वित्तविहीन विद्यालय संगठन रायबरेली द्वारा किया गया वित्तविहीन शिक्षकों का सम्मान,
वित्तविहीन विद्यालय संगठन रायबरेली द्वारा किया गया वित्तविह
रायबरेली। वित्तविहीन विद्यालय संगठन रायबरेली एवं आधारशिला कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल कोर्सेज के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को सारस होटल, रायबरेली में वित्तविहीन शिक्षकों के सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में वर्षों से अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे वित्तविहीन शिक्षकों को सम्मानित कर उनके समर्पण एवं सेवाओं को नमन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी डॉ. तहसीलदार सिंह रहे। विशिष्ट अतिथियों में पूर्व राज्य महिला आयोग सदस्य श्रीमती शीला सिंह, एफडीडीआई फुरसतगंज के कार्यकारी निदेशक श्री सुनील कुमार द्विवेदी, कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री विक्रम सिंह, आधारशिला के श्री आशुतोष सिंह, एफडीडीआई फुरसतगंज के सीनियर फैकल्टी वरुण गुप्ता तथा एमजीएस टाटा मोटर्स के नियाज़ अहमद, दीप प्रकाश शुक्ला प्रबंधक चंद्रशेखर मेमोरियल पब्लिक स्कूल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में वित्तविहीन विद्यालय संगठन रायबरेली के अध्यक्ष एवं स्नातक एमएलसी प्रत्याशी, खंड लखनऊ, श्री धर्मेंद्र सिंह चौहान ने अतिथियों के साथ वित्तविहीन शिक्षकों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि वित्तविहीन विद्यालय और उनमें कार्यरत शिक्षक प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण रीढ़ हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद वित्तविहीन शिक्षक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ उनके संस्कार, व्यक्तित्व और भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके योगदान को सम्मान और उचित अधिकार मिलना समय की आवश्यकता है।
धर्मेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाता, बल्कि वह राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है। वित्तविहीन शिक्षकों ने कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा की लौ को जलाए रखा है। उनका सम्मान वास्तव में शिक्षा और शिक्षक दोनों का सम्मान है। उन्होंने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों की समस्याओं, सम्मान, अधिकार और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दों को मजबूती से उठाने का निरंतर प्रयास किया जाएगा।
समारोह में बड़ी संख्या में वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षक, प्रबंधक एवं शिक्षा क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य वित्तविहीन शिक्षकों के योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मान देना तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके अधिकारों और समस्याओं के प्रति समाज एवं सरकार का ध्यान आकर्षित करना रहा।
कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा—
“शिक्षक का सम्मान, शिक्षा का सम्मान;
वित्तविहीन शिक्षक का सम्मान, राष्ट्र निर्माण का सम्मान।”
मंच संचालन जिला मीडिया प्रभारी सूरज यादव ने किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से एलपी यादव, के के शुक्ला, रमाकांत पांडेय, सुरेंद्र मौर्य,अब्दुल बारिक खान आदि जिले के दर्जनों विद्यालय प्रबंधक एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
Views: 114

