सिद्धार्थनगर में Cyclosinone पर शिकंजा, बिक्री-उपयोग को लेकर कृषि विभाग का बड़ा निर्देश
सिद्धार्थनगर में ‘Cyclosinone’ खरपतवारनाशी की बिक्री और उपयोग पर रोक, कृषि विभाग ने जारी की एडवाइजरी
सिद्धार्थनगर। जनपद में किसानों और कीटनाशी विक्रेताओं के लिए कृषि विभाग ने एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी रवि शंकर पाण्डेय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में Cyclosinone (साइक्लोसिनोन) नामक खरपतवारनाशी की बिक्री, वितरण, प्रचार-प्रसार और उपयोग को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं।
विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, Cyclosinone नाम से बाजार अथवा ऑनलाइन माध्यमों से प्रचारित एवं विक्रय किए जा रहे खरपतवारनाशी को भारत में पंजीकृत नहीं बताया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि कीटनाशी अधिनियम, 1968 के प्रावधानों के तहत केवल विधिवत पंजीकृत एवं अनुमोदित कीटनाशियों का ही निर्माण, बिक्री, वितरण और उपयोग किया जा सकता है।
विक्रेताओं को दिए गए सख्त निर्देश
कृषि विभाग ने जनपद के सभी कीटनाशी विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर Cyclosinone अथवा Cyclosinone Herbicide नाम से उपलब्ध किसी भी उत्पाद की बिक्री या वितरण न करें। साथ ही ऐसे उत्पाद का ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन प्रचार-प्रसार भी नहीं किया जाए।
विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया है कि Cyclosinone नामक उत्पाद की ऑनलाइन बिक्री के संबंध में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) द्वारा कार्रवाई किए जाने की जानकारी विभाग को प्राप्त हुई है। प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी इस संबंध में नियामकीय कार्रवाई किए जाने की बात विज्ञप्ति में कही गई है।
निरीक्षण के दौरान कार्रवाई की चेतावनी
जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने कीटनाशी विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे केवल विधिवत पंजीकृत कीटनाशी, वैध लाइसेंस तथा अनुमोदित लेबल-क्लेम वाले उत्पादों की ही बिक्री करें।
विज्ञप्ति के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान यदि इस प्रकार के अपंजीकृत कीटनाशी या खरपतवारनाशी की बिक्री अथवा भंडारण पाया जाता है तो कीटनाशी अधिनियम 1968 और कीटनाशी नियमावली 1971 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
किसानों से भी अपील
कृषि विभाग ने जनपद के किसानों से भी अपील की है कि वे Cyclosinone नामक अपंजीकृत खरपतवारनाशी की खरीद अथवा उपयोग न करें।
विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि किसी भी कृषि रसायन की खरीद अधिकृत कीटनाशी विक्रेता या राजकीय कृषि रक्षा इकाई से ही करें। उत्पाद खरीदते समय उसके पंजीकरण विवरण, लेबल, अनुमोदित फसल एवं खरपतवार संबंधी संस्तुति की जांच जरूर करें।
कृषि विभाग का कहना है कि कृषि रसायन खरीदते समय सावधानी बरतना किसानों के लिए बेहद जरूरी है, ताकि अपंजीकृत या अनुमोदन के बिना बिक रहे उत्पादों से होने वाले संभावित नुकसान से बचा जा सके।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी रवि शंकर पाण्डेय की ओर से जारी पत्र में इस निर्देश का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

