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साइबर जागरूकता अभियान के तहत लोगों को पुलिस ने किया jagruk

थाना मोहाना जनपद सिद्धार्थनगर मे साईबर जागरूकता अभियान के तहत मोहाना चौराहा पर वर्तमान मे हो रहे पैसो की धोखाधडी/साईबर फ्राड/ व सोशल मीडिया (व्हाट्स एप्प फेसबुक,ट्वीटर जैसे सोशल प्लोटफार्म) पर अनावश्यक रूप से अवैध कमेंट/आपत्तिजनक वीडियो और व्यक्तिगत जानकारियों के दुरूपयोग जैसे अपराधो और साईबर अपराध के प्रति दुकानदारों और नवयुवकों को जागरूक किया गया।

डॉ0 अभिषेक महाजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर के आदेश के क्रम में साईबर अपराध के विरूद्ध चलाये जा रहे साईबर जागरूकता अभियान के अन्तर्गत श्री प्रशान्त कुमार प्रसाद अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर के कुशल पर्यवेक्षण श्री विश्वजीत सौरयान क्षेत्राधिकारी सदर के कुशल निर्देशन श्री जितेन्द्र सिंह थानाध्यक्ष थाना मोहाना जनपद सिद्धार्थनगर के नेतृत्व में साइबर टीम के द्वारा आज दिनांक 11.02.2026 को मोहाना चौराहे पर स्थित दुकानों के दुकानदारों , नवयुवकों , राहगीरों को साईबर जागरूकता अभियान के अन्तर्गत साइबर अपराधों से बचने के सम्बन्ध मे जानकारी दी गयी तथा वर्तमान में हो रहे पैसो की धोखाधडी/साईबर फ्राड व सोशल मीडिया (वाट्सएप , फेसबुक, ट्वीटर-X जैसे सोशल प्लेटफार्म) पर अनावश्यक रूप से अवैध कमेंट/आपत्तिजनक वीडियो और व्यक्तिगत जानकारियों के दुरूपयोग से हो रहे अपराधो के रोकथाम हेतु शासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 1930 और NCRP पोर्टल पर रिपोर्टिंग निर्देशो से अवगत कराया गया व साथ ही शासन द्वारा जारी महिला सम्बन्धी अपराध पर अंकुश लगाने हेतु टोल फ्री हेल्पलाइन जैसे 1090 वुमेन पावर हेल्पलाइन/ यू0पी0 112 पुलिस सहायता हेल्पलाइन/ 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन/ 1098 चाइल्ड केयर हेल्पलाइन/ 108 एम्बुलेंस हेल्पलाइन /102 एम्बुलेंस सेवा (गर्भवती महिलाओं के लिए)/ 101 अग्निशमन हेल्पलाइन/ 1930 साइबर हेल्पलाइन/ 14567 एल्डर हेल्पलाइन से सम्बन्धित सेवाओं से अवगत कराया गया । साथ ही निम्न बिन्दुओं के बारे में भी बताया गया ।

• किसी भी संदिग्ध ईमेल, कॉल या संदेश में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। यदि आवश्यक हो, तो सीधे संगठन की आधिकारिक वेबसाइट से संपर्क करें।

• अत्यधिक आकर्षक ऑफ़र वाले विज्ञापनों या सोशल मीडिया पोस्ट से सावधान रहें।

• अपने सभी डिवाइसों को लॉक, पिन या बायोमेट्रिक सुरक्षा से सुरक्षित करें।

• सभी ऑनलाइन खातों के लिए एक ही पासवर्ड का उपयोग करने से बचें।

• व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी कभी भी किसी अज्ञात फोन कॉल या ईमेल पर साझा न करें।

• अज्ञात स्रोतों से आए लिंक पर क्लिक करने या अटैचमेंट खोलने से बचें।

• अपने सभी उपकरणों पर एंटी-वायरस सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल करें और उसे अपडेट रखें।

• सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सावधानी बरतें।

• ऑनलाइन खरीददारी के लिए केवल सुरक्षित वेबसाइट्स का ही उपयोग करें।

साइबर सेल टीम……..

