सनसनीखेज मौत का रहस्य गहराया, पोस्टमार्टम में कारण साफ नहीं
सोनवल के बाग में गड्ढे से मिला था राहुल का शव और बाइक | विसरा सुरक्षित, जांच में जुटी पुलिस
सिद्धार्थनगर/जोगिया। जोगिया थाना क्षेत्र के सोनवल गांव के पास बाग में गड्ढे से मिले राहुल कुमार (38) के शव के मामले में मौत का रहस्य फिलहाल बरकरार है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आने के बाद चिकित्सकों ने विसरा सुरक्षित कर दिया है। अब पुलिस को विसरा रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं शव और बाइक का एक ही स्थान से मिलना तथा राहुल के अंतिम समय की गतिविधियों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
सोनवल गांव के बाग में गड्ढे से युवक का शव मिलने के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, मामले की परतें खुलने के बजाय सवाल और गहरे होते जा रहे हैं। मृतक की बाइक भी उसी गड्ढे से बरामद हुई थी। पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट नहीं होने के कारण पुलिस अब वैज्ञानिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और राहुल के अंतिम लोकेशन समेत सभी पहलुओं को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है।
राहुल कुमार करीब आठ वर्ष से सिद्धार्थनगर जिला मुख्यालय पर किराये का कमरा लेकर रह रहा था और एक दवा कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में काम करता था। परिजनों के अनुसार 5 सितंबर की रात बातचीत के बाद उसका मोबाइल बंद हो गया था। काफी प्रयास के बावजूद संपर्क नहीं हुआ तो बाद में गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई गई।
जांच के दौरान राहुल की अंतिम गतिविधियों को लेकर सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस के सामने आया है। परिजनों की शिकायत के मुताबिक एक मेडिकल एजेंसी के कैमरे में रात करीब 8:12 बजे राहुल किसी व्यक्ति के साथ दिखाई दिया था। पुलिस इस बिंदु समेत अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
पुलिस की नजर इन सवालों पर
राहुल बाग के गड्ढे तक कैसे पहुंचा?
बाइक गड्ढे में किस परिस्थिति में पहुंची?
अंतिम बार वह किस व्यक्ति के साथ दिखाई दिया था?
मोबाइल बंद होने से पहले उसकी आखिरी गतिविधि क्या थी?
क्या मौत हादसा थी या इसके पीछे कोई दूसरा कारण?
इन सभी सवालों का जवाब जांच और वैज्ञानिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
घटनाक्रम ने बढ़ाई पुलिस की चुनौती
पुलिस को शुक्रवार देर शाम सोनवल गांव के बाग में स्थित गड्ढे में बाइक पड़े होने की जानकारी मिली थी। ग्रामीणों के अनुसार बाइक बाहर निकालने के बाद आसपास के क्षेत्र से दुर्गंध आने लगी। अगले दिन पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाश की तो पानी से भरे गड्ढे से राहुल का शव बरामद हुआ।
शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम में मौत की वजह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सकी। चिकित्सकों ने विसरा सुरक्षित कर लिया है। अब इसकी जांच रिपोर्ट के बाद मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।
पुलिस की नजर इन सवालों पर
परिजनों के मुताबिक राहुल 5 सितंबर को अपने काम के सिलसिले में कठेला क्षेत्र की ओर गया था। रात में परिवार से बातचीत के बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। इसके बाद परिजनों ने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी।
काफी तलाश के बाद भी सुराग नहीं मिलने पर 9 सितंबर को सदर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। परिजनों ने पुलिस को राहुल की तलाश में मददगार जानकारी भी दी।
परिजनों की ओर से पुलिस को यह भी बताया गया कि राहुल की अंतिम लोकेशन से जुड़ा एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया था, जिसमें रात करीब 8:12 बजे वह एक व्यक्ति के साथ नजर आया। पुलिस इस फुटेज और उसमें दिखाई देने वाले व्यक्ति समेत संबंधित परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है।
इसके बाद सोनवल के बाग में राहुल की बाइक मिलने और फिर उसी स्थान से शव बरामद होने से मामले ने गंभीर रूप ले लिया।
जांच के केंद्र में बाइक और गड्ढा
राहुल की बाइक का शव के साथ एक ही गड्ढे से मिलना जांच का महत्वपूर्ण बिंदु माना जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि राहुल वहां स्वयं किसी परिस्थिति में पहुंचा था या उसे किसी अन्य कारण से वहां जाना पड़ा।
साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बाइक गड्ढे में किस तरह पहुंची और घटनास्थल तक पहुंचने के पीछे क्या परिस्थितियां थीं। इन सवालों का जवाब घटनास्थल की जांच, सीसीटीवी, मोबाइल से संबंधित जानकारी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तलाशा जा रहा है।
पुलिस का पक्ष
सीओ बांसी शुभेंदु सिंह के अनुसार पोस्टमार्टम में मौत का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हुआ है। विसरा सुरक्षित किया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह स्पष्ट होने की संभावना है। पुलिस मामले में सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
अब विसरा रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल राहुल की मौत की वास्तविक वजह जानना है। पोस्टमार्टम से कारण स्पष्ट नहीं होने के बाद विसरा जांच महत्वपूर्ण हो गई है। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज, अंतिम लोकेशन, बाइक की बरामदगी और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।
विसरा रिपोर्ट और पुलिस जांच के अगले निष्कर्ष से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि राहुल की मौत किन परिस्थितियों में हुई। तब तक किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोप को तथ्य मानना उचित नहीं होगा।
टिप्पणी
गुमशुदगी से लेकर शव बरामद होने तक की घटनाओं ने कई सवाल जरूर खड़े किए हैं, लेकिन मौत का कारण अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं है। इसलिए जांच पूरी होने और वैज्ञानिक रिपोर्ट आने तक निष्कर्ष निकालने के बजाय पुलिस जांच के परिणाम का इंतजार करना ही उचित होगा।
FT NEWS DIGITAL | विशेष रिपोर्ट

