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जनगणना ड्यूटी में मनमानी का आरोप, कर्मियों को 20 किलोमीटर दूर भेजे जाने पर फूटा गुस्सा

विकल्प मांगे गए, लेकिन आवंटन में नहीं दिखी पारदर्शिता।

बांसी, सिद्धार्थनगर। बांसी तहसील क्षेत्र में जनगणना कार्य के लिए लगाए गए प्रगणकों और कर्मचारियों में ड्यूटी आवंटन को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि विभाग ने उनसे एचएलबी (हाउस लिस्टिंग ब्लॉक) के लिए विकल्प तो मांगे, लेकिन अंतिम आवंटन में उनकी पसंद और सुविधा को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। कई कर्मचारियों की ड्यूटी उनके घर से 20 से 25 किलोमीटर दूर लगा दी गई है, जबकि कुछ कर्मियों का पहले से आवंटित एचएलबी अचानक निरस्त कर दिया गया।

खासकर ऐसी महिला कर्मियों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है, जिनके छोटे बच्चे हैं या जिनको कोई ले आने-जाने वाला नहीं है। महिला कर्मियों का कहना है कि, मनचाहा विकल्प चुनने के बाद भी इतनी दूर ड्यूटी लग जाने से हम परेशान हैं, कि इतनी दूर हम ड्यूटी कैसे कर पाएंगे।

“पहले एलॉट किया, फिर निरस्त कर दिया गया।”

प्रगणक सत्यपाल सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें पहले एक एचएलबी (HLB) आवंटित किया गया था, लेकिन बाद में बिना किसी सूचना के उसे हटा दिया गया और अब उनकी स्थिति पेंडिंग में दिखाई जा रही है। उन्होंने आशंका जताई कि अब उन्हें किसी दूरस्थ क्षेत्र में ड्यूटी दी जा सकती है।

वहीं विष्णु वरुण, रबीकांत, संजय चौधरी, निर्मल मौर्या समेत अन्य कर्मियों ने भी कहा कि उन्होंने अपने गांव या आसपास के क्षेत्रों का विकल्प चुना था, लेकिन विभाग ने उन्हें काफी दूर तैनात कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि इससे न सिर्फ आने-जाने में परेशानी होगी, बल्कि समय और आर्थिक बोझ भी बढ़ेगा।

कर्मचारियों ने लगाया मनमानी का आरोप

जनगणना कर्मियों का आरोप है कि बांसी तहसील स्तर पर ड्यूटी निर्धारण में पारदर्शिता नहीं बरती गई। कर्मचारियों का कहना है कि यदि विकल्प लेने की प्रक्रिया अपनाई गई थी, तो उसी के अनुरूप एचएलबी (HLB)आवंटन किया जाना चाहिए था।

कई कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि जिनकी ड्यूटी पहले उनके क्षेत्र या नजदीक लगी थी, उनकी ड्यूटी काटकर दूर स्थानों पर भेज दिया गया या फिर सूची से नाम ही हटा दिया गया।

तहसीलदार से लगाई न्याय की गुहार

नाराज कर्मचारियों ने तहसीलदार बांसी से मांग की है कि ड्यूटी आवंटन प्रक्रिया की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए। कर्मचारियों ने कहा कि जिनका एचएलबी निरस्त किया गया है, उन्हें पुनः वही एचएलबी आवंटित किया जाए और जिन कर्मियों को दूरस्थ क्षेत्रों में भेजा गया है, उन्हें उनके द्वारा चुने गए विकल्पों में से ही क्षेत्र दिया जाए।

कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इसका असर जनगणना कार्य की गति और गुणवत्ता दोनों पर पड़ सकता है।

सिद्धार्थनगर में विकास और सड़क सुरक्षा पर डीएम सख्त, मॉडल स्कूल निर्माण कार्य का किया निरीक्षण

सिद्धार्थनगर, 12 मई 2026। शिवशरणप्पा जीएन ने मंगलवार को मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय, उसका बाजार के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मुख्य भवन, प्रधानाचार्य आवास, स्टाफ आवास, वालवाटिका, डोरमेट्री और मेस सहित विभिन्न निर्माणाधीन भवनों का जायजा लिया।

जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने की। बैठक में डा. अभिषेक महाजन भी मौजूद रहे।

बैठक में जिलाधिकारी ने स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच कराने, बिना पंजीकरण और बिना फिटनेस वाले वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने बिना परमिट चल रहे वाहनों पर कड़ी कार्रवाई करने और ओवरलोडिंग व ओवरस्पीड वाहनों का नियमित चालान करने के निर्देश एआरटीओ को दिए।

जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर वहां साइन बोर्ड, गति सीमा बोर्ड तथा संकेतक बोर्डों की साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने और हाईवे किनारे स्थित विद्यालयों में यातायात जागरूकता अभियान चलाने को कहा।

उन्होंने लोगों से दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, तीन सवारी न बैठाने और चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करने की अपील की। पेट्रोल पंपों पर “नो हेलमेट, नो पेट्रोल” अभियान को सख्ती से लागू कराने तथा रोडवेज चालकों का नियमित नेत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण कराने के भी निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रजत कुमार चौरसिया, अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव, पीडी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता कमल किशोर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सिद्धार्थनगर में धूमधाम से मनी महाराणा प्रताप जयंती

सिद्धार्थनगर। वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक मेवाड़ के महान योद्धा वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती शनिवार को सिद्धार्थनगर मुख्यालय स्थित अम्बेडकर सभागार में भव्य और ऐतिहासिक अंदाज में मनाई गई। कार्यक्रम में सर्व समाज के लोगों की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा सभागार “जय महाराणा”, “जय श्रीराम” और “भारत माता की जय” के नारों से देर तक गूंजता रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत महाराणा प्रताप की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, त्याग और मातृभूमि के प्रति समर्पण को याद करते हुए उन्हें भारतीय इतिहास का सबसे स्वाभिमानी योद्धा बताया।

हल्दीघाटी को पांचवां धाम मानना चाहिए

बार एसोसिएशन अध्यक्ष एडवोकेट अखंड प्रताप सिंह और शिवनाथ चौधरी ने हल्दीघाटी के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हर भारतीय को चार धाम के साथ हल्दीघाटी भी अवश्य जाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि हल्दीघाटी केवल एक युद्धस्थल नहीं बल्कि भारतीय स्वाभिमान की पवित्र भूमि है।

उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का 81 किलो का भाला, उनका युद्ध कौशल और मातृभूमि के लिए समर्पण आज भी लोगों को रोमांचित कर देता है। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने की सबसे अधिक आवश्यकता है।

जिला मुख्यालय पर स्थापित होगी भव्य प्रतिमा:जिला पंचायत अध्यक्ष (प्रo)

पूरा हाल उसे समयत तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा जब जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि उपेंद्र प्रताप सिंह ने घोषणा की, जल्द ही जिला मुख्यालय पर महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी और महाराणा प्रताप छात्रावास का भी निर्माण किया जाएगा।

महाराणा प्रताप राष्ट्र गौरव और हिंदू स्वाभिमान के प्रतीक

रामकृष्ण पाण्डेय ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक राजा नहीं बल्कि राष्ट्र गौरव और हिंदू स्वाभिमान के अमर प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि “जिस योद्धा ने जंगलों में घास की रोटी खाकर जीवन गुजार लिया लेकिन मुगल बादशाह अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है।”

प्राचार्य प्रो. अरविंद सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में युवाओं को महाराणा प्रताप के जीवन चरित्र को पढ़ने और समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि “देश और धर्म की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाला योद्धा कभी इतिहास से मिट नहीं सकता। महाराणा प्रताप भारत की आत्मा हैं।”

सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में मनाई गई जयंती

कार्यक्रम में राजकुमार सिंह उर्फ राजू शाही, कुँवर आनंद सिंह, सौरभ पाल सिंह, दिवाकर विक्रम सिंह, पूर्व विधायक अनिल सिंह, माधव सिंह, उपेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजू सिंह, फते बहादुर सिंह, कृष्णपाल सिंह, विक्रांत सिंह विक्कू, अमर नाथ सिंह, कैलाश नाथ दुबे, प्रदीप वर्मा, दिलीप सिंह, शत्रुजीत सिंह, योगेंद्र सिंह, मुरारी सिंह सहित दो सौ से अधिक लोग मौजूद रहे।

क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष भूपनारायण सिंह उर्फ राजन सिंह की अध्यक्षता तथा महामंत्री हरेंद्र बहादुर सिंह के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में विकास सिंह हाड़ा, राजवंत सिंह, केपी सिंह, ओपी सिंह, कौशलेन्द्र त्रिपाठी, करण सिंह, कृपा शंकर त्रिपाठी, हरिशंकर सिंह, अष्टभुजा सिंह श्रीनेत, शिवम सिंह, विपलव दुबे, विनय शर्मा और बीरेंद्र सिंह सहित दर्जनों वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के जीवन पर अपने विचार रखे।

युवाओं से की गई राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान अपनाने की अपील

वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि आज की युवा पीढ़ी को मोबाइल और आधुनिकता की चकाचौंध से निकलकर इतिहास के महानायकों से प्रेरणा लेने की जरूरत है। महाराणा प्रताप का जीवन त्याग, संघर्ष और राष्ट्रप्रेम का जीवंत उदाहरण है।

कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों ने महाराणा प्रताप की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और “जय महाराणा” के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का चेक वितरण का सिद्धार्थनगर में लाइव प्रसारण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोरखपुर से शिक्षामित्रों के सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सिद्धार्थनगर के लोहिया कला भवन में देखा गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम में सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक जय प्रताप सिंह, श्यामधनी राही, विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह मौजूद रहे।

सभी अतिथियों ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

शिक्षामित्रों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बताया कि पहले शिक्षामित्रों को ₹3500 मानदेय मिलता था, जिसे पहले बढ़ाकर ₹10,000 किया गया और अब ₹8000 की बढ़ोतरी के साथ ₹18,000 प्रति माह कर दिया गया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल से लागू कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

महिला शिक्षामित्रों को मिलेगी नजदीकी तैनाती

मुख्यमंत्री ने महिला शिक्षामित्रों के लिए राहत की बात करते हुए कहा कि उन्हें उनके घर के नजदीक विद्यालयों में तैनाती देने की दिशा में सरकार काम कर रही है। इससे उनकी कार्यक्षमता और सुविधा दोनों बढ़ेगी।

गुणवत्तापूर्ण और डिजिटल शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे सकारात्मक सोच के साथ बच्चों को डिजिटल और तकनीकी शिक्षा दें। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं, इसलिए शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

स्कूल चलो अभियान’ से ड्रॉपआउट खत्म करने का लक्ष्य

प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार

सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा के स्कूलों में स्मार्ट क्लास, फर्नीचर, पेयजल, शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, किताबें, जूते-मोजे और बैग दिए जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम हो।

जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं

सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें पूरी निष्ठा से कार्य करना चाहिए।

विधायक जय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों की भूमिका ग्रामीण शिक्षा में बेहद महत्वपूर्ण है।

अन्य विधायकों ने भी इस निर्णय को सराहनीय बताते हुए शिक्षामित्रों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की अपील की।

प्रतीकात्मक चेक वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम

कार्यक्रम के दौरान 10 शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक वितरित किया गया।

बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चों ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग दिया।

अधिकारियों का संदेश

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने शिक्षकों से समय पर विद्यालय पहुंचने और एआई जैसी नई तकनीकों की जानकारी बच्चों को देने की अपील की। उन्होंने सभी शिक्षामित्रों को बधाई दी।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

इस दौरान सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षामित्र एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का चेक वितरण का सिद्धार्थनगर में लाइव प्रसारण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोरखपुर से शिक्षामित्रों के सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सिद्धार्थनगर के लोहिया कला भवन में देखा गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम में सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक जय प्रताप सिंह, श्यामधनी राही, विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह मौजूद रहे।

सभी अतिथियों ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

शिक्षामित्रों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बताया कि पहले शिक्षामित्रों को ₹3500 मानदेय मिलता था, जिसे पहले बढ़ाकर ₹10,000 किया गया और अब ₹8000 की बढ़ोतरी के साथ ₹18,000 प्रति माह कर दिया गया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल से लागू कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

महिला शिक्षामित्रों को मिलेगी नजदीकी तैनाती

मुख्यमंत्री ने महिला शिक्षामित्रों के लिए राहत की बात करते हुए कहा कि उन्हें उनके घर के नजदीक विद्यालयों में तैनाती देने की दिशा में सरकार काम कर रही है। इससे उनकी कार्यक्षमता और सुविधा दोनों बढ़ेगी।

गुणवत्तापूर्ण और डिजिटल शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे सकारात्मक सोच के साथ बच्चों को डिजिटल और तकनीकी शिक्षा दें। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं, इसलिए शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

स्कूल चलो अभियान’ से ड्रॉपआउट खत्म करने का लक्ष्य

प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार

सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा के स्कूलों में स्मार्ट क्लास, फर्नीचर, पेयजल, शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, किताबें, जूते-मोजे और बैग दिए जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम हो।

जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं

सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें पूरी निष्ठा से कार्य करना चाहिए।

विधायक जय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों की भूमिका ग्रामीण शिक्षा में बेहद महत्वपूर्ण है।

अन्य विधायकों ने भी इस निर्णय को सराहनीय बताते हुए शिक्षामित्रों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की अपील की।

प्रतीकात्मक चेक वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम

कार्यक्रम के दौरान 10 शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक वितरित किया गया।

बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चों ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग दिया।

