“बर्डपुर में मनरेगा हाजिरी पर सवाल, ऑनलाइन रिकॉर्ड के स्थलीय सत्यापन की मांग”
ब्रेकिंग न्यूज़ | सिद्धार्थनगर
बारिश के बीच मनरेगा कार्यों पर उठे सवाल, बर्डपुर में ऑनलाइन हाजिरी और मौके की स्थिति के सत्यापन की मांग
सिद्धार्थनगर। जिले में लगातार बारिश और मौसम खराब रहने के बीच विकासखंड बर्डपुर की कुछ ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्यों को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। ऑनलाइन उपलब्ध NMMS आधारित दैनिक उपस्थिति रिकॉर्ड में 25 सितंबर 2026 को विभिन्न कार्यस्थलों पर श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज दिखाई दे रही है। दूसरी ओर, उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुछ स्थानों पर मौके पर श्रमिकों की मौजूदगी नहीं होने का दावा किया गया है। ऐसे में वास्तविक स्थिति क्या है, यह स्थलीय जांच और संबंधित अभिलेखों के मिलान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

रिकॉर्ड में दर्ज कार्य
1. ग्राम पंचायत बजहा
ऑनलाइन रिकॉर्ड में जरबी पुल से विजय के खेत तक नाला खुदाई कार्य दर्ज है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यहां 69 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज होने का दावा किया गया है। मौके पर श्रमिक नहीं मिलने की बात भी सामने आई है, जिसका स्वतंत्र सत्यापन आवश्यक है।
2. ग्राम पंचायत बरगढ़ी
रिकॉर्ड में कैलाश के खेत से विजय के खेत तक चकरोड पर मिट्टी पटाई कार्य दर्ज है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 79 श्रमिकों की उपस्थिति बताई गई है। यहां भी मौके की स्थिति और ऑनलाइन हाजिरी का मिलान जांच का विषय है।
3. बर्डपुर नंबर-10
पुलिया से नोखनिया पोखर तक नाला खुदाई कार्य का रिकॉर्ड सामने आया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार 76 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज होने की बात कही गई है। मौके पर श्रमिकों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
4. बर्डपुर नंबर-7
ऑनलाइन रिकॉर्ड में पंचम के खेत से बगीचे तक नाला खुदाई कार्य दर्ज है। उपलब्ध जानकारी में 59 श्रमिकों की उपस्थिति का उल्लेख है। वहीं मौके पर श्रमिक नहीं मिलने का दावा किया गया है।
मौसम खराब, फिर भी काम? जांच से साफ होगी तस्वीर
मौसम विभाग/प्रशासन की ओर से जारी मौसम संबंधी सूचना में सिद्धार्थनगर समेत कई जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, तेज हवा और मध्यम से भारी वर्षा की संभावना बताई गई थी। आपके उपलब्ध स्क्रीनशॉट में भी अगले तीन घंटों के लिए मौसम संबंधी ऑरेंज अलर्ट का उल्लेख दिखाई दे रहा है।
ऐसे मौसम में यदि मनरेगा कार्यस्थलों पर श्रमिकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज हुई है, तो स्वाभाविक रूप से यह सवाल उठता है कि क्या उस समय वास्तव में श्रमिक कार्यस्थल पर मौजूद थे और कार्य कर रहे थे?
हालांकि, केवल ऑनलाइन उपस्थिति रिकॉर्ड के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि कहीं फर्जी हाजिरी हुई है। इसकी पुष्टि के लिए NMMS रिकॉर्ड, कार्यस्थल का भौतिक निरीक्षण, मस्टर रोल, माप पुस्तिका, कार्य की प्रगति और संबंधित अधिकारियों के स्पष्टीकरण का मिलान जरूरी है।
सबसे बड़ा सवाल
क्या बारिश के बीच दर्ज हुई ऑनलाइन हाजिरी वास्तव में कार्यस्थल पर मौजूद श्रमिकों की स्थिति को दर्शाती है?
अगर मौके की वास्तविक स्थिति और ऑनलाइन रिकॉर्ड में अंतर मिलता है, तो इसकी जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होगी—यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
प्रशासन से अपेक्षित जांच
मामले में संबंधित अधिकारियों से निम्न बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट किए जाने की आवश्यकता है—
संबंधित तारीख की NMMS उपस्थिति का सत्यापन
मस्टर रोल और ऑनलाइन हाजिरी का मिलान
संबंधित कार्यस्थलों का भौतिक निरीक्षण
कार्य की वास्तविक प्रगति और माप पुस्तिका की जांच
बारिश के दौरान कार्य कराने की स्थिति में श्रमिक सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी
यदि रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में अंतर मिले तो नियमानुसार कार्रवाई
सारांश
बर्डपुर ब्लॉक की कुछ ग्राम पंचायतों में 25 सितंबर की मनरेगा ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर सवाल उठे हैं। रिकॉर्ड में बड़ी संख्या में श्रमिकों की उपस्थिति दिखाई दे रही है, जबकि मौके पर श्रमिक नहीं मिलने का दावा किया गया है। बारिश और मौसम चेतावनी के बीच सामने आए इस मामले में ऑनलाइन रिकॉर्ड बनाम जमीनी हकीकत की जांच जरूरी है। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि हाजिरी फर्जी है; अंतिम स्थिति प्रशासनिक जांच और अभिलेखों के सत्यापन से ही स्पष्ट होगी।
FT News Digital की टिप्पणी
यह रिपोर्ट उपलब्ध ऑनलाइन रिकॉर्ड और प्राप्त जानकारी के आधार पर सवाल उठाती है। किसी व्यक्ति, ग्राम पंचायत या अधिकारी पर अनियमितता का आरोप सिद्ध रूप में नहीं लगाया जा रहा है। संबंधित पक्ष का स्पष्टीकरण मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जा सकता है।

