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151 पवित्र नदियों के जल कलशों के साथ आगे बढ़ी सूर्य मूर्ति प्राकट्य उत्सव यात्रा, प्रयागराज में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने किया स्वागत

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प्रयागराज।

पूर्वांचल महोत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित चतुर्थ सूर्य मूर्ति प्राकट्य उत्सव यात्रा दूसरे दिन प्रयागराज पहुंची। सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर परिसर में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कर यात्रा का स्वागत किया और भगवा ध्वज दिखाकर आगे के लिए रवाना किया।

इस दौरान यात्रा के साथ चल रहे 151 पवित्र नदियों के जल कलशों का विधिवत पूजन किया गया। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक परंपराओं और ऐतिहासिक विरासतों को आगे बढ़ाने में ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि देश की 151 नदियों के जल का एक साथ पूजन करना राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। साथ ही उन्होंने लोगों से नदियों के संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लेने का आह्वान किया।

पूर्वांचल महोत्सव समिति के अध्यक्ष विनय राय ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य सनातन संस्कृति, नदी संरक्षण और प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने आयोजन में सहयोग के लिए उप मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

इससे पहले यात्रा मिर्जापुर स्थित मां विंध्यवासिनी धाम पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। इसके बाद गंगा नदी से पवित्र जल लेकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश पूजन किया गया और यात्रा प्रयागराज पहुंची।

गौरतलब है कि 26 जुलाई को आजमगढ़ के तमसा और सिलानी नदी संगम स्थित चंद्रमा ऋषि आश्रम से शुरू हुई यह यात्रा प्रयागराज के बाद लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर होते हुए कुशीनगर के तुर्कपट्टी स्थित सूर्य मंदिर पहुंचेगी, जहां सूर्य मूर्ति प्राकट्य उत्सव के अवसर पर इसका समापन होगा।


स्थान – प्रयागराज

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डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने किया स्वागत।

151 पवित्र नदियों के जल कलशों का पूजन।

सनातन संस्कृति और नदी संरक्षण का दिया संदेश।

यात्रा कुशीनगर के सूर्य मंदिर तक पहुंचेगी।

संपादकीय टिप्पणी

धार्मिक और सांस्कृतिक यात्राएं समाज में आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय एकता का संदेश देने का भी माध्यम बनती हैं। यदि इनके माध्यम से नदियों के संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ती है तो ऐसे आयोजनों का सामाजिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है।

 

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