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*डीएम ने श्रद्धालुओं को वितरित किया प्रसाद*

 

रायबरेली  बड़ा मंगल के पावन अवसर पर विकास भवन परिसर में बाल विकास विभाग द्वारा श्रद्धा एवं सेवा भाव के साथ भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने पहुंचकर श्रद्धालुओं, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रसाद वितरित किया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि बड़ा मंगल केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता का भी संदेश देता है। ऐसे आयोजन समाज में आपसी सद्भाव और सहयोग की भावना को सुदृढ़ करते हैं।

उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि जनसेवा की भावना से किए गए कार्य सदैव प्रेरणादायी होते हैं।

इस अवसर मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेन्द्र कुमार सहित पर बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी एवं आमजन उपस्थित रहे।

स्वर्गीय जगन्नाथ सिंह की पुण्यतिथि पर सम्मान समारोह, मेधावी छात्र-छात्राओं को किया गया पुरस्कृत

शिक्षा और संस्कार के संगम बना विद्यालय परिसर

कुशीनगर। जनपद के टिकर अहिरौली बाजार स्थित गंगा सिंह कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय संबद्ध प्राथमिक विद्यालय में संस्थापक प्रबंधक एवं सेवानिवृत्त सहायक विकास अधिकारी स्वर्गीय श्री जगन्नाथ सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं के लिए पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, अभिभावकों, छात्र-छात्राओं एवं क्षेत्रीय गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमामयी बना दिया।

मेधावी छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मानित

समारोह के मुख्य अतिथि विवेक कुमार सिंह, प्रबंधक नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटर कॉलेज टिकर तथा विशिष्ट अतिथि प्रमोद कुमार सिंह, उप निरीक्षक उत्तर प्रदेश पुलिस थाना अहिरौली बाजार रहे। अतिथियों ने कक्षा में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रशस्ति देकर सम्मानित किया।

अतिथियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि शिक्षा ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है और निरंतर मेहनत करने वाले छात्र भविष्य में समाज और देश का नाम रोशन करते हैं।

संस्थापक प्रबंधक को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय श्री जगन्नाथ Singh के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने उनके शिक्षा क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री अजय कुमार सिंह ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और विद्यालय के विकास में उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

विद्यालय बच्चों को आगे बढ़ाने का माध्यम बनेगा: गौतम भारद्वाज

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ अध्यापक गौतम भारद्वाज ने कहा कि स्वर्गीय श्री जगन्नाथ सिंह के सपनों और संकल्पों को पूरा करना विद्यालय परिवार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय सदैव विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का कार्य करता रहेगा और बच्चों को उनके आदर्शों एवं विचारों से प्रेरित किया जाता रहेगा।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ संस्कार और प्रेरणा भी पैदा करते हैं।

पुलिस प्रशासन और अभिभावकों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षक, अभिभावक, छात्र-छात्राएं तथा अहिरौली बाजार थाने की पुलिस टीम भी मौजूद रही। पूरे आयोजन का माहौल श्रद्धा, सम्मान और उत्साह से भरा रहा।

मुख्यमंत्री योगी के हाथों सम्मानित हुए गोरखपुर के अनुदेशक देवेंद्र लाल

लखनऊ के लोक भवन में आयोजित हुआ भव्य सम्मान समारोह

गोरखपुर। लखनऊ स्थित लोक भवन में आयोजित अंशकालिक अनुदेशक सम्मान समारोह में गोरखपुर के अनुदेशक देवेंद्र लाल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, शिक्षामंत्री संदीप सिंह हाथों सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान प्रदेश भर से आए अनुदेशकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित होने के बाद देवेंद्र लाल ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे अनुदेशकों के सम्मान और संघर्ष की बड़ी जीत बताया।

17 हजार मानदेय से मिली राहत

सम्मान समारोह के बाद देवेंद्र लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपये किया जाना सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि पहले 7 हजार रुपये मानदेय में परिवार चलाना बेहद मुश्किल होता था, लेकिन अब 8 हजार रुपये की बढ़ोतरी से अनुदेशकों को बड़ी राहत मिली है।

उन्होंने कहा,“पहले सीमित मानदेय में घर का खर्च चलाना काफी कठिन था। सरकार ने हमारी समस्याओं को समझा और मानदेय बढ़ाकर हमें सम्मान देने का काम किया है। इससे प्रदेश के हजारों अनुदेशकों में नई ऊर्जा आई है।”

