“शिकार करने निकला तेंदुआ खुद हुआ कैद”
आबादी के बीच दहशत का सबब बना तेंदुआ पिंजड़े में कैद, वन विभाग ने ली राहत की सांस
गन्ने के खेत में लगाया गया था पिंजड़ा, बकरी के शिकार के दौरान फंसा तेंदुआ | जांच में मादा और स्वस्थ मिला
बहराइच। नानपारा रेंज क्षेत्र के एक गांव में पिछले कई दिनों से आबादी के आसपास तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों में बनी दहशत का आखिरकार अंत हुआ। वन विभाग की टीम ने शिवपुर विकासखंड के ग्राम नेवादा पूरे कस्वाती में निगरानी और अभियान के बाद तेंदुए को पिंजड़े में सुरक्षित पकड़ लिया।
बताया गया कि तेंदुआ कई दिनों से गांव और आसपास के खेतों में दिखाई दे रहा था। ग्रामीणों की सूचना के बाद वन विभाग ने इलाके में गश्त बढ़ाने के साथ लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। तेंदुए की गतिविधियों और मिले पदचिह्नों के आधार पर गन्ने के खेत में पिंजड़ा लगाया गया था।
बकरी के पीछे पिंजड़े में पहुंचा तेंदुआ
रविवार 6 सितंबर की सुबह करीब छह बजे तेंदुआ पिंजड़े में बांधी गई बकरी की ओर आकर्षित हुआ और शिकार करने के दौरान पिंजड़े में कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा के बीच उसे नानपारा रेंज कार्यालय ले गई।
तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली। मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई थी, जिसे नियंत्रित रखने के लिए वन विभाग और पुलिसकर्मियों को भी मशक्कत करनी पड़ी।
मादा तेंदुआ, उम्र करीब 3 से 4 साल
रेंज कार्यालय में तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण पशु चिकित्साधिकारी शिवपुर डॉ. मनोज वर्मा एवं उनकी टीम द्वारा किया गया। जांच के अनुसार पकड़ा गया तेंदुआ मादा है और उसकी उम्र करीब 3 से 4 वर्ष बताई गई है। अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान वह स्वस्थ पाया गया।
वन विभाग ने तेंदुए के पकड़े जाने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी है। अब प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव, लखनऊ से अनुमति मिलने के बाद तेंदुए को उपयुक्त प्राकृतिक वास स्थल में छोड़े जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
गन्ने के खेत और जंगल की नजदीकी बनी चुनौती
वन विभाग के अनुसार नानपारा रेंज का क्षेत्र जंगल के आसपास होने के साथ यहां बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती भी होती है। ऐसे में वन्यजीवों के खेतों और आबादी के नजदीक पहुंचने की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका को देखते हुए वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे खेतों और सुनसान स्थानों पर जाते समय विशेष सतर्कता बरतें तथा बच्चों और बुजुर्गों को अकेले खेतों की ओर न भेजें।
तेंदुए के पकड़े जाने के बाद भी वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी जारी रखने की बात कही है, ताकि किसी अन्य वन्यजीव की मौजूदगी होने पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

मौके पर वनक्षेत्राधिकारी पीयूष गुप्ता, डिप्टी रेंजर अमित वर्मा समेत वन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
Views: 95