अधिकारियों का संदेश

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने शिक्षकों से समय पर विद्यालय पहुंचने और एआई जैसी नई तकनीकों की जानकारी बच्चों को देने की अपील की। उन्होंने सभी शिक्षामित्रों को बधाई दी।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

इस दौरान सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षामित्र एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

SSB जवानों ने नशीली दवाई सहित एक व्यक्ति को पकड़ा

दिनांक 24.04.2026 को 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के सीमा चौकी ककरहवा और पुलिस के जवानों ने संयुक्त तलाशी के दौरान नशीली दवाओं के साथ एक व्यक्ति को पकड़ा I दैनिक प्रचालन गतिविधि के तहत सीमा चौकी ककरहवा और पुलिस चौकी ककरहवा की संयुक्त दल सीमा स्तंभ संख्या 544 के समीप चेक पोस्ट ककरहवा पर तैनात थे और आवागमन कर रहे लोगों की गहन जाँच किया जा रहा था इसी दौरान एक व्यक्ति भारत से नेपाल की ओर जा रहा था I संदेह के आधार पर चेक पोस्ट पर तैनात संयुक्त दल द्वारा उसको रोककर उसके सामान की तलाशी लिया जा रहा था तो वह घबरा गया और उसने बताया कि उसकी पैंट की जेब में नशीली दवा है I ड्यूटी दल द्वारा समवाय कमांडर को सूचित कर मौके पर राजपत्रित अधिकारी को बुलाया गया और उनकी उपस्थिति में उस व्यक्ति की तलाशी ली गई जिसमें उसके पास से प्रॉक्सिमो स्पास 240 टैबलेट (Proxiohm Spas) नशीली दवा बरामद हुआ I पूछ- ताछ करने पर उक्त व्यक्ति ने अपना नाम गोविन्द प्रसाद तेली, उम्र- 29 वर्ष, पुत्र- राजेन्द्र प्रसाद तेली, ग्राम- तरकुलहा, थाना- लुंबिनी, जिला- रूपंदेही नेपाल बताया I और बताया कि वह यह दवा नुनहवां से किसी अज्ञात व्यक्ति से लिया है और खुद ही इसका नशे के रूप में प्रयोग करता है I संयुक्त दल द्वारा सभी दवाओं को जब्त कर व्यक्ति सहित पुलिस थाना मोहना को सुपुर्द कर दिया गया।

भारत-नेपाल सीमा पर होने वाली तस्करी और अन्य अपराधों की रोकथाम के लिए प्रचालन गतिविधियों द्वारा 43वी वाहिनी एस.एस.बी निरन्तर प्रयासरत है जिसके फलस्वरूप एस.एस.बी द्वारा लगातार भारत –नेपाल सीमा पर अवैध रूप से हो रही तस्करी के सामान,मानव तस्करी,नशीली दवा, अवैध मुद्रा व वन्य जीव और उत्पाद को जब्त किया जा रहा है तथा उसमे सम्बंधित लिप्त व्यक्तियों पर आवश्यक क़ानूनी कार्यवाही की जा रही है l

जनगणना प्रशिक्षण में लगे कर्मियों को राहत, आईकार्ड दिखाकर मिलेगा तुरंत पेट्रोल

सिद्धार्थनगर। जनगणना को लेकर कल से जिले में शुरू हो रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम के बीच प्रशासन ने बड़ी राहत भरी व्यवस्था लागू की है। अब प्रशिक्षण में ड्यूटी पर लगे शिक्षक, शिक्षा मित्र, अनुदेशक और अन्य कर्मचारी पेट्रोल पंपों पर बिना लंबी लाइन में लगे आसानी से पेट्रोल ले सकेंगे।

भीड़ और लंबी लाइनों से मिली राहत

जिले के पेट्रोल पंपों पर इन दिनों भारी भीड़ और लंबी कतारों की समस्या सामने आ रही है। ऐसे में समय पर प्रशिक्षण स्थल पहुंचना कर्मचारियों के लिए चुनौती बन गया था। इस परेशानी को देखते हुए जिला पूर्ति अधिकारी ने यह अहम फैसला लिया है।

आईकार्ड दिखाना होगा जरूरी

नई व्यवस्था के तहत जिन कर्मचारियों की ड्यूटी प्रशिक्षण में लगी है, वे पेट्रोल पंप पर आईकार्ड दिखाकर प्राथमिकता के आधार पर पेट्रोल, डीजल व सीएनजी ले सकेंगे। इससे उन्हें घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

समय पर प्रशिक्षण में पहुंचना होगा आसान

प्रशासन का कहना है कि इस फैसले का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी कर्मचारी देर से प्रशिक्षण में न पहुंचे। समय पर उपस्थिति से प्रशिक्षण कार्यक्रम भी सुचारू रूप से संचालित हो सकेगा।

