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सहारनपुर में हुदा जरीवाला पर पुलिस कार्रवाई, कथित आपत्तिजनक टिप्पणी मामले ने पकड़ा तूल

 

मस्जिद विवाद के बीच सोशल मीडिया टिप्पणी को लेकर शिकायत; पुलिस ने हिरासत में लेकर न्यायिक प्रक्रिया के तहत की कार्रवाई

सहारनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद के बीच सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सहारनपुर के जिलाधिकारी को लेकर कथित टिप्पणी के मामले में हुदा जरीवाला के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी के मुताबिक उन्हें हिरासत में लेकर संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।


सहारनपुर में मस्जिद से जुड़े विवाद के बीच सोशल मीडिया पर कथित टिप्पणी को लेकर मामला गरमा गया है। शिकायत के बाद पुलिस ने हुदा जरीवाला के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर सामने आई सामग्री और घटनाक्रम को जांच के दायरे में लिया गया है। मामले में आगे की स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।

सारांश

• कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद से जुड़ा विवाद चर्चा में।

• सोशल मीडिया टिप्पणी को लेकर पुलिस के पास शिकायत पहुंची।

• मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप।

• पुलिस ने हुदा जरीवाला को हिरासत में लिया।

• सर्किट हाउस से जुड़े घटनाक्रम की भी चर्चा।

• मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी। |

शिकायत से शुरू हुआ मामला

बताया गया है कि सोशल मीडिया पर सामने आई कथित टिप्पणी को लेकर पुलिस से शिकायत की गई थी। शिकायत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रशासनिक अधिकारियों के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का आरोप लगाया गया। शिकायत और उपलब्ध सामग्री के आधार पर पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की।


सर्किट हाउस में क्या हुआ?

मामले से जुड़े घटनाक्रम के दौरान हुदा जरीवाला के सर्किट हाउस पहुंचने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार वहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर पुलिसकर्मियों और उनके बीच विवाद की स्थिति बनी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। इस घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच संबंधित अधिकारियों के स्तर पर की जा रही है।

टिप्पणी

सोशल मीडिया के दौर में किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति, प्रशासन या सरकार से जुड़े मुद्दे पर प्रतिक्रिया देना लोकतांत्रिक अधिकारों का हिस्सा है, लेकिन सार्वजनिक मंच पर की गई कथित आपत्तिजनक या उकसाने वाली टिप्पणी कानून के दायरे में जांच का विषय बन सकती है। दूसरी ओर, किसी व्यक्ति पर लगाए गए आरोपों को न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध किए जाने तक आरोप ही माना जाना चाहिए।

इस मामले में भी पुलिस का पक्ष सामने आया है, जबकि आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया से तय होगी। इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री को बिना सत्यापन के तथ्य के रूप में प्रसारित करना उचित नहीं होगा।


सहारनपुर में मस्जिद विवाद के बीच सोशल मीडिया टिप्पणी को लेकर पुलिस कार्रवाई ने नया मोड़ ले लिया है। हुदा जरीवाला के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर शिकायत के बाद कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक मामले की जांच जारी है और आगे की स्थिति कानूनी प्रक्रिया से तय होगी।


अब इस मामले में जांच के दौरान सोशल मीडिया पोस्ट/वीडियो की वास्तविकता, उसका पूरा संदर्भ और संबंधित कानूनी पहलुओं की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। पुलिस की जांच तथा न्यायालय में होने वाली कार्यवाही के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आएगी।

कानूनी सुरक्षा नोट — FT NEWS DIGITAL

यह खबर उपलब्ध जानकारी और पुलिस/शिकायत से संबंधित सामने आए तथ्यों के आधार पर मौलिक रूप से तैयार की गई है। इसमें किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं किया गया है। “कथित”, “आरोप”, “पुलिस के मुताबिक” और “शिकायत में” जैसे शब्द जानबूझकर इस्तेमाल किए गए हैं। प्रकाशन से पहले स्थानीय पुलिस/अदालती रिकॉर्ड से तथ्यों का सत्यापन करना उचित होगा।

 

आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की घोषणा पर रायबरेली के आंगनवाड़ी संगठन ने जताया मुख्यमंत्री जी का आभार

 

 

रायबरेली आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं के हित में माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय पर रायबरेली के आंगनवाड़ी संगठन ने हर्ष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री जी का हृदय से आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया।

