फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
सिद्धार्थनगर के युवक की कोयंबटूर से गिरफ्तारी, कथित AQIS मॉड्यूल की जांच में ATS ने खोली डिजिटल कड़ियों की पड़ताल

कोयंबटूर से गिरफ्तारी के बाद सिद्धार्थनगर के मधवापुर गांव में चर्चा तेज, ऑनलाइन गतिविधियों और कथित संपर्कों की जांच

सिद्धार्थनगर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड यानी UP ATS की कार्रवाई में सिद्धार्थनगर जिले के बांसी तहसील क्षेत्र के मधवापुर गांव निवासी 19 वर्षीय मकसूद अली को कोयंबटूर से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। ATS के अनुसार, यह कार्रवाई पूर्व में गिरफ्तार एक आरोपी से पूछताछ और विवेचना के दौरान सामने आए इनपुट के आधार पर की गई। एजेंसी अब युवक की कथित ऑनलाइन गतिविधियों, डिजिटल संपर्कों और नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।


रोजगार के लिए निकला युवक जांच के दायरे में

जानकारी के अनुसार, मकसूद अली कुछ समय पहले रोजगार के सिलसिले में कोयंबटूर गया था। वहां वह बढ़ई/फर्नीचर से संबंधित काम कर रहा था। इसी दौरान जांच एजेंसी को उसकी कथित डिजिटल गतिविधियों और ऑनलाइन संपर्कों के बारे में इनपुट मिलने की बात सामने आई।

14 सितंबर 2026 को UP ATS ने तमिलनाडु ATS के सहयोग से कोयंबटूर में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया।


एक गिरफ्तारी और कई सवाल

मकसूद अली की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का दायरा सिर्फ उसकी गिरफ्तारी तक सीमित नहीं बताया जा रहा, बल्कि उसके कथित ऑनलाइन संपर्कों और डिजिटल गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।

ATS के अनुसार, जांच में कथित तौर पर कुछ सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से संपर्कों की जानकारी सामने आई है। एजेंसी इन संपर्कों की प्रकृति और कथित नेटवर्क से उनके संबंधों की जांच कर रही है।


ATS के दावों में डिजिटल नेटवर्क का जिक्र

जांच एजेंसी के अनुसार, मकसूद अली के संबंध में सामने आए डिजिटल इनपुट की जांच की गई। ATS का दावा है कि उसने इंटरनेट के माध्यम से Python, Java, Coding और Hacking जैसी तकनीकी जानकारी हासिल की थी।

जांच एजेंसी ने ‘Captain M Network’ नामक कथित सिक्योर एप्लीकेशन का भी उल्लेख किया है। इस एप्लीकेशन का उद्देश्य क्या था और इसका इस्तेमाल किस स्तर पर हुआ, इसे लेकर जांच जारी है।

ATS की ओर से कथित रूप से कुछ मैसेजिंग ग्रुपों और विदेशी नंबरों से जुड़े संपर्कों की भी जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है।

हालांकि, इन सभी बिंदुओं को जांच एजेंसी के आरोप/दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इनका अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होना है।


जांच में सामने आए प्रमुख बिंदु

ATS के अनुसार जांच के केंद्र में—

1. ऑनलाइन संपर्क

जांच एजेंसी कथित सोशल मीडिया और मैसेजिंग संपर्कों की पड़ताल कर रही है।

2. तकनीकी गतिविधियां

ATS के अनुसार युवक ने ऑनलाइन माध्यम से Coding और Hacking सहित कुछ तकनीकी जानकारियां हासिल की थीं।

3. कथित विदेशी संपर्क

जांच में कुछ विदेशी मोबाइल नंबरों वाले समूहों से कथित संपर्क की बात सामने आने का दावा किया गया है।

4. कथित सिक्योर एप्लीकेशन

‘Captain M Network’ नामक कथित एप्लीकेशन का उल्लेख जांच में किया गया है।

5. नेटवर्क की तलाश

ATS कथित तौर पर इस मामले से जुड़े अन्य संपर्कों और व्यक्तियों की जानकारी जुटा रही है।


मधवापुर गांव में बढ़ी हलचल

मकसूद अली की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद सिद्धार्थनगर के मधवापुर गांव में भी चर्चा तेज हो गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, युवक रोजगार के उद्देश्य से घर से बाहर गया था।

परिवार और स्थानीय लोगों के लिए गिरफ्तारी की खबर चौंकाने वाली बताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर भी इस पूरे मामले को लेकर लोग जांच के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।

ATS का पक्ष | जांच अभी जारी

ATS की ओर से बताया गया है कि आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार किया गया और आगे की कार्रवाई न्यायालय के समक्ष की गई। एजेंसी कथित मॉड्यूल से जुड़े संपर्कों और नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही है।

जांच एजेंसी के अनुसार, शुरुआती स्तर पर सामने आए डिजिटल इनपुट को अलग-अलग स्तर पर सत्यापित किया जा रहा है।


आगे क्या हो सकता है?

अब जांच एजेंसियों का फोकस कथित डिजिटल नेटवर्क और उससे जुड़े संपर्कों पर है। जांच के दौरान बरामद या सामने आए डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल, संपर्कों का सत्यापन और अन्य संभावित कड़ियों की जांच महत्वपूर्ण होगी।

यदि जांच में कोई अन्य तथ्य सामने आते हैं तो आने वाले दिनों में मामले में और कार्रवाई संभव है। फिलहाल जांच एजेंसी की कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।

सारांश

कोयंबटूर से सिद्धार्थनगर के 19 वर्षीय युवक मकसूद अली की गिरफ्तारी के बाद UP ATS कथित AQIS विचारधारा से जुड़े ऑनलाइन नेटवर्क और डिजिटल संपर्कों की जांच कर रही है। ATS ने युवक की कथित तकनीकी और ऑनलाइन गतिविधियों से संबंधित कई बिंदुओं का उल्लेख किया है।

लेकिन फिलहाल ये सभी जांच एजेंसी के आरोप और दावे हैं। किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण सक्षम न्यायालय द्वारा साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा।


FT NEWS DIGITAL इस मामले में किसी भी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं करता। खबर में गिरफ्तारी, जांच और कथित नेटवर्क से संबंधित जानकारी को जांच एजेंसी के दावे/आरोप के रूप में प्रस्तुत किया गया है। किसी भी आरोप को न्यायालय द्वारा सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।

हमारा उद्देश्य केवल उपलब्ध जानकारी को जिम्मेदार, संतुलित और तथ्यपरक पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना है। मामले में जांच पूरी होने तथा न्यायिक प्रक्रिया के आगे बढ़ने के साथ ही स्थिति और स्पष्ट होगी।

FT NEWS DIGITAL — सच और…कुछ नहीं

रिपोर्ट: FT NEWS DIGITAL संवाददाता | सिद्धार्थनगर/लखनऊ

Views: 99

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।