उ0नि0 राहुल गुप्ता

हे0का0 विनोद भारती

का0 प्रवीन कुमार पाल

का0 धीरज कुमार खरवार

थाना – मोहाना ,जनपद – सिद्धार्थनगर

43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल सिद्धार्थनगर के जवानों ने सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को सुरक्षित अस्पताल पहुचाया

सिद्धार्थनगर। आज दिनांक 11.02.2026 को लगभग समय 0920 बजे 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के कार्मिकों ने मानवता भाव से सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को सुरक्षित जिला अस्पताल सिद्धार्थनगर पहुंचाया। प्रारंभिक जानकारी से ज्ञात हुआ कि सोनवल गाँव के समीप NH-28 सड़क पर दो मोटरसाइकल आपस में टकरा गई, जिसमे एक मोटरसाईकल पर बैठे चालक, एक महिला व एक बालिका को गंभीर चोटें आई। वाहिनी के निरीक्षक/सामान्य संजय कुमार साह के नेतृत्व में वाहिनी कार्मिकों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए वाहिनी एम्बुलेंस से घायल व्यक्तियों को एस०एस० बी० के चिकित्सा कर्मियों की देख-रेख में जिला अस्पताल, सिद्धार्थनगर पहुँचाया जहां चिकित्सकों के द्वारा उनका इलाज किया जा रहा है I घायलों की पहचान सुग्रीव मौर्या पुत्र निमू लाल मौर्या, श्री मति शुभावती पति सुग्रीव मौर्या, राधिका मौर्या पुत्री सुग्रीव मौर्या के रूप में हुई, जो गाँव -कारोदा खालसा तहसिल- इटवा, के निवासी के रूप में की गयी हैं तथा वे लोग दवा लेने हेतु नौगढ़ जा रहे थे।

सशस्त्र सीमा बल की इस त्वरित और संवेदनशील कार्यवाही ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे न केवल सीमाओं की रक्षा करते हैं, बल्कि ‘’सेवा सुरक्षा और बन्धुत्वा’’ के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए सीमा की सुरक्षा के साथ साथ मानवता के दृष्टिकोण से सदैव जरुरतमंदों को सहायता में भी हमेशा तत्पर रहते हैं।

TET अनिवार्यता पर केंद्रीय मंत्री के बयान से भड़के शिक्षक, सिद्धार्थनगर में पुतला दहन और प्रदर्शन

सिद्धार्थनगर: संसद में केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी के लिखित जवाब के बाद वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त बेसिक शिक्षकों में असमंजस और असुरक्षा की भावना गहरा गई है। इस मुद्दे को लेकर जिले में शिक्षकों का आक्रोश खुलकर सामने आया और मामला अब आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है।

बीएसए कार्यालय पर शिक्षकों का प्रदर्शन

बुधवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर बड़ी संख्या में शिक्षक बीएसए कार्यालय पहुंचे। शिक्षकों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री के बयान की प्रतियां जलाकर नाराजगी जताई गई और पुतला दहन भी किया गया।

पुरानी नियुक्तियों पर नई शर्तें स्वीकार नहीं

प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों की नियुक्ति उस समय की निर्धारित शैक्षणिक अर्हताओं के आधार पर हुई थी, जब टीईटी (TET) लागू नहीं था। ऐसे में वर्षों बाद नई अनिवार्यता लागू करना शिक्षकों के अधिकारों और सेवा सुरक्षा के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि लाखों शिक्षकों की नौकरी की स्थिरता और सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय है।

सरकार से जल्द स्पष्टीकरण की मांग

जिला मंत्री योगेंद्र पांडेय ने सरकार से इस मामले में स्पष्ट आदेश जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि पूर्व नियुक्त शिक्षकों को राहत नहीं दी गई तो संगठन वृहद आंदोलन शुरू करेगा। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि अनिश्चितता की स्थिति जारी रही तो प्रदेश स्तर पर बड़ा विरोध किया जाएगा।