 

माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों का मानदेय ₹12,000 तथा सहायिकाओं का मानदेय ₹6,000 किए जाने की घोषणा, साथ ही ₹5 लाख तक के कैशलेस स्वास्थ्य बीमा, स्मार्टफोन एवं अन्य सुविधाएं प्रदान किए जाने का निर्णय प्रदेश की लाखों आंगनवाड़ी बहनों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।

 

इस अवसर पर रायबरेली की ओर से जिलाध्यक्ष बीना सिंह, जिला मंत्री स्नेहा सिंह, कोषाध्यक्ष प्रियंका सिंह, जिला उपाध्यक्ष बीना श्रीवास्तव, ब्लॉक महामंत्री रचना श्रीवास्तव एवं जिला संरक्षक विक्रम सिंह उपस्थित रहे।

 

कार्यक्रम में जिला संयुक्त मोर्चा के संयोजक श्री राकेश शुक्ला भी उपस्थित रहे और उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं के हित में लिए गए इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे लंबे समय से कार्यरत बहनों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

 

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियां एवं सहायिकाएं वर्षों से बाल विकास, पोषण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मानदेय में यह वृद्धि उनके कार्य के प्रति सम्मान को दर्शाती है।

 

सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्त्रियों ने एक स्वर में कहा—

 

“इस ऐतिहासिक एवं जनहितकारी निर्णय के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी का हृदय से कोटि-कोटि धन्यवाद एवं आभार।”

 

विक्रम सिंह

जिला संरक्षक

आंगनवाड़ी कर्मचारी जनकल्याण एसोसिएशन, रायबरेली

भाजपा संगठन को नई मजबूती: अभिजात मिश्रा बने प्रदेश महामंत्री, नेताओं ने दी बधाई

बस्ती। छोटे शहर से निकलकर अभिनय की दुनिया में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे बस्ती के कलाकार दिलीप चौधरी अब फिल्म ‘हनुमान अंश’ में महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आए हैं। फिल्म में उन्होंने वैद्य के किरदार को निभाया है।

बस्ती के कप्तानगंज क्षेत्र के नानीपुर गांव से ताल्लुक रखने वाले दिलीप चौधरी ने स्कूली दौर से ही अभिनय में रुचि लेना शुरू कर दिया था। स्कूल में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मंच पर अभिनय के दौरान मिली सराहना ने उनके भीतर कलाकार बनने का आत्मविश्वास बढ़ाया।

अभिनय के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए उन्होंने संघर्ष का रास्ता चुना और थिएटर से जुड़कर रंगमंच पर अपनी कला को निखारा। इसके बाद मुंबई का रुख किया और टीवी व फिल्मों में काम पाने के लिए लगातार प्रयास करते रहे।

फिल्म ‘हनुमान अंश’ में उन्हें वैद्य की भूमिका निभाने का अवसर मिला। रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने उन्हें इस भूमिका के लिए मौका दिया। दिलीप के लिए यह अवसर उनके लंबे संघर्ष और अभिनय यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

दिलीप चौधरी इससे पहले भी अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में अभिनय कर चुके हैं। उन्होंने थिएटर के साथ-साथ टीवी और फिल्मी प्रोजेक्ट्स में काम करके अपनी पहचान बनाने की कोशिश जारी रखी है।

 

“शिकार करने निकला तेंदुआ खुद हुआ कैद”

आबादी के बीच दहशत का सबब बना तेंदुआ पिंजड़े में कैद, वन विभाग ने ली राहत की सांस

गन्ने के खेत में लगाया गया था पिंजड़ा, बकरी के शिकार के दौरान फंसा तेंदुआ | जांच में मादा और स्वस्थ मिला

बहराइच। नानपारा रेंज क्षेत्र के एक गांव में पिछले कई दिनों से आबादी के आसपास तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों में बनी दहशत का आखिरकार अंत हुआ। वन विभाग की टीम ने शिवपुर विकासखंड के ग्राम नेवादा पूरे कस्वाती में निगरानी और अभियान के बाद तेंदुए को पिंजड़े में सुरक्षित पकड़ लिया।