नियमितीकरण की भी जताई उम्मीद

देवेंद्र लाल ने मुख्यमंत्री से उम्मीद जताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार भविष्य में अनुदेशकों को नियमित करने की दिशा में भी सकारात्मक निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि अनुदेशक लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं और सरकार को उनकी सेवाओं का स्थायी समाधान करना चाहिए।

उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा,

“हमें पूरा भरोसा है कि मुख्यमंत्री जी जल्द ही हमें हमारे ही पद पर नियमित करने का कार्य भी करेंगे।”

शिक्षा विभाग और संगठन पदाधिकारियों का जताया आभार

देवेंद्र लाल ने इस अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग और संगठन के पदाधिकारियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने गोरखपुर के एडी बेसिक शिक्षा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह, प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा तथा महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया।

अनुदेशकों में दिखा उत्साह का माहौल

लोक भवन में आयोजित इस सम्मान समारोह को लेकर प्रदेश भर के अनुदेशकों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले अनुदेशकों को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया गया। समारोह के बाद कई अनुदेशकों ने इसे ऐतिहासिक पहल बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

मुख्यमंत्री योगी के हाथों सम्मानित हुए गोरखपुर के अनुदेशक देवेंद्र लाल

लखनऊ के लोक भवन में आयोजित हुआ भव्य सम्मान समारोह

गोरखपुर। लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित अंशकालिक अनुदेशक सम्मान समारोह में गोरखपुर के अनुदेशक देवेंद्र लाल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान प्रदेश भर से आए अनुदेशकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित होने के बाद देवेंद्र लाल ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे अनुदेशकों के सम्मान और संघर्ष की बड़ी जीत बताया।

“17 हजार मानदेय से मिली राहत”

सम्मान समारोह के बाद देवेंद्र लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपये किया जाना सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि पहले 7 हजार रुपये मानदेय में परिवार चलाना बेहद मुश्किल होता था, लेकिन अब 8 हजार रुपये की बढ़ोतरी से अनुदेशकों को बड़ी राहत मिली है।

उन्होंने कहा,“पहले सीमित मानदेय में घर का खर्च चलाना काफी कठिन था। सरकार ने हमारी समस्याओं को समझा और मानदेय बढ़ाकर हमें सम्मान देने का काम किया है। इससे प्रदेश के हजारों अनुदेशकों में नई ऊर्जा आई है।”

नियमितीकरण की भी जताई उम्मीद

देवेंद्र लाल ने मुख्यमंत्री से उम्मीद जताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार भविष्य में अनुदेशकों को नियमित करने की दिशा में भी सकारात्मक निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि अनुदेशक लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं और सरकार को उनकी सेवाओं का स्थायी समाधान करना चाहिए।

उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा,

“हमें पूरा भरोसा है कि मुख्यमंत्री जी जल्द ही हमें हमारे ही पद पर नियमित करने का कार्य भी करेंगे।”

शिक्षा विभाग और संगठन पदाधिकारियों का जताया आभार

देवेंद्र लाल ने इस अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग और संगठन के पदाधिकारियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने गोरखपुर के एडी बेसिक शिक्षा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह, प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा पार्थसारथी सेन शर्मा तथा महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया।

अनुदेशकों में दिखा उत्साह का माहौल

लोक भवन में आयोजित इस सम्मान समारोह को लेकर प्रदेश भर के अनुदेशकों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले अनुदेशकों को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया गया। समारोह के बाद कई अनुदेशकों ने इसे ऐतिहासिक पहल बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

पंचायत चुनाव पर बड़ा प्रशासनिक फैसला, ओबीसी आरक्षण तय करेगा विशेष आयोग

छह माह तक होगा सामाजिक अध्ययन, पंचायत चुनाव की समय-सीमा पर बढ़ी चर्चा

लखनऊ/सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। राज्य सरकार ने पंचायतों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण की व्यवस्था तय करने के लिए विशेष आयोग गठित करने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि पंचायत स्तर पर आरक्षण व्यवस्था को संवैधानिक मानकों के अनुरूप मजबूत और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव सहित कई महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी गई। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि आयोग की रिपोर्ट आने तक पंचायत चुनाव आगे बढ़ सकते हैं।