एकजुटता के साथ संघर्ष का संकल्प

प्रदर्शन के अंत में शिक्षकों ने एकजुट रहकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। इस मौके पर लालजी यादव, इन्द्रसेन सिंह, शिवाकांत दूबे, सुधाकर मिश्र, करूणेश मौर्य, शैलेंद्र मिश्र, रामशंकर पांडेय, आनंद राय सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे।

असनाई की आग में बुझ गई एक जिंदगी फोन पर विवाद, खेत में मुलाकात और एक वार ने ले ली जान

सिद्धार्थनगर। त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र में कथित प्रेम प्रसंग से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां आपसी विवाद ने एक व्यक्ति की जान ले ली। खेत के पास युवक का शव मिलने के बाद शुरू हुई पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस के अनुसार मामला कथित असनाई, विवाद और गुस्से का परिणाम बताया जा रहा है।

शव मिलने से मचा हड़कंप

जानकारी के अनुसार ग्राम उज्जैनिया निवासी बृजभान चौरसिया 25 जनवरी की शाम घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। परिजनों द्वारा तलाश के बाद 26 जनवरी की सुबह गांव के पूरब स्थित खेत के पास उनका शव मिला।

शरीर पर गंभीर चोट के निशान थे, जिससे हत्या की आशंका जताई गई। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच में सामने आया कथित प्रेम प्रसंग

पुलिस की जांच और पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मृतक का गांव की ही एक महिला से लगातार संपर्क था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों के बीच कथित प्रेम संबंध को लेकर कुछ समय से विवाद और तनाव की स्थिति बनी हुई थी।

घटना वाले दिन भी फोन पर दोनों के बीच कहासुनी होने की बात जांच में सामने आई है।

खेत में हुई मुलाकात, विवाद ने लिया हिंसक रूप

जांच में सामने आया कि घटना की शाम मृतक अपने खेत की ओर गया था। उसी दौरान महिला से उसकी मुलाकात हो गई।

पुलिस के अनुसार, पुराने विवाद और आपसी तनाव के कारण दोनों के बीच तीखी बहस हुई।

बताया जा रहा है कि इसी दौरान महिला ने पास में पड़े सूखे बांस के डंडे से सिर पर वार कर दिया, जिससे मौके पर ही बृजभान की मौत हो गई।

तकनीकी साक्ष्यों से खुली गुत्थी

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में त्रिलोकपुर पुलिस और सर्विलांस टीम ने जांच तेज की।

कॉल डिटेल रिकॉर्ड, स्थानीय पूछताछ और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना से जुड़ी कड़ियां सामने आईं।

महिला गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त डंडा बरामद

पुलिस ने ग्राम उज्जैनिया से एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बांस का डंडा भी बरामद किया गया है।

फिलहाल आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

कानूनी स्थिति

पुलिस द्वारा मामले में गंभीर आपराधिक धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

हालांकि, अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर किया जाएगा।

समाज के लिए संदेश

यह घटना इस बात का संकेत है कि कथित प्रेम संबंध, शक, विवाद और भावनात्मक आवेश यदि समय रहते नियंत्रित न किए जाएं, तो वे न केवल रिश्तों को बल्कि जिंदगियों जीको भी खत्म कर सकते हैं।

एनएच-730 बाइपास निर्माण से जल निकासी बाधित होने की आशंका, जांच के लिए मौके पर पहुंची टीम

उस्का बाजार (सिद्धार्थनगर): सिद्धार्थनगर-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 730 के बाइपास निर्माण कार्य के चलते उस्का बाजार नगर पंचायत के सेखुई वार्ड में जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। मुख्य नाले के अवरुद्ध होने की संभावना को लेकर सभासद पूनम त्रिपाठी द्वारा जिलाधिकारी से शिकायत किए जाने के बाद प्रशासन और निर्माण एजेंसी हरकत में आ गई।

जिलाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार को अधिकारियों की एक टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने सभासद द्वारा जताई गई आशंका को गंभीर मानते हुए समस्या के समाधान के लिए अंडर बाइपास (जल निकासी मार्ग) बनाए जाने का आश्वासन दिया।