बताया गया कि तेंदुआ कई दिनों से गांव और आसपास के खेतों में दिखाई दे रहा था। ग्रामीणों की सूचना के बाद वन विभाग ने इलाके में गश्त बढ़ाने के साथ लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। तेंदुए की गतिविधियों और मिले पदचिह्नों के आधार पर गन्ने के खेत में पिंजड़ा लगाया गया था।

बकरी के पीछे पिंजड़े में पहुंचा तेंदुआ

रविवार 6 सितंबर की सुबह करीब छह बजे तेंदुआ पिंजड़े में बांधी गई बकरी की ओर आकर्षित हुआ और शिकार करने के दौरान पिंजड़े में कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा के बीच उसे नानपारा रेंज कार्यालय ले गई।

तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली। मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई थी, जिसे नियंत्रित रखने के लिए वन विभाग और पुलिसकर्मियों को भी मशक्कत करनी पड़ी।

मादा तेंदुआ, उम्र करीब 3 से 4 साल

रेंज कार्यालय में तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण पशु चिकित्साधिकारी शिवपुर डॉ. मनोज वर्मा एवं उनकी टीम द्वारा किया गया। जांच के अनुसार पकड़ा गया तेंदुआ मादा है और उसकी उम्र करीब 3 से 4 वर्ष बताई गई है। अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान वह स्वस्थ पाया गया।

वन विभाग ने तेंदुए के पकड़े जाने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी है। अब प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव, लखनऊ से अनुमति मिलने के बाद तेंदुए को उपयुक्त प्राकृतिक वास स्थल में छोड़े जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

गन्ने के खेत और जंगल की नजदीकी बनी चुनौती

वन विभाग के अनुसार नानपारा रेंज का क्षेत्र जंगल के आसपास होने के साथ यहां बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती भी होती है। ऐसे में वन्यजीवों के खेतों और आबादी के नजदीक पहुंचने की घटनाएं सामने आती रहती हैं।

मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका को देखते हुए वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे खेतों और सुनसान स्थानों पर जाते समय विशेष सतर्कता बरतें तथा बच्चों और बुजुर्गों को अकेले खेतों की ओर न भेजें।

तेंदुए के पकड़े जाने के बाद भी वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी जारी रखने की बात कही है, ताकि किसी अन्य वन्यजीव की मौजूदगी होने पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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मौके पर वनक्षेत्राधिकारी पीयूष गुप्ता, डिप्टी रेंजर अमित वर्मा समेत वन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।

बस्ती में पुलिस अधिकारी की मौत की जांच ने खोली ‘हनी ट्रैप’ की कथित परतें

file 00000000fe2482088f14821800ab1531महिला समेत तीन गिरफ्तार, बोलेरो और तीन मोबाइल बरामद; ब्लैकमेलिंग के जरिए लाखों रुपये की कथित वसूली की जांच

बस्ती। वाल्टरगंज के तत्कालीन थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की मौत की जांच अब कथित हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग के मामले तक पहुंच गई है। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान ऐसे साक्ष्य सामने आए हैं, जिनसे एक महिला और उसके कथित सहयोगियों द्वारा लोगों को संपर्क में लेकर बाद में आपत्तिजनक सामग्री के नाम पर दबाव बनाने तथा रकम वसूलने की गतिविधियों की जानकारी मिली है।

पुलिस ने इस मामले में प्रियंका चौधरी, रामनयन चौधरी और विजय प्रकाश को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से एक बोलेरो वाहन और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। मामले में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की जांच अभी जारी है।

पुलिस अधिकारी की मौत के बाद शुरू हुई पड़ताल

वाल्टरगंज के तत्कालीन थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की 29 अगस्त को उनके सरकारी आवास में मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पड़ताल के दौरान अधिकारियों ने मोबाइल फोन, संपर्कों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की।

पुलिस के मुताबिक, इसी जांच में सूर्य प्रकाश सिंह और मामले में गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपियों के बीच संपर्क की जानकारी सामने आई। पुलिस का दावा है कि घटना वाले दिन दोपहर करीब 1:41 बजे आखिरी फोन कॉल भी हुई थी।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन संपर्कों और अधिकारी की मौत के बीच कथित ब्लैकमेलिंग की क्या भूमिका थी।

