जिला बदर आदेश की तामील के लिए बांसी पुलिस पहुंची घर, ताला बंद मिला

मकान पर चस्पा किया गया आदेश, मुनादी कर स्थानीय लोगों को दी गई जानकारी; पुलिस ने निगरानी बढ़ाई

सिद्धार्थनगर। जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर द्वारा जारी जिला बदर आदेश के अनुपालन में कोतवाली बांसी पुलिस ने रविवार को संबंधित व्यक्ति के निवास स्थान पर पहुंचकर तलाश एवं सत्यापन की कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार मौके पर संबंधित व्यक्ति घर पर मौजूद नहीं मिला और मकान पर ताला लगा हुआ था। इसके बाद पुलिस टीम ने नियमानुसार जिला बदर आदेश की प्रति मकान के सहज दृश्य एवं प्रमुख स्थान पर चस्पा की तथा आसपास मुनादी कराकर स्थानीय लोगों को आदेश की जानकारी दी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी नियंत्रण तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिले में जिला बदर आदेशों के अनुपालन का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 27 सितंबर 2026 को कोतवाली बांसी पुलिस ने अरबाज शाह पुत्र मटू उर्फ मोहम्मद इरशाद, निवासी मोहल्ला ईशानगर, थाना कोतवाली बांसी के संबंध में जिला बदर आदेश की तामील की कार्रवाई की।
मकान पर ताला मिला
पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक टीम जब संबंधित व्यक्ति के निवास स्थान पर पहुंची तो वह मौके पर मौजूद नहीं मिला। मकान पर ताला बंद पाया गया। ऐसी स्थिति में पुलिस ने जिला बदर आदेश की प्रति मकान के ऐसे प्रमुख और सहज दृश्य स्थान पर चस्पा की, जहां सामान्य रूप से आने-जाने वाले लोगों को आदेश की जानकारी हो सके।
मुनादी कराकर दी गई जानकारी
पुलिस के अनुसार स्थानीय मोहल्ले तथा मकान के आसपास नियमानुसार मुनादी कराई गई। मौजूद लोगों और स्थानीय जनमानस को बताया गया कि संबंधित व्यक्ति को जिलाधिकारी के आदेश के तहत छह माह की अवधि के लिए जनपद सिद्धार्थनगर की सीमा से जिला बदर किया गया है। इस अवधि में जनपद की सीमा में प्रवेश या निवास नहीं करने संबंधी आदेश की जानकारी भी दी गई।
पुलिस की निगरानी जारी
पुलिस ने बताया कि जिला बदर आदेश के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए संबंधित व्यक्ति की गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि रखी जा रही है। यदि जिला बदर अवधि के दौरान उसकी जनपद में उपस्थिति पाई जाती है, तो आदेश के उल्लंघन के संबंध में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस टीम रही मौजूद
कार्रवाई के दौरान प्रभारी निरीक्षक महेन्द्र प्रताप चतुर्वेदी, उपनिरीक्षक शम्स जावेद खान, उपनिरीक्षक छोटेलाल यादव, आरक्षी मनोज यादव, आरक्षी रितेश सिंह, महिला आरक्षी अंजली यादव और महिला आरक्षी सरिता सहित पुलिस टीम मौजूद रही।
क्या है जिला बदर आदेश?
जिला बदर एक वैधानिक प्रशासनिक कार्रवाई है, जिसके तहत सक्षम प्राधिकारी के आदेश से किसी व्यक्ति को निर्धारित अवधि के लिए संबंधित जिले की सीमा से बाहर रहने का निर्देश दिया जाता है। आदेश की शर्तों का उल्लंघन होने पर संबंधित कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
सारांश
बांसी पुलिस ने जिला बदर आदेश के अनुपालन में संबंधित व्यक्ति के घर पहुंचकर सत्यापन किया। घर पर ताला मिलने के बाद आदेश की प्रति चस्पा की गई और मुनादी के माध्यम से स्थानीय लोगों को आदेश की जानकारी दी गई। पुलिस ने आदेश के अनुपालन को लेकर निगरानी जारी रखने की बात कही है।
FT News Digital टिप्पणी
जिला बदर आदेश की तामील और उसके अनुपालन की निगरानी कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्रक्रिया का हिस्सा है। इस मामले में पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार संबंधित व्यक्ति मौके पर मौजूद नहीं मिला। इसलिए खबर में उसके विरुद्ध किसी अपराध या आरोप को तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है। आगे की स्थिति पुलिस अथवा सक्षम प्रशासनिक प्राधिकारी की आधिकारिक कार्रवाई से स्पष्ट होगी।