सभासद पूनम त्रिपाठी का कहना है कि बाइपास निर्माण के कारण मुख्य जल निकासी नाला बंद होने से बरसात के मौसम में पूरे वार्ड में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित होगा।

आवागमन पर भी पड़ सकता है असर

समस्या केवल जल निकासी तक सीमित नहीं है। बाइपास निर्माण के चलते वार्ड के दो प्रमुख रास्ते भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे वार्ड दो हिस्सों में बंटने की स्थिति बन रही है। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

पुलिया और अंडरपास निर्माण की मांग

सभासद ने जिलाधिकारी से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए पुराने नाले पर पुलिया का निर्माण कराया जाए तथा प्रभावित दोनों मार्गों पर अंडरपास बनाए जाएं, ताकि जल निकासी व्यवस्था सुचारु बनी रहे और लोगों की आवाजाही में कोई बाधा न हो।

स्थानीय लोगों में चिंता

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बारिश के दौरान हालात गंभीर हो सकते हैं। फिलहाल क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

सिद्धार्थनगर में उत्तर प्रदेश राजस्व संग्रह अमीन संघ के लोगों ने अपनी मांग को लेकर किया धरना प्रदर्शन

सिद्धार्थनगर। जिले के कलेक्टेट प्रांगण उत्तर प्रदेश राजस्व संग्रह अमीन संघ के लोगों ने किया धरना प्रदर्शन राजेश कुमार मिश्रा जिलाध्यक्ष ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उपजिलाधिकारी द्वारा एफआईआर दर्ज करा दिया गया। उसके बाद गिरफ्तार नहीं किया गया और उसका रिवॉल्वर लाइसेंसी है जिससे हमारे अमीन सुभाष को मारने के लिए धमकी भी दे रहा है और गिरफ्तार नहीं हो रहा है। इसलिए हम लोग धरना दे रहे हैं। अगर हमारी मांगे नहीं मानी जाती है तो हमारे प्रांतीय अध्यक्ष सर्वेश शर्मा द्वारा वार्ता किया गया है। उनके द्वारा कहा गया अगर दो-तीन दिन के अंदर गिरफ्तार नहीं किया जाता है उसका लाइसेंस निरस्त नहीं होगा तो हमारे पूरे प्रदेश के राजस्व संग्रह अमीन संघ धरना देगा। अभी तक किसी अधिकारी से हमारे द्वारा नहीं बात किया गया। मैं पूर्व में पत्र जारी कर दिया था। दो दिन पहले तहसील द्वारा पत्र जारी हुआ था। वह भी बीत गया और दो दिन के बाद फिर मैं जिलाध्यक्ष के हैसियत से पत्र जारी किया था। उसको एसपी, जिलाधिकारी के यहां पूरे तहसीलों में सभी के यहां मैं भिजवा दिया था। लेकिन उसके बाद भी किसी अधिकारी द्वारा कोई वार्ता नहीं किया गया। इस मौके पर महेश्वर प्रसाद मिश्र ,शिवात्मा प्रसाद ,हरेन्द्र कुमार ,रमेश चन्द्र ,विश्व कुमार मिश्र आदि लोग मौजूद रहे

सुप्रीम कोर्ट के नियमित करने और 17 हजार के फैसले से सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों में खुशी की लहर..बांटी मिठाईयां

सिद्धार्थनगर। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुदेशक शिक्षकों का मानदेय ₹17,000 प्रतिमाह किए जाने के ऐतिहासिक और न्यायपूर्ण निर्णय के बाद जनपद सिद्धार्थनगर में खुशी का माहौल है। वर्षों से चल रहे संघर्ष, धरना-प्रदर्शन और कानूनी लड़ाई के बाद आए इस फैसले को शिक्षकों ने अपने सम्मान और अधिकार की बड़ी जीत बताया है।