हनी ट्रैप के जरिए फंसाने का पुलिस का दावा

पुलिस की जांच के अनुसार, महिला पर आरोप है कि वह लोगों से संपर्क स्थापित करती थी। इसके बाद कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो अथवा सामग्री के नाम पर उन्हें डराने और पैसे की मांग करने का सिलसिला चलता था।

पुलिस का दावा है कि इसी तरीके से कुछ अन्य लोगों से भी लाखों रुपये की रकम लिए जाने की जानकारी सामने आई है।

जांच में सामने आए कुछ नामों के संबंध में पुलिस ने अलग-अलग रकम की कथित वसूली का भी उल्लेख किया है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

एक करोड़ रुपये के दबाव का भी दावा

मामले की जांच से जुड़े पुलिस दावे के मुताबिक, सूर्य प्रकाश सिंह पर भी कथित तौर पर बड़ी रकम देने का दबाव बनाया जा रहा था। पुलिस इस कथित ब्लैकमेलिंग को उनकी मौत से जोड़कर जांच कर रही है।

हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में कौन-कौन से तथ्य निर्णायक हैं और कथित तौर पर किसने क्या भूमिका निभाई, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

तीन गिरफ्तार, नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस

पुलिस ने मामले में प्रियंका चौधरी, उसके पिता रामनयन चौधरी और विजय प्रकाश को गिरफ्तार किया है। बरामद मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

पुलिस को आशंका है कि कथित गतिविधियों में और लोग भी जुड़े हो सकते हैं। इसी वजह से जांच का दायरा बढ़ाया गया है और आरोपियों के संपर्कों तथा लेन-देन से संबंधित तथ्यों को खंगाला जा रहा है।

कई पीड़ितों से रकम लेने का पुलिस का दावा

पुलिस के अनुसार जांच के दौरान कुछ लोगों से कथित तौर पर लाखों रुपये की वसूली की जानकारी सामने आई है। इनमें डॉक्टर उमेश से करीब चार लाख रुपये, अहमद रजा से करीब पांच लाख रुपये और आर्यन दीक्षित से करीब 15 लाख रुपये लिए जाने का पुलिस ने दावा किया है।

इन रकमों और संबंधित घटनाओं की भी पुलिस जांच कर रही है। इन दावों को अदालत में साबित होना अभी बाकी है।

आगे की जांच में खुलेंगे और राज

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के नेटवर्क, मोबाइल संपर्क, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और कथित आर्थिक लेन-देन की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस मामले में कितने लोग जुड़े थे और कथित वसूली का पूरा नेटवर्क कितना बड़ा था।

फिलहाल एक पुलिस अधिकारी की मौत की जांच से शुरू हुआ मामला कथित हनी ट्रैप, ब्लैकमेलिंग और धन वसूली की गंभीर जांच में बदल चुका है। पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष इस मामले की वास्तविक तस्वीर सामने लाएंगे।

FT News Digital की संपादकीय टिप्पणी

इस समाचार में किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं किया गया है। गिरफ्तारी और सभी आरोप पुलिस की ओर से बताए गए तथ्यों/दावों पर आधारित हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि सक्षम न्यायालय में साक्ष्यों के आधार पर होगी।

रिपोर्ट: FT News Digital | बस्ती

 

वित्तविहीन विद्यालय संगठन रायबरेली द्वारा किया गया वित्तविहीन शिक्षकों का सम्मान,

वित्तविहीन विद्यालय संगठन रायबरेली द्वारा किया गया वित्तविह

 

रायबरेली। वित्तविहीन विद्यालय संगठन रायबरेली एवं आधारशिला कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल कोर्सेज के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को सारस होटल, रायबरेली में वित्तविहीन शिक्षकों के सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में वर्षों से अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे वित्तविहीन शिक्षकों को सम्मानित कर उनके समर्पण एवं सेवाओं को नमन किया गया।

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी डॉ. तहसीलदार सिंह रहे। विशिष्ट अतिथियों में पूर्व राज्य महिला आयोग सदस्य श्रीमती शीला सिंह, एफडीडीआई फुरसतगंज के कार्यकारी निदेशक श्री सुनील कुमार द्विवेदी, कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री विक्रम सिंह, आधारशिला के श्री आशुतोष सिंह, एफडीडीआई फुरसतगंज के सीनियर फैकल्टी वरुण गुप्ता तथा एमजीएस टाटा मोटर्स के नियाज़ अहमद, दीप प्रकाश शुक्ला प्रबंधक चंद्रशेखर मेमोरियल पब्लिक स्कूल उपस्थित रहे।

