सिसैया खुर्द प्रकरण को लेकर सिद्धार्थनगर में प्रदर्शन

लोधी राजपूत कल्याण महासभा ने डीएम प्रतिनिधि को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की उठाई मांग

सिद्धार्थनगर। लखीमपुर खीरी के धौरहरा क्षेत्र के सिसैया खुर्द गांव में सामने आए विवाद और पुलिस कार्रवाई के मामले को लेकर अब सिद्धार्थनगर में भी आवाज उठी है। अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। यहां प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई।
महासभा के जिलाध्यक्ष अर्जुन लोधी की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि सिसैया खुर्द में ग्रामीण स्थानीय समस्याओं को लेकर विरोध कर रहे थे। संगठन ने आरोप लगाया है कि इसके बाद पुलिस कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों, महिलाओं और बच्चों के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई।
संगठन ने कहा है कि इन आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है, इसलिए पूरे मामले की स्वतंत्र जांच जरूरी है।
मुख्य खबर
महासभा के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते हुए कहा कि सिसैया खुर्द प्रकरण में सामने आए आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
ज्ञापन में मांग की गई है कि घटना की स्वतंत्र मजिस्ट्रेटी अथवा उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही घटना के दौरान पुलिस की भूमिका, ग्रामीणों के लगाए गए आरोप और मामले से जुड़े अन्य सभी पहलुओं की निष्पक्ष तरीके से जांच की जाए।
संगठन ने यह भी मांग उठाई है कि जिन ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई के संबंध में शिकायत की है, उनके बयान दर्ज किए जाएं। उपलब्ध वीडियो, मेडिकल दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया जाए।
इस मामले में लखीमपुर खीरी पुलिस की ओर से कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के मुताबिक प्रारंभिक जांच के बाद धौरहरा थाने के पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इसके बाद धौरहरा इंस्पेक्टर को भी लाइन हाजिर किए जाने की जानकारी सामने आई है। पूरे प्रकरण की जांच अभी जारी है।
यानी मामला अब केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस विभाग की ओर से भी विभागीय कार्रवाई सामने आ चुकी है।
ज्ञापन में क्या कहा गया?
अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा के ज्ञापन में मुख्य रूप से—
पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच।
पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच।
ग्रामीणों, महिलाओं और बच्चों के बयान दर्ज कराने।
मेडिकल दस्तावेज और उपलब्ध वीडियो फुटेज की जांच।
किसी व्यक्ति के प्रभाव अथवा दबाव से कार्रवाई किए जाने के आरोपों की जांच।
जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई।
पीड़ित परिवारों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
जांच क्यों जरूरी?
किसी भी घटना में आरोप और तथ्य अलग-अलग स्तर की बातें होती हैं। सिसैया खुर्द मामले में ग्रामीणों की ओर से पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जबकि पुलिस की ओर से भी मामले में अलग कार्रवाई और जांच की बात सामने आई है। ऐसे में निष्पक्ष जांच के जरिए यह स्पष्ट होना जरूरी है कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ और किसकी भूमिका क्या रही।
टिप्पणी
सिसैया खुर्द प्रकरण में अब तक सामने आई विभागीय कार्रवाई इस मामले की गंभीरता को दर्शाती है, लेकिन किसी व्यक्ति की अंतिम जिम्मेदारी तय करना जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया का विषय है।
FT News Digital इस मामले में किसी भी पक्ष को दोषी घोषित नहीं कर रहा है। हमारा उद्देश्य उपलब्ध तथ्यों, ज्ञापन में उठाई गई मांगों और प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी को सामने रखना है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, वही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट करेंगे।
समापन
सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के बाद सौंपे गए इस ज्ञापन के जरिए लोधी राजपूत कल्याण महासभा ने प्रशासन से स्पष्ट रूप से निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि जांच आगे किस दिशा में बढ़ती है और प्रशासन की ओर से इस मामले में अगला कदम क्या उठाया जाता है।
FT News Digital — सिद्धार्थनगर।
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