किसानों की 13 मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने उठाई आवाज, सिद्धार्थनगर में धरना
किसान सम्मान निधि बढ़ाने से लेकर सिंचाई, खाद-बीज और भूमि अधिग्रहण तक की मांगें

सिद्धार्थनगर, 18 सितंबर 2026। किसानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ, उत्तर प्रदेश की ओर से सिद्धार्थनगर जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया गया। संगठन की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर किसानों से संबंधित विभिन्न मुद्दों के समाधान की मांग की गई।
भारतीय किसान संघ की ओर से दिए गए ज्ञापन में किसान सम्मान निधि की राशि ₹6,000 से बढ़ाकर ₹12,000 किए जाने, भूमि अधिग्रहण का मुआवजा नए सर्किल रेट के आधार पर निर्धारित करने तथा किसानों को समय से खाद और बीज उपलब्ध कराने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है।
ज्ञापन में संगठन ने वर्ष 2024-25 में उद्यान विभाग की ओर से पावर टिलर पर मिलने वाली सब्सिडी की राशि किसानों के खातों में नहीं पहुंचने का मुद्दा भी उठाया है। संगठन ने संबंधित किसानों को लंबित सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की है।

इसके साथ ही खतौनी में गलत तरीके से की गई हिस्सेदारी के कारण किसानों को हो रही परेशानी का उल्लेख करते हुए ग्राम पंचायत सचिवालय में लेखपालों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और हिस्सेदारी में सुधार कराने की मांग की गई है।
भारतीय किसान संघ ने किसानों को आयुष्मान कार्ड का लाभ दिलाने तथा इसके लिए छह सदस्यों वाली अनिवार्यता की शर्त समाप्त करने की मांग भी ज्ञापन में रखी है।

सिंचाई व्यवस्था को लेकर संगठन ने सरकारी नलकूपों से सिंचाई का न्यूनतम क्षेत्रफल 150 एकड़ निर्धारित करने, नालियों और पाइप लाइनों की मरम्मत कराने तथा नहरों से खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था बेहतर करने की मांग की है।
ज्ञापन में सिद्धार्थनगर के नेपाल बॉर्डर क्षेत्र में स्थित सागरियों से निकलने वाली नहरों को सुचारु रूप से चलाने की मांग भी शामिल है, ताकि क्षेत्र के किसानों को सिंचाई का लाभ मिल सके।
अशोगवां-नगवां बांध के मुआवजे का मुद्दा
किसान संघ ने सिद्धार्थनगर में बाढ़ से संबंधित अशोगवां-नगवां बांध का मुद्दा भी उठाया। ज्ञापन के अनुसार वर्ष 1970 में बने बांध के कारण प्रभावित नौगवां गांव के किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिलने की बात कही गई है। संगठन ने मुआवजे के भुगतान की मांग की है।
गलत बीज वितरण से नुकसान का उल्लेख
ज्ञापन में वर्ष 2025 में जिले में धान के बीज के स्थान पर गेहूं का बीज सरकारी बीज गोदामों पर आने का उल्लेख करते हुए किसानों को हुए नुकसान के संबंध में सहायता उपलब्ध कराने की मांग की गई है। संगठन ने इस मामले में स्थिति स्पष्ट कर राहत दिए जाने की मांग की है।
खेतों में जलभराव से जुड़ी मांग
कच्ची और पक्की सड़कों के निर्माण के कारण खेतों में जलभराव की समस्या होने का हवाला देते हुए किसान संघ ने खेतों के पास बिना होम पाइप के सड़कों का निर्माण नहीं कराने की मांग रखी है।
किसान सम्मान निधि ₹6,000 से बढ़ाकर ₹12,000 की जाए।
भूमि अधिग्रहण का मुआवजा नए सर्किल रेट से निर्धारित हो।
लंबित पावर टिलर सब्सिडी का भुगतान कराया जाए।
खाद और बीज उचित दर पर समय से उपलब्ध हों।
खतौनी की हिस्सेदारी संबंधी समस्याओं का समाधान हो।
किसानों को आयुष्मान कार्ड का लाभ मिले।
सरकारी नलकूपों से सिंचाई व्यवस्था बेहतर हो।
नहरों से खेतों तक पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
सिंचाई बिजली कनेक्शन सस्ता और आसान किया जाए।
अशोगवां-नगवां बांध से संबंधित मुआवजे का भुगतान कराया जाए।
गलत बीज वितरण से प्रभावित किसानों को राहत दी जाए।
खेतों में जलभराव रोकने के लिए सड़क निर्माण में उचित जल निकासी व्यवस्था हो।
टिप्पणी
किसानों की ओर से उठाए गए इन मुद्दों में सिंचाई, कृषि इनपुट, भूमि संबंधी अभिलेख, मुआवजा और सरकारी योजनाओं का लाभ जैसे विषय शामिल हैं। अब इन मांगों पर संबंधित विभागों की ओर से क्या कार्रवाई होती है, यह आगे देखने वाली बात होगी। खबर में दर्ज मांगें भारतीय किसान संघ द्वारा दिए गए ज्ञापन में उल्लिखित हैं।
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