 

कार्यक्रम में वित्तविहीन विद्यालय संगठन रायबरेली के अध्यक्ष एवं स्नातक एमएलसी प्रत्याशी, खंड लखनऊ, श्री धर्मेंद्र सिंह चौहान ने अतिथियों के साथ वित्तविहीन शिक्षकों को सम्मानित किया।

 

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि वित्तविहीन विद्यालय और उनमें कार्यरत शिक्षक प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण रीढ़ हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद वित्तविहीन शिक्षक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ उनके संस्कार, व्यक्तित्व और भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके योगदान को सम्मान और उचित अधिकार मिलना समय की आवश्यकता है।

 

धर्मेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाता, बल्कि वह राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है। वित्तविहीन शिक्षकों ने कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा की लौ को जलाए रखा है। उनका सम्मान वास्तव में शिक्षा और शिक्षक दोनों का सम्मान है। उन्होंने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों की समस्याओं, सम्मान, अधिकार और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दों को मजबूती से उठाने का निरंतर प्रयास किया जाएगा।

 

समारोह में बड़ी संख्या में वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षक, प्रबंधक एवं शिक्षा क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य वित्तविहीन शिक्षकों के योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मान देना तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके अधिकारों और समस्याओं के प्रति समाज एवं सरकार का ध्यान आकर्षित करना रहा।

 

कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा—

“शिक्षक का सम्मान, शिक्षा का सम्मान;

वित्तविहीन शिक्षक का सम्मान, राष्ट्र निर्माण का सम्मान।”

मंच संचालन जिला मीडिया प्रभारी सूरज यादव ने किया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से एलपी यादव, के के शुक्ला, रमाकांत पांडेय, सुरेंद्र मौर्य,अब्दुल बारिक खान आदि जिले के दर्जनों विद्यालय प्रबंधक एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

*गरीबों को शिक्षा से वंचित कर रही सरकार-श्यामलाल पाल*

 

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में छब्बीस हज़ार प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालयों को बंद कर दिया गया है जिसमें अठाईस विद्यालय जनपद रायबरेली में भी बंद हुये हैं जिससे ग़रीब बच्चे शिक्षा से वंचित एवं शिक्षक दूरस्थ विद्यालयों में शिक्षण कार्य करने के लिये बाध्य हैं।

शिक्षक दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देशानुसार बंद विद्यालयों के परिसर के समीप शिक्षक दिवस मनाने के लिए समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम आयोजित किये उसी क्रम में विधानसभा क्षेत्र ऊँचाहार के जगतपुर ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय मनिहर सरकी के निकट आयोजित शिक्षक सम्मान दिवस कार्यक्रम में शामिल होने आये समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल को स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस द्वारा उनके पहुँचने से पूर्व ही कार्यक्रम स्थल अवरोधित कर कार्यकर्ताओं को बलपूर्वक प्रयास कर हटाया गया परन्तु प्रदेश अध्यक्ष एवं जिला अध्यक्ष के कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने पर सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता एवं ग्रामवासी एकत्रित होकर कार्यक्रम में शामिल हुए।

उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने कहा कि तानाशाह प्रदेश सरकार संविधान विरोधी कार्य कर रही है यह शिक्षा एवं शिक्षक विरोधी सरकार है।ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विद्यालयों में गरीबों वंचितों के बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं बीजेपी सरकार उनकी सुविधा को छीनने का कुत्सित प्रयास कर रही है।शिक्षक दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी शिक्षकों का सम्मान कार्यक्रम आयोजित कर रही जिससे बीजेपी के लोग घबराकर जिला प्रशासन के माध्यम से कार्यकर्ताओं की आवाज को दबाने का कार्य कर रहे हैं।योगी सरकार हिटलर की राह पर चलकर छात्र शिक्षक सभी का दमन करना चाहती है।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों से