प्रशासन का सराहनीय कदम

जिला प्रशासन का यह कदम कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि कामकाज में भी तेजी आएगी।

गायब बालक बरामद हुआ

डॉ0 अभिषेक महाजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद सिद्धार्थनगर के आदेश के क्रम में, प्रशान्त कुमार प्रसाद अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर के कुशल निर्देशन में, विश्वजीत सौरयान क्षेत्राधिकारी सदर के कुशल पर्यवेक्षण में जितेन्द्र सिंह थानाध्यक्ष मोहाना के नेतृत्व में चौकी ककरहवा पर राधेश्याम ग्राम बभनी थाना लुंबिनी जिला रूपनदेही राष्ट्र नेपाल द्वारा सूचना दिया गया कि आज दिनांक 17/04/2026 को एक बालक जो घर से अपने बाबा के साथ ककरहवा बाजार में आया था कि गुम हो गया । इस सूचना पर तत्काल चौकी इंचार्ज ककरहवा थाना मोहाना मय फोर्स द्वारा तत्परता से कार्यवाही करते हुए बालक को सकुशल बरामद किया गया । बालक के परिजनो को बुला कर बालक को परिजन को सुपुर्द किया गया । परिजनों द्वारा थाना मोहाना पुलिस की भूरि भूरि प्रशंसा की गई और धन्यवाद ज्ञापित किया गया ।

परशुराम जयंती पर निकली शोभायात्रा

सिद्धार्थनगर/डुमरियागंज।सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा परसपुर बहेरिया में भगवान श्री परशुराम जी की जन्म जयंती के शुभ अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकालकर उत्साह एवं श्रद्धा के साथ समारोहपूर्वक मनाया गया। इस पावन अवसर पर डुमरियागंज के लोकप्रिय सांसद माननीय श्री जगदंबिका पाल जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री परशुराम जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत शोभायात्रा का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, युवा एवं क्षेत्रीय नागरिक पारंपरिक वेशभूषा में सम्मिलित हुए। शोभायात्रा पूरे ग्राम क्षेत्र में भ्रमण करते हुए भक्ति एवं उत्साह का संदेश प्रसारित करती रही। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत एवं पुष्पवर्षा की गई, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय एवं उत्सवमय हो गया।

इस अवसर पर माननीय सांसद श्री जगदंबिका पाल जी ने अपने संबोधन में भगवान परशुराम जी के जीवन एवं आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन हमें धर्म, सत्य, साहस और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में एकता, भाईचारा और सांस्कृतिक जागरूकता को मजबूत करते हैं।

माननीय सांसद जी ने आयोजन समिति एवं ग्रामवासियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन हमारी समृद्ध परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं तथा नई पीढ़ी को अपने संस्कारों से जोड़ने का कार्य करते हैं।

कार्यक्रम में सच्चिदानंद पांडे, लव कुश पांडे, अरुण शुक्ला, महेंद्र शुक्ला, दुर्गेश पांडे, विश्वनाथ पांडे, दीनानाथ दुबे, मकसूदन पांडे, दिलीप पांडे, राजेश पांडे सहित सैंकड़ों की की संख्या में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, युवा एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।

सिद्धार्थनगर सहित पूरे यूपी के विद्यालयों में समय बदला, अब नए समय से खुलेंगे विद्यालय

उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी और लू (हीट वेव) को देखते हुए बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशों के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है, ताकि बच्चों को तेज धूप और गर्मी से बचाया जा सके।

सुबह 7.30 बजे खुलेगा स्कूल

अब प्रदेश के सभी परिषदीय (सरकारी) स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक चलेंगे।

छात्र-छात्राएं सुबह 7:30 से 12:30 बजे तक स्कूल में रहेंगे

शिक्षक और कर्मचारी 1:30 बजे तक स्कूल में मौजूद रहेंगे

प्रार्थना सभा और योग: 7:30 से 7:40 बजे तक

मध्यावकाश (लंच ब्रेक): 10:00 से 10:15 बजे तक

इस बदलाव का मकसद है कि पढ़ाई का समय सुबह की ठंडी अवधि में पूरा हो सके और बच्चों को लू से बचाया जा सके।

प्राइवेट (मान्यता प्राप्त) स्कूलों को भी इस स्थिति को देखते हुए अपने स्तर पर निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। उनकी प्रबंधन समितियां जरूरत के अनुसार समय तय कर सकती हैं।

शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

प्रदेश में तापमान लगातार बढ़ रहा है और दोपहर में लू का प्रकोप तेज हो जाता है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है।

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