद्दीन, सोमई, संदीप साहनी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


FT News Digital के लिए कानूनी सावधानी: खबर में किसानों के नुकसान और प्रशासन की कार्रवाई से जुड़े दावों को उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर ही रखा गया है। अंतिम प्रसारण में यदि सरकारी सर्वे/मुआवजे की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध हो, तो उसे अलग से जोड़ा जा सकता है।

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