जिला अध्यक्ष इ.वीरेंद्र यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी शिक्षकों के सम्मान में कार्यक्रम कर उन्हें प्रोत्साहित कर रही है परंतु प्रदेश सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों से बंद पड़े विद्यालयों को समाजवादी पार्टी के बढ़ते प्रभाव से चिंतित बीजेपी सरकार के बेसिक शिक्षा अधिकारी के तत्काल आदेश के तहत उन स्कूलों को आज एक दिन के लिए खोला जाना फिर सदैव के लिए बन्द कर देना ग्रामीण नौनिहालों एवं शिक्षकों के साथ धोखा एवं अन्याय है।ऊँचाहार विधानसभा क्षेत्र में सरकार के प्रभावशाली लोगों के इसारे पर शिक्षक दिवस मनाने से रोका जाना अलोकतांत्रिक व असंवैधानिक है जिसे इस क्षेत्र के लोग वोट के अधिकार से जवाब देंगे।

कार्यक्रम में प्रदेश सचिव ओम प्रकाश मिश्रा,विधानसभा अध्यक्ष जगदेव यादव,राजेंद्र यादव,बीएन मौर्य,राजेश मौर्य,अखिलेश यादव,हसनैन ख़ान,देवराज यादव,शुभम लोहिया,रेहान कज़ियाना,धर्मेंद्र पाल,महेंद्र सोनकर,राजेंद्र पासी,श्रवण आज़ाद,महमूदुल हसन,रामजियावन यादव,शिवेंद्र सिंह यादव,राहुल यादव,सुंदर लाल,सुरेश पासी,मिश्रीलाल पासी,वृंदावन यादव,जंगबहादुर यादव,हरीश यादव,लालबहादुर क्रांतिकारी,सोहनलाल,साहबदीन,शुभम पाल,अभिकल यादव,अरशद सुल्तान,अभिषेक यादव,सूर्य भवन यादव,योगेन्द्र यादव सहित सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए।

इसी प्रकार जनपद के अन्य विद्यालयों में भी विधायकों श्यामसुन्दर भारती,राहुल लोधी एवं अन्य पदाधिकारियों को भी पुलिस प्रशासन द्वारा शिक्षक दिवस कार्यक्रम आयोजित करने पर अवरोध उत्पन्न किया गया।

_*आरटीओ प्रवर्तन ने उप संभागीय परिवहन कार्यालय रायबरेली का किया औचक निरीक्षण*_ 

 

 

 

रायबरेली परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), अयोध्या संजय कुमार झा ने उप संभागीय परिवहन कार्यालय, रायबरेली का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता की जांच की गई तथा कार्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्र का भौतिक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय में उपस्थित जनसामान्य से संवाद कर उनके द्वारा कराए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने आमजन ने बताया कि वे एनओसी एवं पुनः पंजीयन संबंधी कार्यों के लिए कार्यालय आए हैं।

संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) ने कार्यालय में कार्यरत समस्त पटल सहायकों के पटल पर जाकर कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित पाए गए। कार्यालय परिसर की साफ-सफाई एवं पत्रावलियों के रख-रखाव पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।

उन्होंने कार्यालय परिसर में फीस से संबंधित होर्डिंग लगाए जाने तथा कुछ अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) रायबरेली अरविन्द कुमार यादव, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) रायबरेली उमेश कटियार सहित अन्य संबंधित अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।

रायबरेली ऊंचाहार श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। 11 से 17 सितंबर तक चड़रई टोल प्लाजा के पास आयोजित होने वाली कथा को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आयोजन में अंतरराष्ट्रीय कथावाचक प्रदीप मिश्रा शिव महापुराण कथा का रसपान कराएंगे।ऊंचाहार विधानसभा क्षेत्र में भव्य 

रायबरेली ऊंचाहार श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। 11 से 17 सितंबर तक चड़रई टोल प्लाजा के पास आयोजित होने वाली कथा को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आयोजन में अंतरराष्ट्रीय कथावाचक प्रदीप मिश्रा शिव महापुराण कथा का रसपान कराएंगे।ऊंचाहार विधानसभा क्षेत्र में भव्य

कथा आयोजन से पहले 10 सितंबर को महिलाओं द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। आयोजकों के अनुसार कलश यात्रा पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जाएगी। कार्यक्रम में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

बताया गया कि आयोजन में भाजपा शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के भी ल होने की संभावना है। श्रद्धालुओं की भारी भाट को देखते हुए आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को म रूप दिया जा रहा है।

श्री शिव महापुराण कथा की जानकारी कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय ने दी। आयोजन को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है और तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।

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