UCC पर बृजलाल का अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार, पुराने मामलों को लेकर उठाए सवाल
लखनऊ, 16 सितंबर 2026।
समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर राजनीतिक बहस के बीच राज्यसभा सांसद एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी बृजलाल ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। बृजलाल ने UCC का समर्थन करते हुए इसे विवाह, तलाक और उत्तराधिकार जैसे मामलों में समान नागरिक अधिकारों से जुड़ा विषय बताया।
अपने बयान में बृजलाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को UCC के लिए बधाई देते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता से नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
अखिलेश यादव की टिप्पणी पर पलटवार
बृजलाल ने अखिलेश यादव द्वारा UCC को लेकर की गई “अंडरग्राउंड कम्युनल कांस्पीरेसी” वाली टिप्पणी पर आपत्ति जताई। इसके जवाब में उन्होंने अपनी ओर से “ओपन कम्युनल कांस्पीरेसी” शब्द का इस्तेमाल किया और समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल से जुड़े कई पुराने फैसलों और घटनाओं का उल्लेख किया।
पुराने फैसलों का किया जिक्र
बृजलाल ने अपने बयान में तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में मुस्लिम बेटियों को आर्थिक सहायता, कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल, आतंकवाद से जुड़े कुछ मामलों में अभियोजन वापस लेने की कोशिश, मुरादाबाद के मैनाठेर प्रकरण, पीएसी और एटीएस से जुड़े फैसलों तथा खालिद मुजाहिद की मौत से संबंधित मामले का उल्लेख किया।
उन्होंने इन घटनाओं और फैसलों को लेकर तत्कालीन सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और बाद की सरकार द्वारा किए गए बदलावों का भी जिक्र किया।
आतंकवाद से जुड़े मामलों पर भी सवाल
बृजलाल ने वर्ष 2013 में आतंकवाद से जुड़े कुछ मामलों में अभियोजन वापस लेने की तत्कालीन सरकार की पहल का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि इनमें कुछ ऐसे आरोपी भी शामिल थे जिनके मामलों में बाद में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी।
हालांकि, अभियोजन वापस लेने का प्रयास, किसी आरोपी की दोषसिद्धि और अदालत का अंतिम निर्णय अलग-अलग कानूनी विषय हैं। इसलिए FT News Digital इन मामलों को बृजलाल के बयान के संदर्भ में ही प्रस्तुत कर रहा है।
मैनाठेर मामले का भी उल्लेख
बृजलाल ने वर्ष 2011 के मुरादाबाद के मैनाठेर मामले का भी अपने बयान में उल्लेख किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर हुए हमले और बाद की न्यायिक कार्रवाई को लेकर अपनी बात रखी तथा इस मामले को तत्कालीन सरकार की नीतियों के संदर्भ में प्रस्तुत किया।
पीएसी, एटीएस और खालिद मुजाहिद मामले का जिक्र
अपने बयान में बृजलाल ने पीएसी की कंपनियों और उत्तर प्रदेश एटीएस से संबंधित तत्कालीन फैसलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बाद की सरकार द्वारा पीएसी में भर्ती और महिला पीएसी बटालियन बनाए जाने का उल्लेख किया।
इसके साथ ही खालिद मुजाहिद की मौत से जुड़े मामले में अपने और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हुई कानूनी कार्रवाई का भी जिक्र किया और उस कार्रवाई पर अपनी आपत्ति व्यक्त की।
दोनों पक्षों की अलग-अलग राय
UCC को लेकर अखिलेश यादव और बृजलाल के अलग-अलग राजनीतिक रुख सामने आए हैं। जहां अखिलेश यादव ने UCC को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं, वहीं बृजलाल ने इसका समर्थन करते हुए अखिलेश यादव की टिप्पणी पर पलटवार किया है।
बड़ी बातें
UCC पर बृजलाल का बयान
UCC के समर्थन में सामने आए बृजलाल
अमित शाह को दी बधाई
अखिलेश यादव की टिप्पणी पर जताई आपत्ति
सपा सरकार के कार्यकाल के कई पुराने मामलों का किया उल्लेख
आतंकवाद से जुड़े मामलों पर उठाए सवाल
मैनाठेर, पीएसी, एटीएस और खालिद मुजाहिद मामले का भी जिक्र
सारांश
UCC को लेकर जारी राजनीतिक बहस में राज्यसभा सांसद बृजलाल ने अखिलेश यादव के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने UCC का समर्थन करते हुए सपा सरकार के कार्यकाल से जुड़े कई पुराने मामलों और फैसलों का उल्लेख किया। बृजलाल के बयान में लगाए गए आरोपों को FT News Digital ने संबंधित वक्ता के दावे के रूप में प्रस्तुत किया है, न कि अपने स्वतंत्र निष्कर्ष के रूप में।
कानूनी सावधानी:
यह समाचार बृजलाल द्वारा जारी बयान और उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें किसी व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को संबंधित वक्ता के बयान के रूप में प्रस्तुत किया गया है। FT News Digital ने इन आरोपों को अपनी ओर से प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया है। संबंधित पक्ष का जवाब मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
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