श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाई गई स्वर्गीय प्रो. जनार्दन प्रसाद की जयंती
अयोध्या। पावन नगरी अयोध्या में स्वर्गीय प्रो. जनार्दन प्रसाद की जयंती श्रद्धा, भक्ति और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। करुणा निधान भवन मंदिर में 18 एवं 19 जुलाई को आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में परिवारजनों, विद्वानों, शिक्षकों, शोधार्थियों तथा श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। सभी ने प्रो. जनार्दन प्रसाद के व्यक्तित्व, कृतित्व एवं उनके आदर्शों का भावपूर्ण स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का शुभारंभ 18 जुलाई को सुंदरकांड पाठ से हुआ। श्रद्धालुओं ने भक्ति-भाव के साथ श्रीरामचरितमानस का सामूहिक पाठ किया, जिससे संपूर्ण परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। वक्ताओं ने कहा कि श्रीरामचरितमानस प्रो. जनार्दन प्रसाद के जीवन का आधार रहा और उन्होंने अपने संपूर्ण जीवन में इसके आदर्शों को आत्मसात किया।
19 जुलाई को प्रो. जनार्दन प्रसाद की पुण्य स्मृति को समर्पित कृति ‘अनमोल निधि’ का विमोचन किया गया। उपस्थित विद्वानों ने इस पुस्तक की सराहना करते हुए इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी और मूल्यवान धरोहर बताया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने प्रो. जनार्दन प्रसाद के शिक्षा, अध्यात्म एवं समाज के प्रति योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन ज्ञान, सेवा और संस्कारों का अनुपम उदाहरण था।
समारोह के समापन अवसर पर आयोजक परिवार की गायत्री प्रकाश प्रोफ़ेसर गीता सक्सेना आदि ने सभी अतिथियों, विद्वानों, सहयोगियों एवं शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजकों ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से न केवल प्रो. जनार्दन प्रसाद की स्मृतियों को जीवंत रखने का प्रयास किया गया, बल्कि अध्यात्म और ज्ञान की परंपरा को आगे बढ़ाने का भी संकल्प लिया गया। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
इस कार्यक्रम में अयोध्या के सभी प्रमुख धर्म गुरु साधु संत भक्तगण आदि शामिल रहे और सभी ने भंडारा प्रसाद ग्रहण किया सभी का आयोजन समिति की ओर से अंग वस्त्र दक्षिणा देकर स्वागत सम्मान किया गया.
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सत्यपाल सिंह कौशिक को कंटेंट लेखन, स्क्रिप्ट लेखन का लंबा अनुभव है। वर्तमान में कौशिक जी FT NEWS DIGITAL में डिजिटल मीडिया सह- संपादक के पद पर कार्यरत हैं।