वर्षों के संघर्ष का मिला परिणाम

अनुदेशक शिक्षक लंबे समय से मानदेय बढ़ोतरी और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलनरत थे। यह फैसला उनके धैर्य, एकजुटता और निरंतर संघर्ष की जीत माना जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि इस निर्णय से न सिर्फ आर्थिक स्थिति सुधरेगी बल्कि सामाजिक सम्मान भी बढ़ेगा।

जिला अध्यक्ष अनिल पांडेय ने जताया आभार

परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अनिल पांडेय ने कहा कि:

“यह फैसला अनुदेशक शिक्षकों की एकजुटता और संघर्ष का परिणाम है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने शिक्षा से जुड़े हजारों परिवारों को बड़ी राहत दी है।”

उन्होंने न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त किया।

मानदेय वृद्धि सम्मान की जीत:मीडिया प्रभारी

जिला मीडिया प्रभारी सत्यपाल सिंह कौशिक ने कहाकि,

“यह सिर्फ मानदेय बढ़ोतरी नहीं बल्कि सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। यह फैसला अनुदेशक शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करेगा और शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करेगा।”

पदाधिकारियों ने जताई खुशी

महामंत्री रामानंद उपाध्याय और मधुकर मंजुल ने भी फैसले पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।

मिठाई बांटकर मनाई खुशी

इस अवसर पर अनुपम कुंवर, सौम्य सोनकर, रविकांत, बुद्धिराम, विष्णु, दिलीप साहनी, संतोष सिंह, पप्पू सिंह, सत्य मृत्युंजयधर द्विवेदी, अजीजुररहमान सहित कई अनुदेशक शिक्षकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी साझा की।

शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि मानदेय वृद्धि से शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, जिससे प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को स्थिरता मिलेगी।

सिद्धार्थनगर में यूजीसी को लेकर सवर्ण समाज व क्षत्रिय महासभा का व्यापक प्रदर्शन

सिद्धार्थनगर। जनपद में यूजीसी (UGC) से जुड़े मुद्दों को लेकर सवर्ण समाज, क्षत्रिय महासभा, विश्व हिंदू महासंघ, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा व न्याय एक संकल्प संस्थान के बैनर तले व्यापक प्रदर्शन देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों ने एकजुट होकर बीएसए ग्राउंड से रैली निकालते हुए शहर के प्रमुख मार्गों से मार्च किया और कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।

यूजीसी एक्ट वापस लो के लगे नारे

इस दौरान “यूजीसी एक्ट वापस लो”, “समान शिक्षा-सामान अधिकार” और सवर्ण समाज का उत्पीड़न बंद करो” जैसे नारे लगते रहे। भारी भीड़ जुटी रही और अपनी आवाज बुलंद करती रही।

रास्ते भर प्रदर्शनकारी संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य हाथों में तख्तियां व बैनर लिए नजर आए। रैली के दौरान शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन

कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। जिलाधिकारी की ओर से उपजिलाधिकारी शशांक शेखर राय ने ज्ञापन प्राप्त किया।

प्रदर्शनकारियों ने कहां की, “यूजीसी (UGC) एक्ट-2026 में प्रतावित नियम से सवर्ण समाज का उत्पीड़न होगा और सवर्ण समाज के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। उन्होंने कहा कि, यह एक्ट संविधान में निहित समानता के अधिकार का हनन करता है। इस एक्ट द्वारा समाज में वैमनस्यता बढ़ेगा।”

सवर्ण समाज को शिक्षा से वंचित रखने की साजिश

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि, “सर्वण समाज ने आजादी से लेकर राष्ट्र निर्माण तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लेकिन अब इसी समाज को शिक्षा से वंचित करने की साजिश की जा रही है। सवर्ण समाज यह कत्तई बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने सरकार से आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग की।”

एक्ट वापस नहीं तो होगा उग्र आंदोलन

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि, “यदि सरकार इस दमनकारी एक्ट को वापस नहीं लेती है तो सवर्ण समाज इससे भी बड़ा आंदोलन पूरे देश में करेगा।”

