बारिश ने बिगाड़ी बिजली व्यवस्था, आठ फीडरों की आपूर्ति प्रभावित
पेड़ और बिजली के पोल गिरने से मुख्य लाइनें क्षतिग्रस्त, करीब 800 गांवों में संकट; कई इलाकों में 24 से 36 घंटे तक बिजली बाधित
सिद्धार्थनगर। लगातार बारिश और तेज हवाओं के बीच जिले के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है। जगह-जगह पेड़ गिरने और विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने से मुख्य लाइनों में व्यवधान आया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार आठ फीडरों से जुड़े करीब 800 गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है, जबकि कुछ इलाकों में 36 घंटे तक आपूर्ति बाधित रहने की बात सामने आई है। विद्युत विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त लाइनों और पोल को दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल करने में जुटी हैं।
लगातार बारिश ने जिले के ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति को प्रभावित कर दिया। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं, जबकि कुछ जगह पोल टूट गए। इससे कई फीडरों से जुड़े गांवों में अंधेरा छाया रहा। बारिश जारी रहने के कारण मरम्मत कार्य में भी कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर घरों से लेकर दुकानों और अन्य जरूरी गतिविधियों पर पड़ा। बिजली न रहने से इन्वर्टर और मोबाइल चार्जिंग जैसी सुविधाएं भी प्रभावित हुईं। ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली नहीं आने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई।
क्या सामने आया
जानकारी के मुताबिक जिले के विभिन्न हिस्सों में बिजली के पोल और लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। आठ फीडरों पर आपूर्ति प्रभावित होने की सूचना है। करीब 350 से अधिक विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने का अनुमान है, जबकि लगभग 800 गांवों में बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की बात सामने आई है। कुछ क्षेत्रों में पिछले 24 से 36 घंटे तक आपूर्ति बाधित रहने की जानकारी भी सामने आई।
बांसी क्षेत्र के कुछ फीडरों के साथ ढेबरुआ, बोहली और बढ़नी क्षेत्र से जुड़ी विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित बताई गई। कई स्थानों पर मुख्य लाइनों पर पेड़ गिरने से फाल्ट की स्थिति बनी।
उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी
लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। घरों में इन्वर्टर की बैटरी खत्म होने के बाद मोबाइल और अन्य जरूरी उपकरण चार्ज करने में दिक्कत आई। बारिश और अंधेरे के कारण रात के समय परेशानी और बढ़ गई।
मरम्मत कार्य में मौसम बना चुनौती
विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार बारिश और तेज हवा के बीच क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत करना आसान नहीं है। जहां केवल तारों की मरम्मत संभव है, वहां कर्मचारी काम कर रहे हैं, लेकिन जिन स्थानों पर विद्युत पोल टूट गए हैं, वहां नए पोल लगाने में समय लग रहा है। विभागीय टीमें प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रही हैं।
बारिश थमने के बाद विद्युत बहाली के काम में तेजी आने की उम्मीद है। विभाग की ओर से फाल्ट वाले स्थानों को चिन्हित कर चरणबद्ध तरीके से आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में पोल और मुख्य लाइनें ज्यादा क्षतिग्रस्त हैं, वहां बहाली में अपेक्षाकृत अधिक समय लग सकता है।
सड़क मार्गों पर भी असर
तेज हवा और बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़क पर पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित होने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस और वन विभाग की टीमों ने कुछ स्थानों पर पेड़ हटाकर रास्ता साफ कराया।
सारांश
सिद्धार्थनगर में लगातार बारिश के कारण विद्युत व्यवस्था प्रभावित हुई है। आठ फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में आपूर्ति बाधित होने की सूचना है। 350 से अधिक पोल क्षतिग्रस्त होने और करीब 800 गांवों में बिजली संकट की जानकारी सामने आई है। विभागीय कर्मचारी मरम्मत कार्य में लगे हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण बहाली की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
FT News Digital की सावधानी: जहां आंकड़े अनुमान या विभागीय जानकारी पर आधारित हैं, उन्हें उसी रूप में रखा गया है। किसी व्यक्ति या विभाग पर लापरवाही का आरोप नहीं लगाया गया है। अंतिम अपडेट के लिए संबंधित विद्युत विभाग की आधिकारिक सूचना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
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