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एरियर का रास्ता साफ होने के बाद सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों में खुशी की लहर

सिद्धार्थनगर। वर्षों तक सीमित मानदेय और आर्थिक तंगी से जूझते रहे अनुदेशकों के लिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला नई उम्मीद लेकर आया है। वर्ष 2017-18 से एरियर का रास्ता साफ होने के बाद जिले के 258 अनुदेशकों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। अनुमान है कि शासनादेश जारी होने के बाद प्रत्येक अनुदेशक को करीब 9 लाख रुपये तक का एरियर मिलेगा। यही वजह है कि वर्षों से अधूरे पड़े सपने अब साकार होते दिखाई दे रहे हैं।

भविष्य के लिए पैसा जमा करूंगा

अनुदेशक जिला अध्यक्ष अनिल पांडेय कहते हैं कि कम मानदेय के कारण वह अपने बच्चों को बेहतर स्कूल में नहीं पढ़ा सके। अब एरियर मिलने की उम्मीद ने उनके सपनों को नई उड़ान दी है। उनका कहना है कि सबसे पहले बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करेंगे और भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए पैसा जमा करेंगे

अब बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाऊंगा”

अनुदेशक रविकांत हैं कि वर्षों से जमीन खरीदकर अपना घर बनाने की इच्छा थी, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण यह संभव नहीं हो सका। एरियर मिलते ही सबसे पहले जमीन खरीदकर अपने आशियाने का सपना पूरा करेंगे।

गाड़ी का सपना पूरा करूंगा

अनुदेशक बुद्धिराम कहते हैं कि उनका सबसे बड़ा सपना अपना पक्का घर बनाना है। साथ ही विद्यालय आने-जाने की परेशानी दूर करने के लिए एक नई मोटरसाइकिल भी खरीदेंगे।

बेटियों की शादी करूंगा

अनुदेशक विष्णु वरुण कहते हैं कि घर की मरम्मत लंबे समय से टल रही है और बेटियों की शादी की जिम्मेदारी भी सामने है। एरियर मिलने पर दोनों महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए जाएंगे।

अब नियमितीकरण का इंतजार 

जिला मीडिया प्रभारी सत्यपाल सिंह कौशिक का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला केवल आर्थिक राहत नहीं, बल्कि वर्षों के संघर्ष, धैर्य और सम्मान की जीत है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार पर टिकी हैं। उनका आग्रह है कि जल्द से जल्द शासनादेश जारी कर एरियर का भुगतान कराया जाए और हमें नियमित किया जाए। ताकि न्यायालय के फैसले का वास्तविक लाभ प्रत्येक अनुदेशक तक पहुँच सके।

मुख्यमंत्री योगी के हाथों सम्मानित हुए गोरखपुर के अनुदेशक देवेंद्र लाल

लखनऊ के लोक भवन में आयोजित हुआ भव्य सम्मान समारोह

गोरखपुर। लखनऊ स्थित लोक भवन में आयोजित अंशकालिक अनुदेशक सम्मान समारोह में गोरखपुर के अनुदेशक देवेंद्र लाल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, शिक्षामंत्री संदीप सिंह हाथों सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान प्रदेश भर से आए अनुदेशकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित होने के बाद देवेंद्र लाल ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे अनुदेशकों के सम्मान और संघर्ष की बड़ी जीत बताया।

17 हजार मानदेय से मिली राहत

सम्मान समारोह के बाद देवेंद्र लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपये किया जाना सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि पहले 7 हजार रुपये मानदेय में परिवार चलाना बेहद मुश्किल होता था, लेकिन अब 8 हजार रुपये की बढ़ोतरी से अनुदेशकों को बड़ी राहत मिली है।

उन्होंने कहा,“पहले सीमित मानदेय में घर का खर्च चलाना काफी कठिन था। सरकार ने हमारी समस्याओं को समझा और मानदेय बढ़ाकर हमें सम्मान देने का काम किया है। इससे प्रदेश के हजारों अनुदेशकों में नई ऊर्जा आई है।”

नियमितीकरण की भी जताई उम्मीद

देवेंद्र लाल ने मुख्यमंत्री से उम्मीद जताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार भविष्य में अनुदेशकों को नियमित करने की दिशा में भी सकारात्मक निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि अनुदेशक लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं और सरकार को उनकी सेवाओं का स्थायी समाधान करना चाहिए।

उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा,

“हमें पूरा भरोसा है कि मुख्यमंत्री जी जल्द ही हमें हमारे ही पद पर नियमित करने का कार्य भी करेंगे।”

शिक्षा विभाग और संगठन पदाधिकारियों का जताया आभार

देवेंद्र लाल ने इस अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग और संगठन के पदाधिकारियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने गोरखपुर के एडी बेसिक शिक्षा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह, प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा तथा महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया।

अनुदेशकों में दिखा उत्साह का माहौल

लोक भवन में आयोजित इस सम्मान समारोह को लेकर प्रदेश भर के अनुदेशकों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले अनुदेशकों को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया गया। समारोह के बाद कई अनुदेशकों ने इसे ऐतिहासिक पहल बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

मुख्यमंत्री योगी के हाथों सम्मानित हुए गोरखपुर के अनुदेशक देवेंद्र लाल

लखनऊ के लोक भवन में आयोजित हुआ भव्य सम्मान समारोह

गोरखपुर। लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित अंशकालिक अनुदेशक सम्मान समारोह में गोरखपुर के अनुदेशक देवेंद्र लाल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान प्रदेश भर से आए अनुदेशकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित होने के बाद देवेंद्र लाल ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे अनुदेशकों के सम्मान और संघर्ष की बड़ी जीत बताया।

“17 हजार मानदेय से मिली राहत”

सम्मान समारोह के बाद देवेंद्र लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपये किया जाना सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि पहले 7 हजार रुपये मानदेय में परिवार चलाना बेहद मुश्किल होता था, लेकिन अब 8 हजार रुपये की बढ़ोतरी से अनुदेशकों को बड़ी राहत मिली है।

उन्होंने कहा,“पहले सीमित मानदेय में घर का खर्च चलाना काफी कठिन था। सरकार ने हमारी समस्याओं को समझा और मानदेय बढ़ाकर हमें सम्मान देने का काम किया है। इससे प्रदेश के हजारों अनुदेशकों में नई ऊर्जा आई है।”

नियमितीकरण की भी जताई उम्मीद

देवेंद्र लाल ने मुख्यमंत्री से उम्मीद जताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार भविष्य में अनुदेशकों को नियमित करने की दिशा में भी सकारात्मक निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि अनुदेशक लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं और सरकार को उनकी सेवाओं का स्थायी समाधान करना चाहिए।

उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा,

“हमें पूरा भरोसा है कि मुख्यमंत्री जी जल्द ही हमें हमारे ही पद पर नियमित करने का कार्य भी करेंगे।”

शिक्षा विभाग और संगठन पदाधिकारियों का जताया आभार

देवेंद्र लाल ने इस अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग और संगठन के पदाधिकारियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने गोरखपुर के एडी बेसिक शिक्षा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह, प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा पार्थसारथी सेन शर्मा तथा महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया।

अनुदेशकों में दिखा उत्साह का माहौल

लोक भवन में आयोजित इस सम्मान समारोह को लेकर प्रदेश भर के अनुदेशकों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले अनुदेशकों को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया गया। समारोह के बाद कई अनुदेशकों ने इसे ऐतिहासिक पहल बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

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