इस दौरान बार एसोसिएशन अध्यक्ष व क्षत्रिय महासभा व विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह, कृष्णपाल सिंह, हरेंद्र सिंह, भूप नारायण सिंह, सुधीर पांडेय उर्फ फरसा बाबा, रामकृष्ण पांडेय व बड़ी संख्या में सवर्ण समाज से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

कंपोजिट विद्यालय विशुनपुर में चला कुष्ठ रोग जागरूकता अभियान

सिद्धार्थनगर,खेसरहा। जिले के विकास खंड खेसरहा अंतर्गत कंपोजिट विद्यालय विशुनपुर मुस्तहकम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुष्ठ रोग जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों के माध्यम से समाज में कुष्ठ रोग के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करना और समय पर उपचार के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम के दौरान सीएचसी खेसरहा की एएनएम राजेश श्रीवास्तव ने विद्यालय के बच्चों को कुष्ठ रोग (Leprosy) के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने सरल भाषा में समझाया कि कुष्ठ रोग एक संक्रमणजनित लेकिन पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है और सरकार द्वारा इसका उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।

कुष्ठ रोग के लक्षणों की दी जानकारी

एएनएम ने बच्चों को बताया कि यदि शरीर पर ऐसे सफेद या तांबे रंग के धब्बे दिखाई दें जिनमें सुन्नपन हो, या हाथ-पैरों में झनझनाहट और संवेदना में कमी महसूस हो, तो यह कुष्ठ रोग का प्रारंभिक संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण दिखने पर डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करवानी चाहिए।

भ्रम दूर करने पर जोर

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि कुष्ठ रोग छूने मात्र से नहीं फैलता और मरीजों से भेदभाव करना गलत है। समय पर इलाज मिलने से रोग पूरी तरह ठीक हो जाता है और मरीज सामान्य जीवन जी सकता है।

राजेश श्रीवास्तव ने बच्चों से अपील की कि वे अपने गांव और घर में यदि किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण देखें तो उसे छिपाएं नहीं, बल्कि सीएचसी खेसरहा या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में ले जाकर जांच और इलाज कराएं।

बच्चों ने दिखाई रुचि

विद्यालय के छात्रों ने इस जागरूकता कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वास्थ्य से जुड़े कई प्रश्न भी पूछे। शिक्षकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाते हैं।

स्वास्थ्य विभाग की पहल सराहनीय

स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में कुष्ठ रोग उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जागरूकता के माध्यम से ही इस बीमारी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।

इस दौरान शिक्षक महेश विश्वकर्मा, निर्मल, सुजीता, सत्यपाल, अनुराधा रसोइया शंकर तथा अन्य लोग उपस्थित रहे

धूमधाम से मनी रविदास जयंती

कपिलवस्तु विधानसभा के विकासखंड लोटन अंतर्गत ग्राम सभा हरिगांव में संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती धूमधाम से मनाई गई जिसके मुख्य अतिथि सांसद जगदंबिका पाल रहे। संत रविदास जयंती पर सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि, संत शिरोमणि गुरु रविदास एक महान समाज सुधारक, कवि और ईश्वर के अनन्य भक्त थे उन्होंने समानता, सामाजिक समरसता और मानव जाति की एकता का संदेश दिया उनका एक प्रसिद्ध वाक्य “मन चंगा तो कठौती में गंगा”, उनके द्वारा रचित यह प्रसिद्ध वाक्य मन की पवित्रता को ही सच्ची भक्ति मानता है कार्यक्रम को पूर्व जिला अध्यक्ष लाल जी त्रिपाठी उर्फ लाल बाबा ने भी अपने संबोधन में महान संत रविदास पर अपनी शुभकामनाएं लोगों को दिया तथा कार्यक्रम का संचालन पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजेंद्र पांडे ने किया इस अवसर पर लालबेनी,चंद्रमणि चौरसिया ,रामकुमार, राजेंद्र सीताराम, डॉक्टर नंदकुमार ,रमेश ,अब्दुल सलाम ,कृष्ण चंद्र सिंह ,मोनी सिंह ,मनोज कुमार ,घनश्याम साहनी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे

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