फरीदाबाद में खुले बोरवेल में गिरी मासूम की मौत, रातभर चला रेस्क्यू भी नहीं बचा सका जान
फरीदाबाद। हरियाणा के फरीदाबाद के सीही गांव में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां खेलते समय एक मासूम बच्ची खुले पड़े बोरवेल में जा गिरी। बच्ची को बाहर निकालने के लिए पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर सर्विस, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें रातभर अभियान में जुटी रहीं। करीब 10 घंटे की मशक्कत के बाद सोमवार तड़के बच्ची को बाहर निकाला गया, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
खेलते समय हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बच्ची सीही गांव में अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान वह खुले पड़े बोरवेल में गिर गई। आसपास मौजूद लोगों को जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई। बच्ची की पहचान नेहा के रूप में बताई गई है। उसके पिता रामदीन मजदूरी का काम करते हैं और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के रहने वाले बताए गए हैं।
पहले सुनाई दे रही थी बच्ची के रोने की आवाज
घटना के बाद मौके पर पहुंचे बचाव दल ने बोरवेल के आसपास रोशनी की व्यवस्था की और कैमरे के जरिए अंदर की स्थिति देखने का प्रयास किया। शुरुआती चरण में बोरवेल के भीतर से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई देने की जानकारी सामने आई थी। इसी के साथ परिवार और बचाव दल की उम्मीद बनी हुई थी कि मासूम को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा।
कई एजेंसियां रेस्क्यू में जुटीं
रेस्क्यू अभियान में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के अलावा हरियाणा पुलिस, फायर सर्विस, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और गाजियाबाद की सिविल डिफेंस टीम भी शामिल रही। एनडीआरएफ के अधिकारी के मुताबिक घटना की सूचना मिलने के बाद टीम रात में मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया गया। ऑक्सीजन पहुंचाने तथा बोरवेल तक पहुंच बनाने के लिए समानांतर खुदाई समेत कई प्रयास किए गए।
बोरवेल की गहराई को लेकर अलग-अलग जानकारी
घटना के शुरुआती अपडेट में बोरवेल की गहराई को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए। कुछ रिपोर्टों में करीब 200 फीट, जबकि बाद की रिपोर्टों में 250 से 300 फीट तक गहराई बताई गई। इसलिए उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर इतना स्पष्ट है कि बच्ची काफी गहराई में फंसी थी। रेस्क्यू के दौरान करीब 200 फीट से अधिक नीचे बच्ची के फंसे होने की जानकारी भी सामने आई।
करीब 10 घंटे बाद बाहर निकाली गई बच्ची
लगातार कई घंटे चले अभियान के बाद सोमवार तड़के करीब 3:50 से 4 बजे के बीच बच्ची को बोरवेल से बाहर निकाला गया। बाहर निकालने के समय बच्ची के शरीर में हलचल नहीं थी। बचाव दल ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
बंद पड़े बोरवेल का ढक्कन हटने की बात सामने आई
इस हादसे के बाद बोरवेल की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यह बोरवेल लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं था और उसके ऊपर पहले ढक्कन लगा हुआ था। परिवार की ओर से बताया गया कि कुछ दिन पहले ढक्कन हट गया था। नगर निगम के एक अधिकारी के अनुसार बोरवेल को करीब 15 साल पहले ढक्कन लगाकर बंद किया गया था और ढक्कन हटने की जानकारी निगम को नहीं मिली थी।
नगर निगम की ओर से मामले की जांच की बात कही गई है। अधिकारी के अनुसार जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने से पहले जांच के निष्कर्ष का इंतजार करना जरूरी है।
पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह
बच्ची को अस्पताल ले जाने के बाद चिकित्सकों ने मृत घोषित किया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक शव का पोस्टमार्टम कराया जाना है। पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट से मौत के कारणों के संबंध में अधिक आधिकारिक जानकारी सामने आ सकेगी।
अब सबसे बड़ा सवाल
यह हादसा बंद और खुले पड़े बोरवेल की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़ा करता है। हालांकि इस मामले में जिम्मेदारी तय करने का अंतिम निर्णय जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल एक परिवार ने अपनी मासूम बेटी को खो दिया है और सीही गांव में मातम का माहौल है।
FT News Digital की अपील: बंद या अनुपयोगी बोरवेल खुले दिखाई दें तो उनके आसपास बच्चों की पहुंच रोकें और तत्काल संबंधित प्रशासनिक विभाग को सूचना दें।