पंचायतों में ओबीसी आरक्षण का करेगा अध्ययन

सरकार द्वारा गठित पांच सदस्यीय आयोग पंचायतों में पिछड़े वर्गों की वर्तमान सामाजिक स्थिति, प्रतिनिधित्व और आरक्षण व्यवस्था का विस्तृत अध्ययन करेगा। आयोग पंचायतवार आंकड़ों का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा।

जानकारी के अनुसार आयोग की अध्यक्षता हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे, जबकि अन्य सदस्यों में सामाजिक और पिछड़ा वर्ग मामलों की समझ रखने वाले विशेषज्ञ शामिल किए जाएंगे।

 क्या बदलेगा इस फैसले से?

पंचायत चुनाव की प्रक्रिया में हो सकता है बदलाव

ओबीसी आरक्षण का नया आधार तैयार होगा

पंचायतवार सामाजिक आंकड़ों का अध्ययन

“ट्रिपल टेस्ट” व्यवस्था पर रहेगा विशेष फोकस

आयोग की रिपोर्ट के बाद आगे की रणनीति तय होगी

छह महीने रहेगा आयोग का कार्यकाल

सरकार ने आयोग का कार्यकाल छह महीने निर्धारित किया है। इसी बीच मौजूदा पंचायतों का कार्यकाल भी समाप्ति की ओर है। ऐसे में अब पंचायत चुनाव की नई समय-सीमा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार इस बार पंचायत चुनाव प्रक्रिया को कानूनी रूप से मजबूत आधार पर आगे बढ़ाना चाहती है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की न्यायिक बाधा न उत्पन्न हो।

सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप होगी प्रक्रिया

सूत्रों के अनुसार सरकार पूरी प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित “ट्रिपल टेस्ट” व्यवस्था के अनुरूप पूरा करना चाहती है। इसके तहत पिछड़े वर्गों की वास्तविक स्थिति और प्रतिनिधित्व का अध्ययन कर वैज्ञानिक आधार पर आरक्षण तय किया जाएगा।

कैबिनेट बैठक में अन्य फैसलों पर भी लगी मुहर

लखनऊ में बनेगा अत्याधुनिक मल्टी स्पेशियलिटी सेंटर

राजधानी में स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के नए परिसर में 1010 बेड का आधुनिक मल्टी स्पेशियलिटी सेंटर बनाने को भी मंजूरी दी गई है। इससे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की तैयारी मानी जा रही है।

कृषि भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया होगी आसान

राज्य सरकार ने कृषि भूमि के उपयोग परिवर्तन से जुड़ी प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में भी अहम कदम उठाया है। इससे किसानों और आम लोगों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

असर और सियासी चर्चा

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पंचायत चुनाव में आरक्षण व्यवस्था को लेकर लिया गया यह फैसला ग्रामीण राजनीति पर बड़ा असर डाल सकता है। पंचायत चुनाव प्रदेश की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं, इसलिए आयोग की रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिक गई हैं।

संक्षिप्त सारांश

पंचायत चुनाव से पहले ओबीसी आरक्षण पर बड़ा फैसला

विशेष आयोग करेगा पंचायतवार सामाजिक अध्ययन

छह महीने तक चलेगी रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया

 पंचायत चुनाव आगे बढ़ने की चर्चाएं तेज

कैबिनेट ने स्वास्थ्य और भूमि सुधार से जुड़े फैसलों को भी दी मंजूरी

 

फोरलेन पर मौत की नींद!

अयोध्या जा रही कार खाई में पलटी, चालक समेत तीन श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत

गोरखपुर से बड़ी खबर

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। बिहार के समस्तीपुर से अयोध्या दर्शन के लिए निकले पुजारी और उनके शिष्यों की तेज रफ्तार टीयूवी-300 कार खोराबार क्षेत्र के भैंसहा खास के पास अनियंत्रित होकर फोरलेन से नीचे जा पलटी। हादसा इतना भयावह था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

झपकी बनी काल!

