भवानीगंज में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई, तीन अस्पताल सील; जांच केंद्र को नोटिस
सिद्धार्थनगर के भवानीगंज क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान संचालन से जुड़े आवश्यक अभिलेख मौके पर प्रस्तुत न किए जाने पर तीन अस्पतालों को सील कर दिया गया। एक डायग्नोस्टिक सेंटर को भी नोटिस जारी किया गया है। अब संचालकों के जवाब और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
एक नजर में
तीन अस्पतालों पर सीलिंग
दादा हनुमान मेमोरियल हॉस्पिटल • लखनऊ पॉलीक्लीनिक • के. शिफा हेल्थ क्लीनिक
एक जांच केंद्र को नोटिस
श्रेष्ठ डायग्नोस्टिक सेंटर
सारांश
भवानीगंज में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निजी स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान तीन अस्पतालों में आवश्यक संचालन संबंधी अभिलेख मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जा सके। इसके बाद टीम ने सीलिंग की कार्रवाई की। वहीं श्रेष्ठ डायग्नोस्टिक सेंटर को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस दिया गया।
सिद्धार्थनगर। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों के दस्तावेज और निर्धारित मानकों की जांच को लेकर विभाग ने सख्ती दिखाई है। भवानीगंज में हुई जांच के दौरान तीन अस्पतालों पर सीलिंग की कार्रवाई और एक डायग्नोस्टिक सेंटर को नोटिस दिए जाने से क्षेत्र में स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों के संचालन को लेकर विभागीय निगरानी चर्चा में है।
पूरी खबर
भवानीगंज क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम ने अस्पतालों एवं जांच केंद्रों के संचालन की स्थिति परखने के लिए निरीक्षण किया। टीम ने मौके पर प्रतिष्ठानों से संचालन से संबंधित आवश्यक अभिलेख और दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा।
तीन अस्पतालों पर हुई कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान दादा हनुमान मेमोरियल हॉस्पिटल, लखनऊ पॉलीक्लीनिक और के. शिफा हेल्थ क्लीनिक में आवश्यक अभिलेख मौके पर प्रस्तुत नहीं किए जा सके। विभागीय कार्रवाई के तहत तीनों प्रतिष्ठानों को सील किया गया और संबंधित संचालकों को नोटिस देकर आवश्यक दस्तावेज एवं स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
दादा हनुमान मेमोरियल हॉस्पिटल के निरीक्षण के दौरान चिकित्सक की मौके पर मौजूदगी और संचालन संबंधी अभिलेखों की स्थिति भी जांच के दायरे में रही।
लखनऊ पॉलीक्लीनिक पर मौजूद डॉ. इरशाद अहमद से भी आवश्यक दस्तावेज मांगे गए। उपलब्ध न कराए जाने के बाद विभागीय टीम ने सीलिंग की कार्रवाई की।
के. शिफा हेल्थ क्लीनिक में भी आवश्यक कागजात उपलब्ध नहीं कराए जाने के बाद सीलिंग की कार्रवाई की गई।
डायग्नोस्टिक सेंटर को नोटिस
इसी जांच के दौरान श्रेष्ठ डायग्नोस्टिक सेंटर का भी निरीक्षण किया गया। यहां संचालन से संबंधित दस्तावेज मांगे गए, लेकिन मौके पर अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जा सके। विभाग ने सेंटर को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है।
अब दस्तावेजों से तय होगी अगली कार्रवाई
तीन अस्पतालों को सील किए जाने के बाद अब विभागीय कार्रवाई का अगला चरण महत्वपूर्ण है। संबंधित संचालकों को अपने दस्तावेज और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना है। इसके बाद विभाग अभिलेखों का सत्यापन करेगा। सत्यापन के परिणाम के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
टिप्पणी | सीलिंग के बाद असली जांच दस्तावेजों की
यह कार्रवाई केवल सील लगाने तक सीमित नहीं है। अब महत्वपूर्ण यह होगा कि संबंधित प्रतिष्ठानों की ओर से कौन-कौन से अभिलेख प्रस्तुत किए जाते हैं और विभागीय जांच में उनकी स्थिति क्या सामने आती है। इसलिए जब तक सक्षम विभाग की ओर से अंतिम निर्णय न हो, किसी भी प्रतिष्ठान को दोषी या अवैध बताना उचित नहीं होगा।
अब इन सवालों पर नजर
संचालक नोटिस का क्या जवाब देते हैं?
क्या आवश्यक दस्तावेज विभाग के सामने प्रस्तुत किए जाते हैं?
दस्तावेजों के सत्यापन में क्या स्थिति सामने आती है?
स्वास्थ्य विभाग इसके बाद क्या नियमानुसार कार्रवाई करता है?
FT News Digital इस मामले में आगे होने वाली आधिकारिक कार्रवाई और विभागीय निर्णय को तथ्यों के आधार पर सामने रखेगा।
कानूनी रूप से सुरक्षित प्रस्तुति
यह समाचार निरीक्षण और विभागीय कार्रवाई से संबंधित उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है। किसी अस्पताल, डॉक्टर या संचालक को अपराधी, फर्जी या दोषी घोषित नहीं किया गया है। सीलिंग की कार्रवाई के कारण और आगे की स्थिति को संबंधित विभाग के सत्यापन एवं अंतिम निर्णय के संदर्भ में ही प्रस्तुत किया गया है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक जवाब प्राप्त होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।
FT NEWS DIGITAL
सच और… कुछ नहीं

