उद्घाटन के महीनों बाद भी स्वास्थ्य केंद्र पर ताला, इलाज के लिए भटक रहे ग्रामीण
सिद्धार्थनगर। ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भनवापुर अब सवालों के घेरे में है। भवन का उद्घाटन होने के कई महीने बाद भी यहां नियमित स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। केंद्र पर ताला लगे होने की स्थिति सामने आने के बाद आसपास के ग्रामीणों को उपचार के लिए दूसरे स्थानों का रुख करना पड़ रहा है।
बताया गया कि क्षेत्र में पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन काफी जर्जर हो चुका था। इसके बाद नए भवन का निर्माण कराया गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक नए भवन पर करीब 69.50 लाख रुपये की लागत आई और इसी वर्ष फरवरी में इसका उद्घाटन किया गया था।
उद्घाटन के बाद भी शुरू नहीं हुई नियमित सेवा
नए भवन से लोगों को उम्मीद थी कि अब उन्हें गांव के आसपास ही बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी, लेकिन उद्घाटन के बाद भी केंद्र पर नियमित चिकित्सकीय सेवाएं संचालित नहीं हो सकीं। इससे स्वास्थ्य केंद्र की उपयोगिता और विभागीय व्यवस्था को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, केंद्र से जुड़े कुछ कर्मचारी फिलहाल करीब एक किलोमीटर दूर पंचायत भवन में बैठकर ड्यूटी करने को मजबूर हैं। वहीं चिकित्सक की नियमित तैनाती नहीं होने से मरीजों को अपेक्षित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है।
परिसर की व्यवस्था पर भी सवाल
स्वास्थ्य केंद्र के आसपास की व्यवस्थाओं को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं। परिसर का मुख्य गेट क्षतिग्रस्त बताया जा रहा है। प्रसव केंद्र के सामने जलभराव और कीचड़ जैसी समस्या होने की बात भी सामने आई है। इसके अलावा बिजली आपूर्ति और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
स्टाफ के लिए बनाए गए आवास भी लंबे समय से उपयोग में नहीं होने के कारण जर्जर स्थिति में बताए जा रहे हैं।
इलाज के लिए दूसरे केंद्रों पर निर्भर ग्रामीण
स्वास्थ्य केंद्र पर नियमित उपचार उपलब्ध नहीं होने का सीधा असर आसपास के ग्रामीणों पर पड़ रहा है। मरीजों को सामान्य उपचार के लिए भी दूसरे चिकित्सकों या स्वास्थ्य केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है। आपात स्थिति और प्रसव जैसे मामलों में परेशानी और बढ़ सकती है।
ग्रामीणों ने संबंधित स्वास्थ्य विभाग से केंद्र को पूरी क्षमता के साथ संचालित कराने, चिकित्सक की तैनाती करने तथा आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
अधिकारी बोले—जल्द शुरू होगी ओपीडी
मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से केंद्र की स्थिति की जानकारी मिलने की बात कही गई है। विभागीय स्तर पर निरीक्षण कराकर आवश्यक कार्रवाई और चिकित्सक की तैनाती के बाद ओपीडी सेवा शुरू कराने की बात कही गई है।
अब देखना यह है कि उद्घाटन के बाद लंबे समय से बंद पड़े इस स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को नियमित इलाज की सुविधा वास्तव में कब तक मिल पाती है।
FT NEWS DIGITAL | रिपोर्ट
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