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चालक को अचानक झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित हो गया और फोरलेन से नीचे उतरकर कई बार पलट गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस और एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंची।

तीन श्रद्धालुओं की मौत

इस दर्दनाक हादसे में चालक ओम राय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि समस्तीपुर निवासी वासुकी दास और प्रवीण दास ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में अयोध्या के सीताराम मंदिर से जुड़े पुजारी राम प्रकाश दास और उनके शिष्य राजा दास घायल बताए जा रहे हैं। दोनों का इलाज अस्पताल में जारी है।

पुलिस कर रही जांच

घटना की सूचना मिलते ही खोराबार पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसपी सिटी निमिष पाटील के अनुसार प्रथम दृष्टया हादसे का कारण चालक को आई झपकी माना जा रहा है। मामले की जांच की जा रही है।

INSIDE STORY / विशेष रिपोर्ट

श्रद्धा का सफर… और रास्ते में मौत!

बताया जा रहा है कि सभी श्रद्धालु बिहार से अयोध्या दर्शन के लिए निकले थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि भक्ति का यह सफर मातम में बदल जाएगा। हादसे के बाद सड़क किनारे चीख-पुकार और मदद की गुहार सुनाई देती रही। स्थानीय लोगों ने शीशे तोड़कर घायलों को बाहर निकाला।

सवाल जो खड़े हो रहे हैं

क्या लंबी दूरी की यात्रा में चालक को आराम नहीं मिला?

क्या तेज रफ्तार हादसे की बड़ी वजह बनी?

आखिर हाईवे पर लगातार हो रहे हादसों पर कब लगेगी रोक?

यूपी पंचायत चुनाव अब नहीं दूर, ‘ओबीसी’ आयोग की बाधा दूर, योगी कैबिनेट से गठन को मंजूरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरी पंचायत चुनाव का इंतजार कर रहे करोड़ों ग्रामीणों और राजनीतिक दलों के लिए सोमवार का दिन बड़ी खुशखबरी लेकर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उनके सरकारी आवास पर हुई कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में कुल 12 प्रस्तावों पर मोहर लगा दी गई है। इस बैठक का सबसे बड़ा फैसला पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी ) के आरक्षण को लेकर रहा। इसने चुनाव के रास्ते की सबसे बड़ी कानूनी अड़चन को दूर कर दिया है।

समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को हरी झंडी

उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों, ब्लॉक और जिला पंचायतों के निर्वाचन को लेकर पिछले काफी समय से बनी उहापोह की स्थिति आखिरकार समाप्त हो गई है। योगी कैबिनेट ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में (ओबीसी) आरक्षण का सटीक स्वरूप और आनुपातिक आबादी तय करने के लिए ‘समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग’ (डायरेक्टेड ओबीसी कमिशन) के गठन को मंजूरी दे दी है। अब इस आयोग की विस्तृत सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही सीटों के आरक्षण का रोटेशन तय किया जाएगा, जिससे सुप्रीम कोर्ट के ‘ट्रिपल टेस्ट’ फार्मूले की वैधानिक बाध्यता पूरी हो जाएगी। योगी कैबिनेट के फैसले के अनुसार पांच सदस्यीय आयोग का अध्यक्ष हाई कोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीश होंगे। अन्य सदस्य पिछड़ा वर्ग की जानकारी रखने वाले लोग ही होंगे। इनका कार्यकाल 6 महीने होगा।

_*नवचयनित आंगनाबड़ी सहायिकाओं को वितरित किये गये नियुक्ति पत्र*_ *आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को वितरित किये गये स्मार्ट फोन*_ *अनुदेशकों को बढ़े हुए मानदेय के डमी चेक देकर किया गया सम्मानि* *प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण एवं बाल विकास के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध – अदिति सिंह*_ शिक्षा के क्षेत्र में अनुदेशकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण – मा0 विधायक सदर*_

 

 

रायबरेली विधानसभा सदर रायबरेली के अंतर्गत नव चयनित आंगनबाड़ी सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन वितरण तथा अनुदेशकों का सम्मान व चेक वितरण कार्यक्रम का आयोजन जिला बेसिक शिक्षा एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग द्वारा सिविल लाइन स्थित रायबरेली क्लब में

किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मा० विधायक सदर अदिति सिंह व मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता द्वारा प्रतिभाग किया गया।

अतिथ्यिों द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

मा० विधायक द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सदर विधानसभा क्षेत्र की 21 नवनियुक्त आंगनबाड़ी सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए तथा 22 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन प्रदान किए गए एवं 05 अनुदेशकों के बढ़े मानदेय का डमी चेक वितरण किया गया इसके साथ ही 10 अनुदेशकों को उत्कृष्ट कार्य करने हेतु प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। विधानसभा सदर के 96 नवचयनित आंगनबाड़ी सहायिका एवं 411 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन से लाभान्वित हुए, इसी प्रकार सदर विधानसभा के 102 अनुदेशक लाभान्वित हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मा० विधायक सदर ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण एवं बाल विकास के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं समाज के नौनिहालों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण तथा शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। स्मार्ट फोन उपलब्ध कराए जाने से कार्यों में पारदर्शिता आएगी तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में गति मिलेगी।

उन्होंने नवनियुक्त सहायिकाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे पूरी निष्ठा एवं समर्पण भाव से अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में सहयोग करें।

मा० विधायक सदर ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में अनुदेशकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वे समाज के बच्चों को शिक्षित करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों एवं अनुदेशकों के सम्मान से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है तथा शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायता मिलती है। मा० विधायक सदर ने सभी अनुदेशकों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी पूरी निष्ठा एवं समर्पण भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं महिला एवं बाल विकास योजनाओं के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। स्मार्ट फोन उपलब्ध कराए जाने से कार्यों में पारदर्शिता आएगी तथा योजनाओं की मॉनिटरिंग एवं लाभार्थियों तक सेवाओं की पहुंच और अधिक प्रभावी होगी।

कार्यक्रम का संचलान एस0एस0 पाण्डेय द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेन्द्र कुमार सहित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, सहायिकाएं, अनुदेशक उपस्थित रहे।

_*दबिश के दौरान 55 लीटर अवैध कच्ची शराब व 250 किलो लहन बरामद कर कराया गया नष्ट, 03 अभियोग पंजीकृत*_

 

रायबरेली जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका के आदेशानुसार, अवैध शराब के निर्माण, बिक्री एवं तस्करी के विरुद्ध जारी प्रवर्तन अभियान के अन्तर्गत जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में, आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-2 रोबिन आर्य मय हमराह द्वारा विभिन्न स्थानों पर दबिश की कार्यवाही की गयी।

टीम द्वारा महराजगंज तहसील के थाना बछरावा अंतर्गत संदिग्ध ग्राम – उफरापुर, ठकुराइनखेड़ा में अवैध कच्ची शराब बनाने के अड्डों/संदिग्ध घरों में दबिश के दौरान जनपद में कुल 55 लीटर अवैध कच्ची शराब एवं 250 किलो लहन बरामद कर लहन को मौके पर नष्ट किया गया एवं 03 अभियोग आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं में पंजीकृत किये गए। जिले में अवैध शराब के निर्माण एव बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु इस तरह की कार्यवाही आगे भी जारी रहेंगी।

#रायबरेली : बिजली विभाग की कछुआ गति से जनता बेहाल,शैलेन्द्र अग्निहोत्री ने दी चेतावनी  ➡️ जनता के दर्द को समझते हुए शैलेन्द्र अग्निहोत्री ने उठाई आवाज….

 

 

सरेनी स्थित विद्युत वितरण उपखंड़ मलकेगांव अंतर्गत क्षेत्र में तेज आंधी,बारिश और चक्रवाती हवाओं के चलते विद्युत पोल और तार क्षतिग्रस्त होने के बाद से कई दिनों से बिजली आपूर्ति ठप पड़ी है।लेकिन मरम्मत कार्य की कछुआ गति ने बिजली विभाग की लापरवाही और उदासीनता को उजागर कर दिया है।भीषण गर्मी में बिजली न होने से क्षेत्र में पानी का संकट भी गहरा गया है।लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं,घरों में अंधेरा पसरा है और आमजन का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है।जनता की पीड़ा को समझते हुए शैलेन्द्र अग्निहोत्री (प्रदेश अध्यक्ष,अखिल भारतीय हिंदू महासभा उत्तर प्रदेश) ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से दूरभाष पर वार्ता कर जल्द बिजली व्यवस्था सुचारू करने का अनुरोध किया,लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।शैलेन्द्र अग्निहोत्री ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली विभाग ने अपनी कछुआ गति छोड़कर अविलंब व्यवस्था बहाल नहीं की,तो वह समस्त क्षेत्रवासियों के साथ धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे,जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।

श्री अग्निहोत्री ने कहा जनता परेशान है,जिम्मेदार कब जागेंगे? साथ ही साथ उन्होंने कहा कि जनता की मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष जारी रहेगा।क्योंकि मेरे लिए जनहित सर्वोपरि है।

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